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नाइट क्लब स्कैंडल नहीं, ये है बेन स्टोक्स के संन्यास की असली वजह!

स्टोक्स ने बताया कि यह बात उनके दिल में अचानक नहीं आई. लॉर्ड्स टेस्ट ने करियर को लेकर स्टोक्स के मन में कुछ नेगेटिव फीलिंग्स दी.

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बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा. (Photo-PTI)

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  • बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है।
  • उनके संन्यास के पीछे मुख्य कारण शारीरिक थकान और मानसिक तनाव है, जो उन्हें 35 साल की उम्र में क्रिकेट खेलते हुए महसूस हुआ।
  • इस फैसले के बाद स्टोक्स ने अपनी टीम से बात की और अब इंग्लैंड की टीम मैच में जीत हासिल करने के लिए मैदान में है।

बेन स्टोक्स ने इंटरनेशल क्रिकेट को अलविदा कहने का मन बना लिया है. न्यूजीलैंड के ख‍ि‍लाफ ट्रेंट ब्र‍िज टेस्ट उनके करियर का आखिरी मैच है. उनके संन्यास के ऐलान के बाद कई तरह के कयास लगाए गए. इसे नाइट क्लब विवाद के साथ जोड़ा जा रहा था. नाइट क्लब में रग्बी खिलाड़ियों से हुई लड़ाई के मामले में स्टोक्स भी फंसे थे. उन्हें इसी कारण मौजूदा सीरीज के दूसरे टेस्ट से बाहर भी कर दिया गया था. लेकिन, बेन स्टोक्स के मुताबिक ऐसा नहीं है. उन्होंने साफ बताया कि उनके संन्यास के पीछे की वजह क्या थी.  

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बेन स्टोक्स हो गए थे नेगेटिव

स्टोक्स ने बताया कि यह बात उनके दिल में अचानक नहीं आई. लॉर्ड्स टेस्ट ने करियर को लेकर स्टोक्स के मन में कुछ नेगेटिव फीलिंग्स दी. जब वह लॉर्ड्स पहुंचे, तो मैच से पहले उन्हें अजीब महसूस हुआ. इसके बावजूद, स्टोक्स ने खुद को हर मौका दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन जब स्टोक्स मैदान पर उतरने के लिए पैड पहन रहे थे, तब उन्हें फिर यही लगा. फिर उन्होंने फैसला ले लिया. बेन स्टोक्स ने कहा कि उन्हें क्रिकेट से बहुत प्यार है. जब वह दूसरा टेस्ट मैच नहीं खेले तब उन्हें नई एनर्जी मिली. लेकिन, मैच शुरू होने के बाद उन्हें फिर से वही लगने लगा. इस फ़ैसले को स्टोक्स अपने लिए सबसे अच्छा मानते हैं.

थक गए हैं बेन स्टोक्स

स्टोक्स ने बताया कि 35 साल की उम्र में इतना क्रिकेट खेलना आसान नहीं है. वह इन दिनों बहुत थक जाते थे. 35 साल की उम्र में, उन्हें शारीरिक रूप से बहुत कुछ करना होता था. कई ऐसी बातें थीं, जिनकी वजह से उन्होंने यह फ़ैसला लिया. इसमें इमोशनल और मेंटल पहलू भी शामिल थे. स्टोक्स ने चौथे दिन की सुबह टीम से बात की. एक रात पहले उन्होंने जो रूट और हैरी ब्रूकी से हर चीज़ के बारे में बात की थी.

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बेन स्टोक्स ने अपने करियर के खास पलों के बारे में भी बात की. स्टोक्स ने बताया कि एक युवा खिलाड़ी के तौर 2015 की एशेज़ जीतना उनके करियर के खास पलों में शामिल है. पहली बार आधिकारिक तौर पर टीम की कप्तानी करना, उनके लिए सबसे खास पल है. वह पहली बार जब टीम के वाइस कैप्टन बने तब जो रूट कप्तान थे. उन्होंने इस दौरान बहुत कुछ सीखा और जब उन्हें पहली बार कप्तान बनने का ऑफर तो वह फौरन तैयार हो गए.

मैच में क्या हुआ?

मैच की बात करें, तो अपने करियर के अंतिम टेस्ट की अंतिम पारी में स्टोक्स बतौर ओपनर उतरे थे. इस दौरान उन्होंने अंतिम बार ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग की. चौथी इनिंग्स में 373 रन के टारगेट को चेज करते हुए स्टोक्स ने 20 गेंदों में 30 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 2 चौके और 2 छक्के भी लगाए. अब इंग्लैंड को मैच के अंतिम दिन जीत के लिए 270 रन बनाने हैं. वहीं, न्यूजीलैंड को ये मुकाबला और सीरीज अपने नाम करने के लिए 6 विकेट की दरकार है.

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वीडियो: एक युग का अंत, इंटरनेशनल क्रिकेट से बेन स्टोक्स ने लिया संन्यास

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