सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी. दुनिया की पूर्व वर्ल्ड नंबर वन इस भारतीय जोड़ी का सपना टूट गया. सपना घर पर मेडल जीतने का. नई दिल्ली में चल रही BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में ये जोड़ी चीन की ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट लियांग वेई कांग और वांग चांग की जोड़ी से हार गई. महज 36 मिनट तक चला ये मुकाबला पूरी तरह से एकतरफा रहा.
सात्विक-चिराग भी हारे! घर पर मेडल जीतने का सपना टूटा
BWF World Championship : दुनिया के पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी भी मेंस डबल्स के क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए. ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट Chang Wang और Liang Wei Kang की चाइनीज जोड़ी ने उन्हें हरा दिया.

वैसे तो दोनों ऑपोनेंट्स को टफ कॉम्पिटिशन देने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन, दोनों चीनी जोड़ी के सामने लय में भी नहीं दिखे और सीधे गेम में हार गए. मेंस डबल्स के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इस जोड़ी को 18-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा. इसके कारण इंदिरा गांधी स्टेडियम में पहुंचे घरेलू फैंस को काफी निराशा हुई.
सिंधु और शेट्टी पहले ही हो चुके हैं बाहरइससे पहले, 20 अगस्त को पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी जैसे सिंगल्स स्टार्स भी क्वार्टर फाइनल में ही हारकर बाहर हो गए. हालांकि, 21 अगस्त को दिन की शुरुआत अच्छी रही थी. विमेंस डबल्स में गायत्री गोपीचंद और त्रिशा जॉली की भारतीय जोड़ी ने चीनी जोड़ी को क्वार्टर फाइनल में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली.
उन्होंने इसी के साथ ये भी इंश्योर कर दिया कि 2011 से वर्ल्ड चैंपियनशिप में चला आ रहा मेडल जीतने का सिलसिला बना रहे. दोनों ने चीन की दिग्गज जिया यी फान और झांग शू जियान की चौथी वरीय जोड़ी को हराया.
प्री-क्वार्टर फाइनल में भी कर रहे थे स्ट्रगलवहीं, सात्विक और चिराग की बात करें तो, दोनों प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी लय में नहीं दिखे थे. मलेशिया के जुनैदी आरिफ और रॉय किम याप की जोड़ी के खिलाफ भी उन्होंने शुरुआती गेम में हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन, इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए वो मुकाबला 21-23, 21-19, 21-17 से अपने नाम कर लिया था.
हालांकि, सात्विक की चोट भी इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है. उनके कंधे की चोट के कारण दोनों एक महीने से ज़्यादा समय से खेल से दूर थे. अंतिम बार दोनों मई में खेले थे. जून में हुए जापान ओपन से उन्हें हटना पड़ा था. वैसे तो मैच से पहले सात्विक ने कहा था कि वो ठीक हो गए हैं.
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लेकिन, प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान भी ये नज़र आ रहा था कि मेंटली अब तक वो चोट से उबर नहीं पाए थे. क्वार्टर फाइनल में तो ये लगभग साफ हो गया. क्योंकि सात्विक अपने जबरदस्त स्मैश के लिए मशहूर हैं. लेकिन, वो अपने बेस्ट परफॉर्मेंस के आसपास भी नहीं थे.
लियांग और वांग की जोड़ी ने मौका ही नहीं दियालियांग और वांग की जोड़ी ने भी इन दोनों की बिल्कुल मदद नहीं की. माने उन्होंने अन्फोर्स्ड एरर्स बिल्कुल न के बराबर कीं. उन्होंने गेम को फ्लैट रखा और भारतीय जोड़ी को अटैकिंग शॉट्स खेलने का मौका भी नहीं दिया. सात्विक-चिराग ने पहले गेम में 15-12 और फिर 18-16 की बढ़त बनाई. लेकिन, लियांग और वांग ने फोरकोर्ट पर दबदबा बनाया और लगातार पांच पॉइंट जीतकर भारतीयों से गेम छीन लिया.
प्री-क्वार्टर फाइनल में टफ मैच खेलने के बाद, सात्विक और चिराग के लिए लगातार दूसरे दिन क्चार्टर फाइनल मैच खेलना शारीरिक रूप से काफी मुश्किल था. लियांग और वांग को इसका फायदा मिला. उन्होंने सीधे गेम में ही जीत हासिल कर ली. दूसरे गेम में चीनी जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को बुरी तरह हरा दिया.
हालांकि, पहले ही दो वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीत चुकी इस जोड़ी को ये हार काफी चुभेगी. खासकर इसलिए क्योंकि उनके पास अपने देश में इतिहास रचने का मौका था. अगर वो ये मुकाबला जीत जाते तो उनका मेडल पक्का हो जाता. सात्विक-चिराग की ये फॉर्म चिंताजनक है. अगले महीने एशियन गेम्स है. वहां गोल्ड मेडल का बचाव करना उनके लिए आसान नहीं होगा. दोनों उम्मीद करेंगे कि जापान जाने से पहले वो फॉर्म में वापस आ जाएं.
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