India vs Afghanistan ODI सीरीज के लिए रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या को टीम में चुना गया है. लेकिन दोनों को खेलने से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा. चीफ सेलेक्टर अजीत आगरकर ने साफ कहा है कि दोनों प्लेयर्स के पास दो हफ्ते का समय है. अगर वो मेडिकल टेस्ट क्लियर नहीं करते तो उनकी जगह दूसरों को टीम में लिया जा सकता है.
दो हफ्ते में फिटनेस टेस्ट पास करना जरूरी, आगरकर ने रोहित-हार्दिक को दी चेतावनी!
Rohit Sharma और Hardik Pandya को 15 दिनों में फिटनेस टेस्ट पास करना ही होगा. ऐसा न होने पर सेलेक्टर्स दूसरे प्लेयर्स को मौका देंगे.


रोहित शर्मा को IPL के दौरान हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई थी. काफी समय तक वो मैदान से बाहर रहे. टीम में वापस आने के बाद भी वो ज्यादातर इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेले हैं. ऐसे में उनकी फिटनेस को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं. टीम मैनेजमेंट उन्हें पूरी तरह फिट देखना चाहता है.
हार्दिक पंड्या 2 मई को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मैच के बाद से मैदान पर नहीं दिखे हैं. उसके बाद से MI के लिए सूर्यकुमार यादव और फिर जसप्रीत बुमराह कप्तानी कर चुके हैं. यही नहीं, 2025 ICC चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से हार्दिक ने ODI मैच नहीं खेला है. T20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए हाल की डोमेस्टिक सीरीज में उन्हें नहीं चुना गया था.
हार्दिक सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़ौदा के लिए खेले थे, और जनवरी में विजय हजारे ट्रॉफी के भी दो मैच खेले. T20 मैचों में वो लगातार बॉलिंग करते दिखते हैं. क्योंकि चार ओवर ही फेंकने होते हैं. लेकिन ODI में ऐसा नहीं होता. यही वजह है कि उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर टीम को चिंता है.
इसको लेकर अजीत आगरकर ने कहा,
“कभी-कभी प्लेयर्स खुद बेहतर जानते हैं कि वो खेल सकते हैं या नहीं. मैं यहां बैठकर नहीं बता सकता कि वो छोटी-मोटी चोट के साथ खेल रहे हैं या पूरी तरह फिट हैं. हम चाहते हैं कि खिलाड़ी पूरी फिटनेस के साथ टीम में आएं. फिजियो और ट्रेनर्स ही इसकी सही जानकारी देते हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि अगर फिजियो कहते हैं कि खिलाड़ी फिट है तो उन्हें भरोसा करना पड़ता है.
सैकिया ने क्या कहा था?BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा कि IPL में फ्रेंचाइजी प्लेयर्स की फिटनेस देखती हैं. BCCI का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) भी खिलाड़ियों पर नजर रखता है और वर्कलोड प्लान देता है. लेकिन IPL के दौरान बोर्ड ज्यादा दखल नहीं दे सकता. भारतीय टीम में इस पर कंट्रोल ज्यादा होता है.
सैकिया ने कहा,
“फ्रेंचाइजी इस पर कॉल ले सकती हैं. लेकिन नेशनल टीम के सेलेक्शन के समय प्लेयर्स को अपनी फिटनेस जरूर देखनी होगी.”
IPL के दौरान KKR के वरुण चक्रवर्ती जैसे प्लेयर्स की इंजरी का मामला भी चर्चा में हैं. ऑस्ट्रेलिया ने अपने प्लेयर्स के वर्कलोड पर सख्त प्रोटोकॉल बना रखा है. ऐसे में अगले दो हफ्तों में रोहित और हार्दिक के मेडिकल टेस्ट के नतीजे तय करेंगे कि वो टीम में खेलेंगे या नहीं. अगर वो फिट नहीं हुए तो सेलेक्टर्स बैकअप प्लेयर्स को मौका देंगे.
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