BCCI को नए सिलेक्टर की तलाश है. बोर्ड ने मंगलवार, छह अक्टूबर को सिलेक्टर के लिए आवेदन मांगे. यह पद सिलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद खाली हुआ है. अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट 4 अक्टूबर को खत्म हुआ था. उन्होंने बोर्ड को पहले ही बता दिया था कि वह कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाना नहीं चाहते हैं.
BCCI ने सिलेक्शन कमेटी में 'वेकेंसी' निकाली, जानें कौन कर सकता है अप्लाई
अजीत अगरकर के जाने के बाद इस समय पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा सिलेक्शन कमेटी के अंतरिम अध्यक्ष हैं. शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह चयन समिति के अन्य मौजूदा सदस्य हैं.

इस समय पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा सिलेक्शन कमेटी के अंतरिम अध्यक्ष हैं. शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह चयन समिति के अन्य मौजूदा सदस्य हैं. इसी कमेटी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का चयन किया है. खास बात यह है कि बोर्ड ने सिलेक्शन कमेटी के पद के लिए आवेदन मांगे हैं. इसका मतलब है कि यह जरूरी नहीं कि जिसे भी चुना जाएगा, वही चीफ सिलेक्टर होगा. यह पद मौजूदा सदस्यों में से भी किसी को दिया जा सकता है.
कौन कर सकता है आवेदन?अब सवाल है कि इस पद के लिए कौन आवेदन कर सकता है. बोर्ड ने इसके लिए साफ क्राइटेरिया बताया है. इस पद के लिए वही लोग अप्लाई कर सकते हैं, जिन्होंने कम से कम 7 टेस्ट मैच या 30 फर्स्ट क्लास मैच खेले हों. या फिर 10 वनडे और 20 फर्स्ट क्लास मैच खेले हों. साथ ही, उम्मीदवार को क्रिकेट से संन्यास लिए कम से कम 5 साल पूरे होना अहम है. कोई भी ऐसा व्यक्ति जो BCCI के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बताई गई किसी भी क्रिकेट समिति का कुल मिलाकर पांच साल तक सदस्य रहा हो, वह पुरुषों की चयन समिति का सदस्य बनने के लिए योग्य नहीं होगा.
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क्या होगा सिलेक्टर का रोल?बोर्ड ने साथ ही सिलेक्टर की भूमिकाओं के बारे में भी जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि सिलेक्टर का काम क्या होगा.
- निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सीनियर नेशनल पुरुष टीम का सर्वश्रेष्ठ चयन करना. साथ ही टैलेंट की पहचान करना और एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना.
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के ज़रिए खिलाड़ियों की खोज और उनका आकलन करना. सभी फॉर्मेट में सीनियर नेशनल पुरुष टीम के सिलेक्शन और ग्रोथ में योगदान देना.
- ज़रूरत पड़ने पर टीम की मीटिंग में शामिल होना और घरेलू-अंतरराष्ट्रीय मैच देखने के लिए यात्रा करना.
- टीम के प्रदर्शन पर क्वार्टर रिपोर्ट तैयार करना और उसे BCCI की एपेक्स काउंसिल को सौंपना.
- टीम चयन के बारे में मीडिया से बात करना. हर फॉर्मेट में टीम के लिए कप्तान नियुक्त करना.
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