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रेखा गुप्ता से केजरीवाल तक, बड़े नेताओं को ECI क्यों भेज रहा SIR वाला नोटिस?

Delhi Election Commission ने सीएम रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजा है. दोनों नेताओं की ओर से जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स में कुछ ‘गड़बड़ियां’ थी.

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चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (बाएं) और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (दाएं) को नोटिस भेजा. (Courtesy- ITG)

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  • दिल्ली चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं को नोटिस भेजा है।
  • यह कार्रवाई वोटर लिस्ट में मिली गड़बड़ियों और अधूरी जानकारी के कारण की गई, जो आयोग ने इंकमरेशन फॉर्मों की जांच के दौरान पाई।
  • नोटिस भेजने के बाद रेखा गुप्ता को वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है जबकि बाकी नेताओं से स्पष्टीकरण की प्रक्रिया जारी है।

दिल्ली में चुनाव आयोग (EC) की स्पेशल इंटेंस रिवीजन (SIR) के दौरान शनिवार, 19 सितंबर को कई बड़े नेताओं को नोटिस भेजा गया है. इन नेताओं में प्रदेश की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी शामिल है. दोनों नेताओं की ओर से जो जानकारियां आयोग को दी गई थीं, उनमें कुछ ‘गड़बड़ियां’ पाई गई हैं. इन्हीं गड़बड़ियों में सुधार करने के लिए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के तहत ये कार्रवाई की गई. दोनों नेताओं का नाम उन 33.1 लाख वोटर्स की लिस्ट में शामिल है, जिन्हें दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नोटिस जारी किए गए हैं.

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उम्र में 15 साल से कम अंतर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उत्तर-पश्चिम दिल्ली के शालीमार बाग की वोटर हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रेखा गुप्ता की ओर से इन्यूमरेशन फॉर्म में जो जानकारी दी गई है, उसके तहत उनकी और उनके पेरेंट्स के बीच उम्र का अंतर 15 साल से कम पाया गया. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, वेरिफिकेशन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को मुख्यमंत्री की ओर से जमा किया गया था. मामले पर जानकारी देते हुए शालीमार बाग सीट के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) ने कहा,

वोटर की ओर से दिए गए फैक्ट्स और डॉक्यूमेंट्स की सही जांच की गई. जांच के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की एंट्री को सही माना गया है. साथ ही उन्हें AC-14 (शालीमार बाग) की फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है.

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केजरीवाल को नोटिस

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार से जुड़े डॉक्यूमेंट्स में भी कुछ कमियां पाई गईं. दरअसल, पिछले SIR प्रक्रिया के तहत कुछ जानकारियां नहीं जमा की गई थीं. इसकी वजह से आयोग की ओर से उन्हें नोटिस जारी किया गया था. मामले पर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर का बयान आया है. उन्होंने कहा,

अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार की ओर से जमा किए गए इन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ जानकारियां अधूरी थीं. इसलिए वो पिछली SIR लिस्ट से मैच नहीं कर रही थीं. इसलिए उन्हें नोटिस जारी किया गया था.

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पूर्व उपराष्ट्रपति को भी नोटिस

बता दें कि शनिवार, 19 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी. लोकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी प्रमिला सिब्बल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी, दिल्ली के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सचदेवा और इतिहासकार रोमिला थापर को भी नोटिस भेजा गया है.

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