The Lallantop

जिस मैदान पर आज मैच है, वहां एक शर्मनाक हरकत हुई थी

स्टेडियम ब्लैकलिस्ट किया जाने वाला था. बच गया.

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फोटो - thelallantop
इंडिया वर्सेज़ इंग्लैंड. दूसरा वन-डे मैच. पहले का तो हाल मत पूछो. गजब मार मारी थी. 351 का स्कोर चेज़ कर लिया. जगह थी पुणे. अगला मैच है उड़ीसा में. आज. एक बार फिर से टीम इंडिया से वैसी ही परफॉरमेंस की उम्मीद की जा रही है. लेकिन. जब भी खबर में लेकिन लग जाता है तो मालूम चल जाता है कि मामला गड़बड़ है. कटक के बाराबती स्टेडियम में पिछला मैच एक बहुत ही ख़राब टेस्ट देकर गया था. इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच टी-20 मैच. 5 अक्टूबर 2015. इंडिया की पहले बैटिंग थी. 92 रन पर पूरी टीम आउट हो गयी. पिछला टी-20 मैच इंडिया हार ही चुकी थी. इनिंग्स ब्रेक में जितने लोग मैच देखने आये थे, बिलबिला उठे. वो इंडिया का बढ़िया खेल देखना चाहते थे लेकिन उन्हें देखने को मिल रहा था खराब प्रदर्शन. गुस्सा गए. मैदान में बोतलें फेंकने लगे. धकापेल बोतलें गिर रही थीं. बोतलें अब मिसाइल बन चुकी थीं. बाउंड्री पर प्लास्टिक ही प्लास्टिक. विहंगम दृश्य! लेकिन फिर साउथ अफ़्रीका की बैटिंग के दौरान 11वें ओवर में फिर से वही माहौल बन गया. फिर से बोतलें मैदान में दिखने लगीं. ताबड़तोड़. अब ये हुआ कि 27 मिनट के लिए मैच रुक गया. फिर से शुरू हुआ तो पुलिस वाले बाउंड्री पर खड़े दिख रहे थे. मैच चला. लेकिन फिर थोड़ी ही देर में तीसरा अटैक शुरू हुआ. फिर से बोतलें. इतना आदमी मैच नहीं देख रहा था जितनी बोतलें दिख रही थीं. मैच फिर रुक गया. इस बार 24 मिनट के लिए मैच रोका गया. साउथ अफ्रीका अगली 25 गेंदों में मैच जीत गया. लेकिन बरबती स्टेडियम की बत्ती लग गयी. स्टेडियम को ब्लैकलिस्ट किया जाने वाला था. बीसीसीआई ने इसपर काफी विचार किया. ब्लैकलिस्ट नहीं हुआ. आज मैच होने वाला है. इस बार वहां सिक्योरिटी टाइट कर दी गयी है. प्लेइंग एरिया को कम कर दिया गया है. यानी बाउंड्री अंदर कर दी गयी हैं. जिससे ऐसा हो कि बोतलें फेंकी जायें तो फील्डर्स तक न पहुंचे. इसके अलावा सारी जद को ही ख़तम कर दिया गया है. अन्दर बोतलें ले जाना या कैसा भी फल-फ्रूट ले जाना अलाऊ नहीं किया गया है. अब पूछने वाली बात ये है कि जब चेकिंग करके अंदर भेजा जा रहा है, बोतल ले जाना अलाऊ नहीं किया गया है तो बाउंड्री अन्दर काहे की गयी है? खैर, वो सब जाने दीजिये. लॉजिक है, लॉजिक का क्या? मैच जीत लिया जाए, बस!

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