प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का एक और वीडियो इंस्टाग्राम पर आ गया. 31 जुलाई को PM मोदी ने हफ्ते भर में तीसरी बार इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट की. उन्होंने कहा कि उन्होंने उन स्टूडेंट्स को माफ कर दिया, जिन्होंने प्रोटेस्ट के दौरान उनके खिलाफ गाली-गलौज की थी. इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने उनसे पूछा कि क्या सरकार प्रोटेस्ट करने वालों के खिलाफ दर्ज केस भी वापस लेगी? दिपके ने PM मोदी के इंस्टाग्राम वीडियो पर कमेंट किया.
इंस्टा पर आकर PM मोदी ने छात्रों को 'माफ' किया, अभिजीत दिपके ने पूछा, 'केस भी वापस लेंगे?'
PM मोदी ने जो वीडियो पोस्ट किया, वो एक सेल्फी-स्टाइल वाला वीडियो था. वीडियो में संशोधित एंटी-पेपर लीक बिल के पास होने की तारीफ़ की गई. इस बिल में पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान है. लेकिन अभिजीत दिपके ने वीडियो पर चुटीले अंदाज में कॉमेंट किया.

कॉमेंट में दिपके ने लिखा,
सिर्फ रील पर ही माफ करोगे या केस भी वापस लोगे?

Gen Z तक पहुंचने के लिए इंस्टाग्राम PM मोदी का पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन गया है. अपनी लेटेस्ट पोस्ट में उन्होंने उन वायरल वीडियोज पर बात की, जिनमें उनके खिलाफ़ गाली-गलौज और आपत्तिजनक बातें की जा रही हैं. यह वीडियो तब सामने आया, जब नोएडा की एक स्टूडेंट पर प्रोटेस्ट के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ़ गाली-गलौज वाली बातें करने के लिए केस दर्ज हुआ है. PM मोदी ने वीडियो में कहा,
वीडियो का फ्रेम सेल्फी स्टाइल मेंकुछ युवाओं ने गंदी गालियां दीं. ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया जो एक सभ्य समाज को शोभा नहीं देता. मुझे पर्सनली गालियां दी गईं, और मेरी गुज़र चुकी मां को भी बुरी तरह बेइज्जत किया गया. गालियों से कभी कुछ हल नहीं होता. उन्हें सज़ा देना, कोर्ट की कार्रवाई में घसीटना, या उन्हें परेशान करना, इन सबसे स्थिति नहीं बदलेगी. मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं... चलिए गुमराह लोगों को रास्ता दिखाते हैं.
PM मोदी ने जो वीडियो पोस्ट किया, वो एक सेल्फी-स्टाइल वाला वीडियो था. वीडियो में संशोधित एंटी-पेपर लीक बिल के पास होने की तारीफ़ की गई. इस बिल में पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान है. लेकिन अभिजीत दिपके ने वीडियो पर चुटीले अंदाज में कॉमेंट किया. दिपके ने लिखा,
छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले पर टकरावआपकी स्किन देश के भविष्य से ज़्यादा चमकदार है.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के एक हफ़्ते बाद भी बवाल शांत नहीं हुआ है. प्रदर्शन करने वाले छात्रों के ख़िलाफ़ दर्ज मामले CJP और सरकार के बीच टकराव का नया मुद्दा बन गए हैं. दिपके और CJP नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों को परेशान किया जा रहा है. साथ ही उन्हें गिरफ़्तारी की धमकी दी जा रही है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिपके ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया तो और भी बड़ा प्रदर्शन होगा.
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हालांकि कई राज्यों ने छात्रों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR वापस ले ली हैं. लेकिन आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों पर कार्रवाई जारी है. यह सब सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद हो रहा है जिसमें राज्यों से कहा गया है कि वे सभी नाबालिगों और बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को रिहा करें.
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