FIFA World Cup 2026 के राउंड ऑफ 16 मैच में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 के अंतर से हरा दिया. सीएटल में खेले गए मैच में जीत के तुरंत बाद बेल्जियम के ऑफिशियल X अकाउंट ने अमेरिका को मॉक कर दिया (Belgium mock USA). अकाउंट से पोस्ट कर लिखा गया, “Overturn this”. माने इसे बदल के दिखाओ. ये पोस्ट मैच से पहले हुए रेड कार्ड विवाद का सीधा जवाब था.
बेल्जियम ने अमेरिका को किया बाहर, सोशल मीडिया पर भी तगड़ी मौज ले ली
बेल्जियम के प्लेयर्स FIFA के रेड कार्ड से जुड़े फैसले से खुश नहीं थे. उन्होंने सब कुछ किनारे कर मैदान पर अपनी पूरी ताकत दिखाई. अमेरिका को 1-4 से हरा, वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया.


अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ मैच में एक टैकल करने के लिए सीधा रेड कार्ड दे दिया गया था. नियम के मुताबिक उन्हें अगले मैच के लिए ऑटोमैटिक सस्पेंड होना चाहिए था. बेल्जियम की टीम पूरे हफ्ते इसी उम्मीद में तैयारी कर रही थी कि बालोगुन नहीं खेलेंगे. लेकिन मैच से महज 24 घंटे पहले FIFA ने फैसला पलट दिया. FIFA ने आर्टिकल 27 का यूज करते हुए फैसला बदला और बालोगुन का बैन हटा दिया.
ये फैसला पूरे फुटबॉल जगत में विवाद और चर्चा की वजह बन गया. UEFA ने इसे “अनुचित” बता दिया. बेल्जियम फुटबॉल एसोसिएशन ने भी FIFA के खिलाफ अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.
बेल्जियम के प्लेयर्स FIFA के इस फैसले से खुश नहीं थे. उन्होंने सब कुछ किनारे कर मैदान पर अपनी पूरी ताकत दिखाई. कप्तान यूरी टिएलेमांस ने मैच के बाद कहा,
“हम सब जानते थे कि क्या हुआ है. क्या इससे हमें एक्स्ट्रा मोटिवेशन मिला? हां, शायद मिला. लेकिन हमारा असली टारगेट मैच जीतना और क्वार्टर फाइनल में पहुंचना था.”
गोलकीपर थिबो कोर्टोइस ने और भी साफ कहा,
“हमें लगा कि हमारे साथ सम्मान नहीं किया जा रहा. सबकी नजर सिर्फ फैसले और अमेरिका पर थी, मानो बेल्जियम का अस्तित्व ही नहीं है. हमने मैदान पर जवाब देना चाहा और मुझे लगता है हमने दे दिया है.”
मिडफील्डर निकोलस रास्किन ने बताया कि टीम ने बाहर की सारी नॉइज को इग्नोर किया. उन्होंने कहा,
“बहुत कुछ कहा जा रहा था, लेकिन हम सिर्फ फुटबॉल पर फोकस रहे थे. सबसे अच्छा जवाब मैच को बड़े अंतर से जीतना था.”
बेल्जियम ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया. 4 गोल करके उन्होंने अमेरिका का वर्ल्ड कप का सपने को तोड़ दिया. मैच के बाद टीम के X अकाउंट से अमेरिका पर तंज कसते हुए लिखा गया,
“Overturn this.”

ये रेड कार्ड के फैसले को ओवरटर्न करने पर तंज था. क्योंकि अमेरिकी इस रिजल्ट को अब बदल नहीं सकता.
टीम के अकाउंट से एक और मजेदार पोस्ट किया गया. उन्होंने लिखा, “It’s called s̶o̶c̶c̶e̶r̶ 𝐅𝐎𝐎𝐓𝐁𝐀𝐋𝐋”.

बता दें कि यूरोप में इसे फुटबॉल कहते हैं, सॉकर नहीं. ये पोस्ट भी वायरल हो गया.
कोच का बयानबेल्जियम के कोच रुडी गार्सिया ने बालोगुन को व्यक्तिगत रूप से दोष नहीं दिया. मैच के बाद उन्होंने बालोगुन से बात भी की. कोच ने कहा,
“ये बालोगुन की गलती नहीं है. असली समस्या FIFA का फैसला है. मैंने उसे यही बताया. वो मेरे पास आया, मुझे ये अच्छा लगा.”
अमेरिका के लिए ये हार एक बड़ा झटका है. वो इस टूर्नामेंट का को-होस्ट था. सभी को घरेलू मैदान पर टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी. लेकिन बेल्जियम की मजबूत टीम और मोटिवेशन के आगे वो टिक नहीं सके.
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