जुलाई का महीना और लगातार बारिश ने मुंबई के वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के दावों की पोल खोल दी है. सपनों के शहर मुंबई में जब लोग अपनी नींद से जागे तो उनके सामने पानी का सैलाब था. भारी बारिश हो रही थी, पानी से सड़कें भरी हुई थीं और आसमान में बिजली कड़क रही थी. ये देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है. साथ ही बताया कि आने वाले चार दिनों तक ऐसी ही बारिश की अपेक्षा की जा सकती है.
बारिश में फिर पानी-पानी हो गई मुंबई, 24 घंटे में गिरे 99 पेड़, सरकारी दावों की खुल गई पोल
Mumbai monsoon: मुंबई में मानसून ने दस्तक दे दी है. 1 जुलाई को कई इलाकों में जलभराव, सड़क जाम और पेड़ गिरने के कई मामले सामने आए हैं. मात्र 24 घंटों में पेड़ गिरने के कुल 99 मामले सामने आएं हैं. मायानगरी फिर एक बार पानी-पानी हो गई है.


बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने भी मुंबईकर्स (Mumbaikars) को सावधानी बरतने को कहा है. एक पोस्ट में BMC ने लिखकर बताया कि रात के समय तेज़ हवाएं भी चल सकती हैं. इनकी स्पीड 50 से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है. बारिश का मंज़र जितना सुहाना सोचने में लगता है उतना ही असहज असल ज़िंदगी में होता है. कुछ तस्वीरें देखिए आप खुद समझ जाएंगे.
मुंबई के कई इलाकों में भरा पानी
इस दौरान मुंबई में 172 मिलीमीटर (मिमी.) बारिश दर्ज की गई, इसके बाद कोलाबा में 158 मिमी. और सांताक्रूज में 205 मिमी. बारिश दर्ज की गई. रात भर हुई भारी बारिश के कारण हिंदमाता, सायन रोड नंबर 24, वडाला नेशनल ओल्ड मार्केट, दादर ट्राम टर्मिनस, परेल टीटी, डीबी मार्ग और चेंबूर सहित कई स्थानों पर जलभराव हो गया.

सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे पर चलने वाली लोकल ट्रेनों में देरी हुई और हार्बर लाइन पर एक टूटा हुआ ओवरहेड तार लगने के कारण कुछ समय के लिए यातायात रुक गया. इसके साथ भीड़ और कम रौशनी के कारण सडकों पर भी गाड़ियां ट्रैफिक में घंटों फंसी रहीं.
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रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जुलाई की सुबह के 24 घंटे पहले से बारिश हो रही थी. मुंबई के कई इलाकों में 100 मिमी. से अधिक बारिश हुई, जिससे अंधेरी सबवे और नवी मुंबई के कुछ हिस्सों जैसे निचले इलाकों में भी जलभराव हो गया. खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण सायन के कमला नगर में घरों में सीवेज का पानी भर गया.

लगातार हुई बारिश के कारण 1 जुलाई को मात्र 24 घंटों में पेड़ और शाखाएं गिरने के 99 मामले, शॉर्ट सर्किट के लगभग 13 मामले और दीवार गिरने और जलभराव की छह घटनाएं हुईं. इसका असर रत्नागिरी जैसे आसपास के इलाकों में भी देखने को मिल रहा है. भारी बारिश के कारण निवाली घाट में मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भूस्खलन हुआ और कई जगह सड़कें ब्लॉक हो गईं.
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