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CWG 2026 में भारत का पहला डबल पोडियम, वेटलिफ्टिंग में कमाल जारी

भारत की शर्मिला धनकर ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिला शॉट पुट एफ57 इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस इवेंट का ब्रॉन्ज भी भारत के नाम रहा.

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महिलाओं के पैरा F57 शॉट पुट में भारत की दो-दो खिलाड़ी पोडियम पहुंची.

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  • 29 जुलाई रात को महिलाओं के पैरा F57 शॉट पुट में भारत को दूसरा गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल मिला, जिसमें शर्मिला ने गोल्ड और शिल्पा ने ब्रॉन्ज पदक हासिल किया।
  • यह ईवेंट उन खिलाड़ियों के लिए था जिनके शरीर के निचले हिस्से या पैरों में शारीरिक अक्षमताएं हैं, जिससे यह भारत का पहला डबल पोडियम बना।
  • इस जीत के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 10 मेडल पूरे किए और मेडल टेबल में आठवें स्थान पर पहुंच गया है।

29 जुलाई देर रात कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खाते में दूसरा गोल्ड मेडल आया. महिलाओं के पैरा F57 शॉट पुट में भारत की एक नहीं बल्कि दो-दो खिलाड़ी पोडियम पहुंची. इवेंट का गोल्ड मेडल शर्मिला वहीं ब्रॉन्ज मेडल शिल्पा के नाम रहा. इस कॉमनवेल्थ गेम्स में यह भारत का पहला डबल पोडियम है.

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भारत का डबल पोडियम 

एफ57 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनके शरीर के निचले हिस्से या पैरों से संबंधित शारीरिक अक्षमताएं होती हैं. इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली शर्मिला अपने बाकी प्रतिद्वंदियों से काफी आगे थीं. वह पूरे इवेंट में इकलौती खिलाड़ी थीं जिन्होंने अपने सभी थ्रो नौ मीटर से आगे फेंके और कोई भी फाउल नहीं रहा. 

शर्मिला ने पहले अटेंप्ट में 9.48 मीटर, दूसरे में 9.58 मीटर का थ्रो किया. तीसरे थ्रो ने 9.81 मीटर का थ्रो किया जो विनिंग शॉट भी साबित हुआ. इसके बाद उन्होंने चौथे अटेंप्ट में 9.17 मीटर, पांचवें में 9.37 और आखिरी अटेंप्ट में 9.60 मीटर का थ्रो किया. बाकी सभी खिलाड़ी नौ से नीचे रही रहे.

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ब्रॉन्ज़ मेडल भी भारत के नाम

घाना की जिनाबू इसाह ने 8.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सिल्वर मेडल जीता. नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 8.19 मीटर रहा जिसके बाद ऐसा लगा कि ब्रॉन्ज उन्हें ही मिलेगा. लेकिन आखिर में उनके किसी भी थ्रो को माना नहीं गया. ऐसे में चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा को पोडियम पर जगह मिल गई. 

उनका बेस्ट थ्रो 7.26 मीटप का रहा. इसी ने उनके लिए ब्रॉन्ज का काम कर दिया.  बाबू ने स्नैच में सबसे ज्यादा 149 किलोग्राम का भार उठाया था. यह लिफ्ट कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड है.  

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अन्य खेलों में कैसा रहा प्रदर्शन?

क्लीन एंड जर्क में रिकॉर्ड टूटने का सिलसिला जारी रहा. यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जहां हिदायत ने पहले क्लीन एवं जर्क में 181 किग्रा उठाकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया. इसके कुछ हीद देर बाद बाबू आए और अपने आखिरी अटेंप्ट में 181 किग्रा उठाकर रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. मलेशिया के खिलाड़ी ने हालांकि अंतिम प्रयास में 184 किग्रा उठाकर फिर रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड अपने नाम कर लिया. यह मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का वेटलिफ्टिंग में छठा पदक है.

स्विमिंग से भारत के खाते में निराशा आई.  दो बार के ओलंपियन साजन प्रकाश 200 मीटर बटरफ्लाई पर आठवें स्थान पर रहे. वहीं आर्यन नेहरा 800 मीटर फ्रीस्टाइल इवेंट में  आठवें स्थान पर होते. वहीं पैरा तैराक स्वातिक पटिल ने पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक ‘एसबी9’ स्पर्धा में पांचवां स्थान हासिल किया.

भारत ने अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल मिलाकर 10 मेडल जीत लिए हैं. इसमें से दो गोल्ड, पांच सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. भारत इस समय मेडल टेबल पर 8वें स्थान पर है.

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