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पीएचडी की डिग्री और एक बच्चे की मां, सीता कालीरमन ने कैसे जीता ब्रॉन्ज मेडल?

CWG 2026: भारतीय एथलीट सीमा कालीरमन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को मेडल दिलाने में सफल रहीं. उन्होंने विमेंस डिस्कस थ्रो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता. सीमा ने 58.65 मीटर का थ्रो करके तीसरा स्थान हासिल किया.

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सीमा कालीरमन ने डिस्कस थ्रो में जीता ब्रॉन्ज मेडल (फोेटो- Reuters)

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  • भारत की महिला डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 58.65 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता जो भारत का इस इवेंट में नौवां महिला मेडल है।
  • सीमा कालीरमन तीन साल की मां हैं जिन्होंने खेल में वापसी के लिए अपने पति और कोच रविंदर से ट्रेनिंग और मेंटरिंग ली, जिससे उन्होंने अपनी ताकत और तकनीक में सुधार किया।
  • ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद सीमा ने खेल और शिक्षा दोनों में संतुलन बनाते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की योजना बनाई है, जबकि भारत ने खेल में अब तक कुल 17 मेडल हासिल किए हैं।

भारत की महिला डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन (Seema Kaliramna) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने 30 जुलाई को देर रात स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में आयोजित विमेंस डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता. सीमा ने 58.65 मीटर का थ्रो करके तीसरी पोजीशन हासिल की. उन्होंने अपने तीसरे अटैम्प्ट में यह दूरी तय की. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यह भारत का 17वां मेडल है.

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सीमा ने तीसरे अटैम्प्ट में किया बेस्ट थ्रो

विमेंस डिस्कस थ्रो इवेंट में सीमा कालीरमन की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उनका पहला थ्रो शॉट पुट एरिया में फ्रेम से टकरा गया. फिर, उन्होंने दूसरे प्रयास में कमबैक करते हुए 57.32 मीटर का थ्रो किया. इसके बाद उन्होंने अपने थ्रो को और बेहतर करते हुए, तीसरे अटैम्प्ट में 58.65 मीटर का थ्रो किया. सीमा ने इस इवेंट में तीसरे नंबर पर रहते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता.

मां बनने के बाद दमदार वापसी

सीमा कालीरमन की कहानी स्ट्रगल और कमबैक की मिसाल है. डिस्कस थ्रो में उनका सफर बहुत आसान नहीं रहा. हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली 27 साल की सीमा 3 साल के बच्चे की मां हैं. अगस्त 2022 में बेटे रुद्र का जन्म हुआ था. सीमा ने पिछले साल नेशनल गेम्स में वापसी की थी. उनके लिए कमबैक करना आसान नहीं था.  

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मेडल जीतने के बाद सीमा ने कहा, 

 'मैदान पर वापसी करना बहुत मुश्किल था क्योंकि मैं ठीक से डिस्कस भी नहीं फेंक पा रही थी. मगर, मुझे लगता है कि मेरे पति से मिले मोटिवेशन और उनकी मेंटरिंग ने मुझे अपनी सामान्य ताकत वापस पाने और फिर उसमें और सुधार करने में मदद की.'

सीमा के पति रविंदर खुद उनके कोच हैं. अपने पति की ट्रेनिंग और देखरेख में उन्होंने पुरानी लय हासिल की. रविंदर नेशनल लेवल के डिस्कस थ्रोअर रह चुके हैं.

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पीएचडी कर चुकी हैं सीमा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा कालीरमन खेल के अलावा पढाई में भी अव्वल रही हैं. वह फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी होल्डर हैं. उन्होंने बंशीलाल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है. सीमा ने खेल और शिक्षा के बीच बैलेंस बनाते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतकर नया मुकाम हासिल किया. कॉमनवेल्थ गेम्स की हिस्ट्री में यह भारत का महिला डिस्कस थ्रो में नौवां मेडल है.

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सामंथा हॉल ने जीता गोल्ड

महिलाओं के इस इवेंट का गोल्ड मेडल जमैका की सामंथा हॉल ने जीता. उन्होंने 61.66 मीटर का थ्रो किया. सिल्वर मेडल कनाडा की जूलिया टंक्स के नाम रहा. जूलिया ने 60.67 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक 17 मेडल जीते हैं. इन 17 मेडल में 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.

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