ईडन पार्क में खेले गए पहले ODI का 8वां ओवर चल रहा था. सामने टिम साइफर्ट थे (Tim Seifert) और गेंद अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) के हाथ में थी. कंबोज ने लगातार 6 गेंदें डालीं. 6 की 6 डॉट. कुछ गेंदें तो सीधे वापस कंबोज के पास ही आईं. बाकी गेंदें सीधे फील्डरों के हाथ में गईं. 2026 में वाइट बॉल इतनी इफेक्टिव हो सकती है? कंबोज ने भी शायद ही ऐसा सोचा होगा. खासकर जिस तरह उनका ODI डेब्यू रहा था.
अंशुल-गुरनूर ने किया इंप्रेस! ODI वर्ल्ड कप के लिए गंभीर को मिले दो दावेदार
Ind vs Nz 1st ODI : भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले ODI में शानदार जीत दर्ज की. वेस्टइंडीज सीरीज में महंगे साबित हुए युवा पेसर्स Anshul Kamboj और Gurnoor Brar ने ऑकलैंड की पिच पर कमाल की वापसी की. दोनों ने मिलकर 19.2 ओवरों में सिर्फ 66 रन देकर 5 विकेट चटकाए.

दरअसल, ये सब नजरिए का खेल है. कंबोज ने पुडुचेरी से न्यू चंडीगढ़ तक का लंबा सफर तय किया था. 3 अक्टूबर को प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) की जगह उन्हें सीधे प्लेइंग XI में उतारा गया. सामने वेस्टइंडीज की टीम थी. उस मैच में कंबोज की खूब कुटाई हुई. उन्होंने अपने 9 ओवरों में 82 रन लुटा दिए. विकेट के नाम पर हाथ एकदम खाली रहे.
थोड़ा और पीछे चलें तो कहानी इसके उलट थी. अपनी पहली 10 गेंदों में ही उन्होंने वेस्टइंडीज को 23 रन दे दिए थे. इसमें चौके भी थे, वाइड भी और लेग बाय भी. मजेदार बात देखिए. उन्होंने तब 10 गेंदों में जितने रन दिए थे. 4 नवंबर को ऑकलैंड में पूरे 10 ओवरों में उससे एक रन कम दिया.
कंबोज ने अपने पहले 4 ओवरों में सिर्फ 8 रन दिए. इसका फायदा दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहे गुरनूर बराड़ को मिला. 14 ओवर के बाद जब ड्रिंक्स ब्रेक हुआ, तब न्यूजीलैंड का स्कोर 2 विकेट पर 71 रन था. बस यहीं से टीम इंडिया ने मैच की नब्ज पकड़ ली.
बराड़ ने दूसरे छोर से कंबोज का गजब साथ दिया. उन्होंने रफ्तार बढ़ाई. अपनी लंबी कद-काठी का पूरा इस्तेमाल किया और गेंद को पिच पर जोर से पटका. 15वें ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने ठीक यही काम किया. नतीजा ये हुआ कि साइफर्ट गच्चा खा गए और एक गलत शॉट खेल बैठे.
बराड़ ने कड़वी यादें पीछे छोड़ींबराड़ भी बहुत कम अनुभव के साथ न्यूजीलैंड पहुंचे थे. उनके दिमाग में भी वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज की कड़वी यादें थीं. तब दूसरे ODI में उन्होंने 10 ओवरों में 96 रन पिटवा दिए थे. लेकिन न्यूजीलैंड की मददगार पिच ने उन्हें वापसी का शानदार मौका दिया.
इससे बराड़ का हौसला बढ़ा. उन्होंने अतिरिक्त गति और उछाल के लिए पूरा जोर लगाया. उनके खेल में एक नई फुर्ती दिखने लगी. इसका नमूना उनके दूसरे ओवर में ही मिल गया. उन्होंने अपनी ही गेंद पर एक बेहद तेज रिटर्न कैच लपका और टॉम लैथम को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया.
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दूसरे स्पेल में कंबोज ने विकेट भी निकालेवैसे न्यूजीलैंड की बैटिंग के ढहने के जिम्मेदार वो खुद भी रहे. लेकिन कोच गौतम गंभीर तो गदगद होंगे. उनके दो यंग पेसर्स ने मैच के अलग-अलग मौकों पर कमाल का प्रदर्शन किया. दोनों ने अपनी अलग-अलग खूबियों का इस्तेमाल किया. कंबोज और बराड़ ने मिलकर कुल 19.2 ओवर फेंके. इसमें सिर्फ 66 रन दिए और 5 बड़े विकेट अपनी झोली में डाले.
कंबोज को पहले स्पेल में कोई विकेट नहीं मिला था. लेकिन जब वो दोबारा लौटे तो गजब की वापसी की. उन्होंने मिचेल सैंटनर और नैथन स्मिथ का शिकार किया. इसके साथ ही न्यूजीलैंड को हार के मुंह में धकेल दिया. सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने अपनी लेंथ और 'बैक ऑफ लेंथ' गेंदों पर एकदम सटीक और किफायती गेंदबाजी की.
मिडिल ओवर में खतरनाक साबित हो सकते हैं बराड़इसी बीच, बराड़ ने भी गंभीर को दिखा दिया कि वो मिडिल ओवर्स में एक भरोसेमंद हथियार बन सकते हैं. इससे टीम इंडिया को अपने कॉम्बिनेशन में काफी लचीलापन मिलेगा. खासकर अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप को देखते हुए. वहां साउथ अफ्रीका में ऐसी ही सीमिंग कंडीशंस मिलेंगी, जहां गेंद स्विंग और सीम करेगी.
बेशक, अभी ये सिर्फ शुरुआत है. लेकिन अगर भारत चार पेसर्स के साथ उतरने का प्लान बना रहा है, तो दो जगहें तो जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के लिए पक्की हैं. ऐसे में यह मैच बराड़ के लिए बड़ा अहम हो सकता है. भले ही वो कंबोज जितने किफायती नहीं रहे, लेकिन उन्होंने पिच का भरपूर फायदा उठाया. अपनी शॉर्ट-पिच बॉलिंग से उन्होंने दो विकेट भी चटकाए.
वर्ल्ड कप के लिए पेश की दावेदारीअब टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. विराट कोहली ने एक बार फिर रन चेज करते हुए अपनी विंटेज फॉर्म की याद दिलाई. लेकिन जैसा कि गंभीर ने T20 सीरीज के बाद बड़े जोश में कहा था, विदेशी जमीन पर ODI की इस कामयाबी का असली श्रेय बॉलर्स को ही जाना चाहिए. खासकर मौजूदा टीम को देखते हुए.
अब अगले दो हफ्तों में न्यूजीलैंड की टीम पलटवार की तैयारी करेगी. वो संभलकर आएंगे और कंबोज-बराड़ की जोड़ी का बेहतर तरीके से सामना करने की कोशिश करेंगे. भारतीय खिलाड़ियों की यह युवा जोड़ी जल्द ही ऐसी परिस्थितियों में फंस सकती है, जहां अनुभव की कमी उन पर भारी पड़े. वो इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं, इसी से तय होगा कि टीम इंडिया में उनका भविष्य क्या है.
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