8 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में वापसी कर रहे नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया. लेकिन, इससे भी खास बात यह है कि वह इस बार पोडियम पर अकेले भारतीय नहीं थे. उनके अलावा, भारत के यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने काम किया. गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश पथिरागे के नाम रहा, जो इस पूरे सीजन में कमाल के फॉर्म में थे.
नीरज ने सिल्वर जीता, पोडियम पर पहुंचे यशवीर, अरशद नदीम टॉप 8 से भी बाहर
CWG 2026 : ग्लासगो की ठंड और हवा के बीच खिलाड़ियों को काफी मुश्किल हो रही थी. यहां गेम पावर से हटकर टेक्नीक पर रहा, और श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने बाजी मारी, लेकिन उनके अलावा पोडियम पर बाकी दोनों जगह भारतीयों के नाम रही.

जैवलिन थ्रो इवेंट में सबसे बड़ा उलटफेर ओलंपिक चैंपियन और पाकिस्तान के अरशद नदीम के रूप में दिखा. नदीम इवेंट के फाइनल 8 में भी जगह नहीं बना सके. वह मौजूदा चैंपियन के तौर पर उतरे थे.
पथिरागे ने जीता गोल्डग्लासगो की ठंड और हवा के बीच खिलाड़ियों को काफी मुश्किल हो रही थी. यहां गेम पावर से हटकर टेक्नीक पर निर्भर था. पथिरागे ने बाजी मार ली. पथिरागे ने अपने दूसरे थ्रो में 89.75 मीटर का थ्रो किया. इसके अलावा, उनके बाकी सारे थ्रो फाउल रहे. आपको बता दें कि पथिरागे इस सीजन में बेस्ट थ्रोअर रहे हैं.
भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. उन्होंने 80.97 के थ्रो के साथ शुरुआत की. दूसरे थ्रो में उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो किया. वहीं तीसरे में 81.29. तीन थ्रो के बाद आखिरी के चार खिलाड़ी फाइनल की रेस से बाहर हो गए.
हालांकि, भारत के तीनों एथलीट नीरज चोपड़ा, रोहित यादव, यशवीर सिंह ने अंतिम 8 में जगह बनाई. ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम 80 मीटर का मार्क भी क्रॉस नहीं कर सके. वो 9वें स्थान पर रहे. पहले ब्रेक के बाद नीरज ने चौथे अटेंप्ट में 80.73 मीटर का थ्रो किया. उनके आखिरी दो थ्रो फाउल रहे.
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आखिरी के तीन थ्रो में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. छठे थ्रो तक यह लगभग तय दिख रहा था कि गोल्ड पथिरागे और सिल्वर नीरज के नाम होगा. ब्रॉन्ज के लिए साउथ अफ्रीका के डो स्मिट और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स के बीच प्रतियोगिता दिख रही थी.
यशवीर सिंह तब तक 7वें पोजिशन पर चल रहे थे. लेकिन, अपने आखिरी अटेंप्ट में उन्होंने 85.41 मीटर का थ्रो फेंका और सबको हैरान कर दिया. इसी थ्रो ने उन्हें ब्रॉन्ज मेडल तक पहुंचाया. यह यशवीर का पर्सनल बेस्ट थ्रो भी है. नीरज को भी अपने दूसरे थ्रो के चलते ही सिल्वर मेडल मिला. रोहित यादव 81.56 मीटर के थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे.
यशवीर का कमाल का थ्रोयशवीर की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी. उनका पहला ही थ्रो फाउल हो गया था. उनका दूसरा थ्रो लेजिटिमेट था. इसमें उन्होंने 78.55 मीटर का थ्रो किया. तीसरे थ्रो में उन्होंने 81.33 मीटर की दूरी तय की. इसके बाद चौथा थ्रो एक बार फिर फाउल रहा.
पांचवें थ्रो में उन्होंने 76.95 मीटर का थ्रो किया तो लगा शायद नीरज भारत से अकेले मेडलिस्ट होंगे. लेकिन, इसके बाद आया यशवीर का आखिरी और सबसे अहम थ्रो. अपने छठे और आखिरी थ्रो में उन्होंने 85.41 मीटर की दूरी तय की और ब्रॉन्ज पक्का कर लिया.
तीसरे भारतीय एथलीट रोहित यादव ने भी टॉप 8 में जगह बनाई. उन्होंने पहले अटेंप्ट में 77.50 मीटर का थ्रो फेंका. दूसरा और तीसरा थ्रो फाउल रहा. उनका चौथा अटेंप्ट 73.70 मीटर का रहा. पांचवां थ्रो फिर फाउल रहा. आखिरी प्रयास में उन्होंने भी पूरा जोर लगाया, लेकिन उनका भाला 79.55 मीटर तक ही गया.
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