भद्रजनों का खेल कहा जाने वाला क्रिकेट इन दिनों सकते में है. इंग्लिश क्रिकेटर अज़ीम रफीक़ ने इस खेल में शामिल नस्लभेद को खोलकर रख दिया है. और उनके इस खुलासे की चपेट में इंग्लैंड के कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेटर्स आए हैं. इसी सिलसिले में समरसेट के पेसर जैक ब्रूक्स ने साल 2012 की अपनी नस्लभेदी टिप्पणी के लिए अब माफी मांगी है. साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेटर्स चेतेश्वर पुजारा को भी सॉरी कहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रूक्स ने ही यॉर्कशर में खेलते वक्त पुजारा को 'स्टीव' निकनेम दिया था. यह दोनों ही मसले सामने आने के बाद ब्रूक्स के खिलाफ जांच शुरू हो गई है. रिपोर्ट्स का दावा है कि उन्होंने इंग्लिश पेसर टायमल मिल्स और स्टीवर्ट लुडट के लिए N***O शब्द का प्रयोग किया था. इस मसले पर गुरुवार 18 नवंबर को एक बयान जारी कर ब्रूक्स ने कहा,
'मैं स्वीकार करता हूं कि साल 2012 के दो ट्वीट्स में मेरे द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा अस्वीकार्य थी और मुझे इसका गहरा अफसोस है. मैं इन ट्वीट्स के जरिए किसी को भी हुए कष्ट के लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं.'
इस मसले पर लुडट ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वह ब्रूक्स को लंबे वक्त से जानते हैं और ब्रूक्स ने किसी भी मौके पर उन्हें बुरा नहीं महसूस कराया. बता दें कि ब्रूक्स का नाम हाल ही में अज़ीम रफीक़ द्वारा ब्रिटिश डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल, कल्चर, मीडिया एंड स्पोर्ट्स सेलेक्ट कमिटी को दिए बयान में सामने आया था. रफीक़ ने कहा था कि यह ब्रूक्स ही थे जिन्होंने भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को
'स्टीव' बुलाना शुरू किया था. इस मसले पर ब्रूक्स ने कहा,
'इस हफ्ते सांसदों के सामने अज़ीम रफीक़ के बयान में मेरा नाम सामने आने के संदर्भ में, जिसमें कुछ कठिन नाम वाले लोगों के लिए स्टीव नाम के प्रयोग की बात कही गई है. जो पहले ड्रेसिंग रूम के माहौल में हुआ था, निकनेम देना बेहद कॉमन सी बात है. इसमें किसी नस्ल या मज़हब का कोई रोल नहीं है. मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने इसी सिलसिले में यह किया था. और अब मैं मानता हूं कि यह नीचा दिखाने वाला और गलत था. मैंने चेतेश्वर से बात कर उन्हें या उनके परिवार को दुख पहुंचाने वाली किसी भी बात के लिए माफी मांग ली है. उस वक्त मैं इसे नस्लभेदी व्यवहार के रूप में पहचान नहीं पाया था, लेकिन अब मैं देख पा रहा हूं कि यह अस्वीकार्य था.'
बता दें कि अज़ीम रफीक़ के खुलासे ने इंग्लिश क्रिकेट में हंगामा मचा दिया है. ECB ने यॉर्कशर को इंटरनेशनल मैचों की मेजबानी से रोक दिया है, उन्होंने कई स्पॉन्सर्स भी गंवा दिए हैं. और साथ ही इंग्लैंड की सरकार भी इस मसले पर सख्त है. देखने वाली बात होगी कि अब इस मामले में आगे क्या होता है.