विनोद पानू उर्फ विनोद काणा उसी तरह का गैंगस्टर था, जिसके लिए अखबारों ने ‘इलाके में आतंक का पर्याय’ जैसे शब्द गढ़े थे. गुरुवार, 20 अगस्त को हत्या की कोशिश के एक मामले में उसकी कोर्ट में तारीख थी. फैसला उसी दिन होना था. 2021 से चल रहे केस में एक-दो नहीं, 12 आरोपी थे. इनमें से 10 उस दिन कोर्ट में आए थे. साथ में था विनोद पानू उर्फ विनोद काणा. दोपहर 2 बजे के आसपास कोर्ट ने फैसला सुनाया. केस में पर्याप्त सबूत नहीं हैं. सारे आरोपी बरी किए जाते हैं.
कौन था हरियाणा का गैंगस्टर विनोद काणा जिसे बरी होते ही कोर्ट परिसर में मार दिया गया?
हिसार कोर्ट ने हत्या की कोशिश के 2021 के मामले में विनोद पन्नू उर्फ विनोद काणा समेत 12 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. फैसले के करीब 25 मिनट बाद ही कोर्ट परिसर में पन्नू की गोली मारकर हत्या कर दी गई; हमलावर ने कथित तौर पर उस पर 14 से ज्यादा गोलियां चलाईं.

जमानत पर पहले ही बाहर चल रहे पानू के लिए बड़ी राहत की बात थी. लेकिन हत्या की कोशिश वाले केस में बरी होने के सिर्फ 25 मिनट बाद दिनदहाड़े कोर्ट परिसर में ही गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई. जिन लोगों ने ये सब होते देखा, उनका कहना है कि हमला करने वाले ने कम से कम 14 गोलियां पानू को मारी थीं. 2008 में जरायम की दुनिया में कदम रखने वाला पानू 18 साल में कई बार जेल जाते, जमानत पर बाहर आते, फिर जेल जाते आखिरकार इस अंजाम को पहुंच गया.
2008 से अपराध की दुनिया मेंसाल 2008 की बात है. हरियाणा के फतेहाबाद जिले में एक शख्स के घर में घुसकर हमला किया गया. जान से मारने की धमकी दी गई. ये वो पहला ज्ञात केस है, जिसमें विनोद काणा आरोपी बना था. जिन अपराधों में वो जीवन भर संलिप्त था, उसके मुकाबले ये आरोप तो काफी हल्का था. लेकिन विनोद पानू ने इसके बाद साल-दर-साल अपना रंग दिखाना शुरू किया. अभी वो हिसार का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी नहीं बना था. लेकिन इसी साल उसने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाना शुरू कर दिया.
पानू की दुश्मनी कुख्यात अजीत थुराना गैंग के साथ इसी साल शुरू हुई. दोनों ही गैंग एक दूसरे के जान के प्यासे थे. एक दूसरे के साथियों की हत्या का जो सिलसिला उन्होंने शुरू किया उसने पूरे हरियाणा को हिलाकर रख दिया था. विनोद के नाम में ‘काणा’ शब्द इसी गैंगवार के नतीजे में सामने आया था. 17 दिसंबर 2009 को नारनौंद थाना इलाके में अजीत थुराना ने बिट्टू और राजा के साथ मिलकर विनोद पर हमला किया था. इस हमले में पानू की नुकीले हथियार से आंख फोड़ दी गई थी. इसके बाद से ही उसका नाम विनोद काणा पड़ गया.
पानू की आपराधिक शीटपानू की आपराधिक हिस्ट्री शीट देखें तो 2011 में उस पर हत्या का पहला केस दर्ज किया गया. उसके ही गांव थुराना के रहने वाले ड्राइंग टीचर शिवकुमार उर्फ राजा मास्टर की हत्या में वह आरोपी बना. बताते हैं कि इस हत्या के बाद से ही अजीत और विनोद के बीच गैंगवार तेज हो गई.
इस मामले में पानू की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन गवाह अपने बयान से मुकर गए. लिहाजा, वह जेल से बाहर आ गया. इसी साल (2011 में) वह एक लूट की योजना बनाते हुए भी पकड़ा गया. 2012 में सेंट्रल जेल में एक शख्स पर जानलेवा हमला और 2014 में करनाल के एक व्यक्ति की हत्या के आरोप विनोद पानू पर लगे, लेकिन वह सबसे ज्यादा चर्चा में आया 2014 में.
हरियाणा की पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा के भतीजे बिट्टू शर्मा प्रॉपर्टी डीलर थे. 24 जनवरी 2014 का दिन था. हिसार के पुष्पा कॉम्प्लेक्स में वह अपने दफ्तर में बैठे थे, तभी उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. आरोप विनोद पानू पर लगे. मामला राजनीतिक तौर पर भी खूब चर्चित हुआ. इस मामले में पानू पर हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था.
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कट टू 14 मई 2015. हिसार कोर्ट में अजीत गैंग का मेंबर संदीप उर्फ बच्ची को कोर्ट में पेश किया जाना था. पुलिस उसे कोर्ट में लेकर आई थी. यहां पहले से घात लगाए बैठा था बालसमंद का रहने वाला साजिद खान. उसने संदीप पर गोलियां चला दीं. संदीप की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने साजिद को वहीं पकड़ लिया. बाद में उसने पूछताछ में बताया कि इस हत्या के पीछे विनोद काणा ही था. उसके इशारे पर ही उसने संदीप को मारा.
7 जिलों में 31 गंभीर मामलेहत्या, रंगदारी, जान से मारने की धमकी, हत्या की कोशिश और फायरिंग जैसे अपराध की हर ‘विधा’ में विनोद काणा शामिल था. 2018 तक आते-आते वह इतना बड़ा अपराधी हो गया कि उसकी सूचना देने वाले के लिए 7 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. विनोद पर हरियाणा के 7 जिलों में 31 गंभीर मामले दर्ज थे. सात में तो वह बरी हो गया था. वहीं, 10 मामलों में उसने सजा पूरी कर ली थी. हत्या की कोशिश के एक और मामले में भी वह बरी हो गया, लेकिन यही उसके जीवन का आखिरी मुकदमा और फैसला साबित हुआ.
हिसार कोर्ट के पार्किंग एरिया और मुख्य द्वार के पास विनोद पानू को अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी और मौके से भाग गया. इस दौरान एक और शख्स के घायल होने की खबर आई. गोलीबारी शुरू होते ही पानू ने मेन गेट की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे दौड़ाकर उस पर कई गोलियां चलाईं. उसे कार में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. इस वारदात में घायल दूसरा शख्स अब खतरे से बाहर है.
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