होस्ट अमेरिका की फुटबॉल टीम (USMNT) के लिए FIFA World Cup 2026 अब तक सटीक रहा है. टीम ने राउंड ऑफ 32 में बोस्निया एंड हर्जेगोविना को हराकर अगले राउंड में जगह पक्की कर ली है. लेकिन इसी मैच में टीम को एक झटका भी लगा. 24 साल के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को दूसरे हाफ में सीधा रेड कार्ड दिया गया. जिसके बाद टीम सिर्फ 10 प्लेयर्स के साथ खेली. बालोगुन अब राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे. क्या वो इसको लेकर FIFA में अपील कर सकते हैं? इस बारे में नियम क्या कहते हैं, ये जानने से पहले आपको बताते हैं कि हुआ क्या था?
फोलारिन बालोगुन अगले मैच से बाहर, क्या रेड कार्ड की अपील हो सकती है?
रेफरी ने कहा कि Folarin Balogun ने "सीरियस फाउल" किया. हालांकि कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये इंटेंशनल नहीं लग रहा था. बल्कि अनफॉर्चुनेट तरीके से पैर फिसल गया.


मैच के 61वें मिनट में अमेरिका 1-0 से लीड कर रहा था. बालोगुन ने ही 45वें मिनट में टीम को गोल करके बढ़त दिलाई थी. 61वें मिनट में एंटोनी रॉबिन्सन ने लेफ्ट साइड से बॉल ऊपर भेजी. बालोगुन ने बॉडी पोजीशन बनाने की कोशिश की. लेकिन उनके पैर बोस्निया के डिफेंडर तारिक मुहरेमोविक की टांग पर पड़ गए. स्लो मोशन रीप्ले में ये काफी खतरनाक लग रहा था.
रेफरी राफेल क्लॉस ने VAR की सलाह ली. पिचसाइड मॉनिटर पर रिव्यू किया गया. और फैसला लिया कि ये "सीरियस फाउल" है. बालोगुन को सीधा रेड कार्ड दिखा दिया गया. इस डिसीजन से बालोगुन काफी नाराज थे.
फुटबॉल के नियम IFAB बनाता है. माने, इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड. IFAB के नियम कहते हैं कि अगर कोई टैकल या चैलेंज प्लेयर की सुरक्षा को खतरे में डालता है, या बहुत ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया गया हो, तो उसे सीरियस फाउल प्ले माना जाता है. दोनों पैरों से टैकल करना या एक्सेसिव फोर्स यूज करना रेड कार्ड का कारण बन सकता है.
FIFA का आर्टिकल 10.5 कहता है,
“अगर किसी खिलाड़ी या टीम अधिकारी को रेड कार्ड (चाहे सीधा रेड कार्ड हो या दूसरा येलो कार्ड) दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया जाता है, तो वो खिलाड़ी या अधिकारी अपनी टीम के अगले मैच में अपने आप सस्पेंड हो जाएगा. इसके अलावा, और भी सजा दी जा सकती है.”
रेफरी ने कहा कि बालोगुन ने "सीरियस फाउल" किया. हालांकि कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये इंटेंशनल नहीं लग रहा था. बल्कि अनफॉर्चुनेट तरीके से पैर फिसल गया. लेकिन VAR और स्लो मोशन में ये खतरनाक दिखा. मुहरेमोविक का एंकल मुड़ गया और वो दर्द से चिल्ला रहे थे.
न्यूयॉर्क टाइम्स में पूर्व प्रीमियर लीग रेफरी ग्राहम स्कॉट ने इसको डिकोड किया. उन्होंने कहा कि VAR आने के बाद से पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट पर ज्यादा फोकस होता है. स्लो मोशन में छोटी-छोटी चीजें भी बहुत बुरी दिखती हैं. पहले ऐसे टैकल पर येलो कार्ड होता था. लेकिन अब रेड कार्ड आम हो गया है. उन्होंने बताया कि बालोगुन बदकिस्मत थे, लेकिन नियमों की नई डेफिनिशन के हिसाब से रेड कार्ड लगभग तय था.
क्या अपील हो सकती है?FIFA के नियमों के मुताबिक, सीधे रेड कार्ड (या दूसरा येलो) पर मिले ऑटोमैटिक सस्पेंशन की अपील नहीं की जा सकती. आर्टिकल 66.4 कहता है कि सेंडिंग ऑफ होने पर अगला मैच ऑटोमैटिक मिस करना पड़ता है. FIFA डिसिप्लिनरी बॉडी अतिरिक्त सजा दे सकती है, लेकिन रेड कार्ड को रद्द नहीं किया जा सकता.
US Soccer और FIFA अधिकारियों ने पुष्टि की कि एक मैच की सस्पेंशन अपील नहीं हो सकती. अगर FIFA अतिरिक्त मैचों की सजा दे तो उस पर अपील संभव है, लेकिन फिलहाल बालोगुन सिर्फ एक मैच मिस करेंगे. वो टीम के अगले नॉकआउट मैच में नहीं खेल पाएंगे.
अमेरिका अब 6 जुलाई को सिएटल में बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच खेलना है. बालोगुन इस मैच में नहीं खेलेंगे. नियम कहता है कि सस्पेंडेड खिलाड़ी स्टैंड में बैठ सकता है, लेकिन टीम बेंच, टेक्निकल एरिया, ड्रेसिंग रूम या वार्म-अप में नहीं जा सकता.
बालोगुन इस वर्ल्ड कप में अमेरिका के लिए टॉप परफॉर्मर रहे हैं. उन्होंने इस टूर्नामेंट में 3 गोल किए हैं. उनका रेड कार्ड टीम के लिए बड़ा नुकसान है, क्योंकि वो तेज, स्किलफुल और गोल करने की क्षमता रखते हैं. अब कोच को नए प्लान के साथ आगे बढ़ना होगा.
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