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पवन कल्याण पर टिप्पणी के बाद 6 दिन में 5 बार यूट्यूबर गिरफ्तार, विपक्ष का तंज- 'इतनी मेहनत...'

Pawan Kalyan row: आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण पर विपक्षी दल हमलावर हैं. दरअसल एक यूट्यूबर को 6 दिन में 5 बार अरेस्ट किया गया, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री पर ही विपक्षी दलों ने हमला बोल दिया है.

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यूट्यूबर रावण (बाएं) को आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री (दाएं) ने पांच बार गिरफ्तार करवाया. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • आंध्र प्रदेश में यूट्यूबर जोसेफ उर्फ रावण को UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है, जिसके लिए उन पर प्रतिबंधित माओवादी विचारधारा का समर्थन करने और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप हैं।
  • रावण को लगातार छह दिनों में पाँच बार गिरफ्तार किया गया और हर बार ज़मानत मिलने के बाद जल्दी ही एक नए मामले में पकड़ लिया गया, जिससे यह कार्रवाई विवादित राजनीतिक और सामाजिक विवादों से घिरी है।
  • इस गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दल YSR कांग्रेस ने सुगाली प्रीति केस में सरकारी लापरवाही को लेकर पवन कल्याण पर सवाल उठाए हैं तथा इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश में एक यूट्यूबर को 6 दिनों के अंदर 5 बार गिरफ्तार किया गया है. पहले मामले में ज़मानत मिलती तो जेल से बाहर आते ही किसी दूसरे केस में पकड़ लिया जाता. हफ्ते भर यही चलता रहा और इस तरह से उसे 5 बार पकड़ा गया. आखिर में यूट्यूबर को UAPA के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. आरोप है कि यूट्यूबर ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट किए थे. विपक्ष का कहना है कि पवन कल्याण जितनी मेहनत एक यूट्यूबर को फंसाने में कर रहे हैं, उतनी मेहनत अगर सुगाली प्रीति केस में कर ली होती, तो बेहतर होता.

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यूट्यूबर का नाम जोसेफ उर्फ ​​रावण बताया जा रहा है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रावण को गिरफ्तार करने का सिलसिला 30 जून को शुरू हुआ. उसे कई बार गिरफ्तार किया गया, और हर बार वो ज़मानत पर बाहर आ गया. पांचवी बार उसे UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत गिरफ्तार किया गया.

क्या आरोप लगाए गए?

पुलिस के मुताबिक, रावण ने नवंबर 2025 को एक ऐसा वीडियो अपलोड किया था, जो माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देता है. आरोप है कि इस वीडियो में प्रतिबंधित माओवादी संगठन की विचारधारा का समर्थन किया गया और उसके नेता हिड़मा की तारीफ की गई थी. पुलिस का कहना है कि ऐसा कंटेंट देश के यूथ को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित कर सकता है. इसी केस के सिलसिले में रावण को गिरफ्तार किया गया. और, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

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रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप ये भी है कि यूट्यूबर रावण ने डिप्टी सीएम पवन कल्याण को लेकर कुछ आपत्तिजनक कॉमेंट किए थे. इसलिए उसके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. आंध्र प्रदेश में विरोधी पार्टी YSR कांग्रेस ने लिखा,

'पवन कल्याण ने रावण के खिलाफ केस दर्ज कराने में जितनी मेहनत की है. अगर उसका सिर्फ 10% भी सुगाली प्रीति केस पर लगाया होता, तो अब तक आरोपी सजा पा चुके होते. उन्होंने हमारी बेटी के मामले का राजनीतिक फायदा उठाया. लेकिन सत्ता में आते ही इस केस को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया. सरकार की लापरवाही की वजह से आज आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं.'

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सुगाली प्रीति केस क्या है?

ये केस साल 2017 का है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त 2017 में 15 साल की सुगाली प्रीति की उसके हॉस्टल में मौत हो गई थी. स्कूल मैनेजमेंट का दावा है कि मृतका ने अपनी जान दी थी. लेकिन प्रीति के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न हुआ और उसके बाद हत्या कर दी गई थी.

पुलिस ने केस दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी. तब से ये केस चल रहा है. मृतका का परिवार न्याय की मांग कर रहा है. लेकिन केस में कोई एक्शन नहीं लिया गया.

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किन आरोपों में गिरफ्तार हुए यूट्यूबर?

- सबसे पहले पिठापुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया. लेकिन, मजिस्ट्रेट से उन्हें तुरंत ज़मानत मिल गई.
- दूसरी बार सरपावरम पुलिस ने गिरफ्तार किया. 
- सरपावरम मामले में ज़मानत मिलते ही इनागुदुरु पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें हिरासत में ले लिया.
- फिर पायकरावपेटा पुलिस ने गिरफ्तार किया. 4 जुलाई की शाम वहां से भी ज़मानत मिल गई. 
- पांचवी बार UAPA के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. 

इन गिरफ्तारियों पर एक्टर प्रकाश राज ने लिखा, 

‘पॉलिटिशियन पर टिप्पणी करने वाले को जिस तरह से बार-बार गिरफ्तार किया जा रहा है. इससे आपकी बौखलाहट दिखती है. अब अगला कदम क्या होगा? क्या उनके फोन से निजी जानकारी निकालकर उसे तोड़-मरोड़कर पब्लिक किया जाएगा? क्या उनके समर्थन में खड़े लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की जाएगी? ये अभियान शुरू आपने किया है, लेकिन इसे खत्म देश के नागरिक ही करेंगे.’

फिलहाल, YSR कांग्रेस ने पवन कल्याण और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वहीं, इन आरोपों पर पवन कल्याण की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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