देश ऑस्ट्रेलिया. बिग बैश लीग चल रही है. वहां का आईपीएल समझ लीजिये. क्वालिटी क्रिकेट देखने को मिलता है. इस सीज़न में क्रिस लिन ने ताबड़तोड़ बैटिंग की है. इतने लम्बे लम्बे छक्के मारे हैं कि नापनी को इंची-टेप कम पड़ जाए. यहां ये भी देखने को मिला कि सुनील नारायण ओपेनिंग करने आ सकते हैं. यहां अभी भी ब्रेंडन मैकुलम को बैटिंग करते हुए देखा जा सकता है. कमेंट्री बॉक्स में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज मौजूद रहते हैं. माइकल क्लार्क, साइमंड्स, गिलक्रिस्ट, पोंटिंग, डेमियन फ़्लेमिंग वगैरह सभी लोग सुनने को मिलते हैं. इसी कमेंट्री बॉक्स से खबर बनी है. खबर बहुत बड़ी तो नहीं है लेकिन विचारोतेजक ज़रूर है. साथ ही क्रिकेट में बढ़ते मशीनों के इस्तेमाल पर भी अपने आप में एक व्यंग्य है. खैर, एडिलेड स्ट्राइकर्स और सिडनी थंडर के बीच मैच हो रहा था. सिडनी बैटिंग कर रही थी जबकि एडिलेड फील्डिंग. टी-20 मैचों में एक नया फ़ीचर उपलब्ध होने लगा है जिसमें खिलाड़ी के शरीर पर माइक्रोफ़ोन फिट कर दिया जाता है जो सीधे कमेंट्री करने वाली टीम से जुड़ा होता है. इससे होता ये है कि प्लेयर कमेंट्री करने वालों से जुड़ा होता है और उसकी आवाज़ दुनिया भर में मैच देख रहे लोगों तक पहुंचती है. इसके साथ ही मैच देखने वालों को एक बिलकुल ही नए आयाम के बारे में मालूम चलता था. अभी तक उन्हें सिर्फ कमेंट्री करने वालों की आवाज़ मिलती थी, उनके ही विचार सुनने को मिलते थे. लेकिन अब उन्हें मैदान में जो कुछ भी घट रहा होता है उसका ब्यौरा उन्हें मैदान में मौजूद किसी शख्स से सीधे मिलता है. इसी क्रम में मैच के दौरान ब्रैड हॉज ने माइक पहना हुआ था. बैटिंग पर थे शेन वाटसन. ब्रैड लगातार कमेंट्री करने वाली टीम से बातचीत कर रहे थे. कमेंट्री बॉक्स में कमेंट्रेटर के अलावा एक आदमी और बोथा था जिसका काम सब रिकॉर्ड्स चेक करते रहना था. जिससे कमेंट्री को और भी फैक्ट्स के साथ सजाया जा सके. स्टैट्स के रखवाले लॉरी कॉलिवर ने कमेंट्रेटर मार्क हॉवर्ड को बताया कि एडिलेद से खेलने वाले बेन लॉफ़लिन ने दो बार शेन वाटसन को आउट किया है. ये सुनते ही मार्क ने ये बात ब्रैड हॉज को बता दी. सुनते के बाद ओवर खतम होते ही हॉज ने बॉलर चेंज किया और बेन लॉफ़लिन को अटैक पर ले आये. अब मुद्दा ये बनता है कि ये घटना किस हद तक मॉरली सही है. इसमें सारा सवाल नैतिकता का है. बात इतनी सी है कि मार्क हॉवर्ड ने जो किया वो सही था क्या? क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसकी जांच करने की ठानी है. हॉवर्ड का हॉज को ये बताना कि कौन सा बॉलर फलाने बैट्समैन के ख़िलाफ़ कारगर साबित रहा है, गेम को बाहर से इन्फ्लुएंस करता है. और जहां तक एथिक्स की बात है, ये काम कतई सही मालूम नहीं देता है. बाकी, असल बातें तो जांच के बाद मालूम चलेंगी. वीडियो यहां देखें.
क्रिकेट में चीटिंग करने का नया जुगाड़ आ गया है
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जांच करेगा.
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फोटो - thelallantop
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