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'इतनी मेहनत क्यों, बस पिता को देखकर खेलना चाहता हूं', सरफराज खान का दर्द छलका

सरफराज खान ने रेलवे के खिलाफ 55 रन बनाए. मैच के बाद उन्होंने अपने सिलेक्शन को लेकर बात की. सरफराज ने कहा कि उन्होंने टीम में जगह बनाने के लिए सबकुछ किया. अपनी फिटनेस पर काम किया और 20 किलो वजन घटाया. इसके अलावा मुंबई के लिए लगातार रन भी बनाए.

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सरफराज खान ने पिछला टेस्ट मैच 2024 में खेला था. (Courtsey-PTI)

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  • सरफराज खान ने रेलवे के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में 55 रन बनाए और अपनी फिटनेस सुधार कर टीम में चयन के लिए संघर्ष जारी रखा है।
  • सरफराज दो साल से टीम इंडिया से बाहर हैं और उन्हें सिलेक्टर्स की तरफ से स्पष्ट संदेश नहीं मिला, जिसके कारण वे निराश हैं।
  • सरफराज का कहना है कि वे अपने प्रदर्शन को जारी रखेंगे और जब सिलेक्टर्स तैयार होंगे, तभी उन्हें टीम में शामिल किया जाएगा।

भारतीय बल्लेबाज सरफराज खान का आत्मविश्वास हर रोज डगमगाता है. कई बार खुद पर से उनका भरोसा उठने लगता है. लेकिन फिर वह अपने पिता को देखते हैं और दोबारा हिम्मत जुटाकर बल्ला थाम लेते हैं. दो साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे सरफराज ने रणजी ट्रॉफी में एक बार फिर हाफ सेंचुरी जड़ दी है. रेलवे के खिलाफ खेली गई इस शानदार पारी के बाद उन्होंने सिलेक्टर्स के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की.

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सरफराज खान हैं निराश

सरफराज खान ने रेलवे के खिलाफ 55 रन बनाए. मैच के बाद उन्होंने अपने सिलेक्शन को लेकर बात की. सरफराज ने कहा कि उन्होंने टीम में जगह बनाने के लिए सबकुछ किया. अपनी फिटनेस पर काम किया और 20 किलो वजन घटाया. इसके अलावा मुंबई के लिए लगातार रन भी बनाए. अपने संघर्ष के बारे में उन्होंने कहा,

आखिर मुझे इतनी मेहनत क्यों करनी चाहिए? मैं हर सुबह उठता हूं और खुद से यही सवाल पूछता हूं कि मुझे और ज्यादा मेहनत क्यों करनी चाहिए? बार-बार वही सब क्यों सहना चाहिए? मैं भारत के लिए खेल चुका हूं. मैं सुबह 5 बजे उठता हूं और प्रैक्टिस के लिए जाता हूं. कभी-कभी मेरे मन में ये सवाल आते हैं. लेकिन जब मैं देखता हूं कि मेरे पिता मेरे लिए कितनी मेहनत कर रहे हैं, तो मैं उनके लिए रन बनाना चाहता हूं. यही एक बात है जो मुझे प्रेरित करती है.

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सिलेक्टर्स ने नहीं की बात

सरफराज ने यह भी कहा कि उन्हें सिलेक्टर्स की तरफ से कभी कोई साफ संदेश नहीं मिला. उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया था, लेकिन प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला. उन्होंने बताया कि वह NCA में बल्लेबाजी की प्रैक्टिस कर रहे थे. तभी उन्हें श्रीलंका बुलाया गया. हालांकि, वहां उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला. इसके बाद वह वापस लौटे और मुंबई के लिए खेलने लगे.

सरफराज के मुताबिक, जब भी सिलेक्टर्स को लगेगा कि उन्हें टीम में शामिल करना चाहिए, वे उन्हें फोन कर लेंगे. फिलहाल वह सिर्फ क्रिकेट खेलना चाहते हैं.

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सरफराज ने आगे कहा कि जब वह टीम इंडिया का हिस्सा थे, तब भी उन्हें अपने बारे में कुछ बातें सुनने को मिलती थीं. लोग कहते थे कि वह सिर्फ घरेलू परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए फिट हैं. इस बात से उन्हें निराशा हुई. अपने प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरफराज ने कहा,

मैंने अफ्रीका में शतक लगाया. इंग्लैंड में शतक लगाया. ऐसा नहीं है कि मैंने विदेश में प्रदर्शन नहीं किया है. लेकिन वे लोग इसे अलग तरीके से देखते हैं. मेरा काम क्रिकेट खेलना है और मैं खेलता रहूंगा.

सरफराज के मुताबिक, उनके पीछे कोई बड़ी ताकत नहीं है. समर्थन के नाम पर उनके पास सिर्फ उनके पिता हैं. वह जो कुछ भी करते हैं, अपने पिता के लिए करते हैं.

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