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टीम इंडिया में टेस्ट क्रिकेट का कैरेक्टर नहीं? अजिंक्य रहाणे की बात ध्यान खींचती है

अजिंक्य रहाणे ने एक पॉडकास्ट में कहा कि संन्यास से पहले भी वह टीम से बाहर थे. इस दौरान वह भारतीय टीम को खेलते हुए देखते रहे. टीम को घर पर भी हारते हुए देखा है. रहाणे को लगता है कि खिलाड़ियों को टेस्ट के लिए ‘कैरेक्टर की जरूरत’ है.

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अजिंक्या रहाणे ने टेस्ट टीम पर सवाल उठाए हैं. (Photo-pti)

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  • अजिंक्य रहाणे ने कहा कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में कैरेक्टर की कमी है जो टीम के गिरते प्रदर्शन की मुख्य वजह है और जिससे टीम घर और विदेशी मैदानों पर क्लीन स्वीप का सामना कर रही है।
  • टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा और अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों के संन्यास और युवाओं के अतिरिक्त अनुभव की कमी से मजबूत वरिष्ठ खिलाड़ियों की कमी उत्पन्न हुई है, जो टीम के कमजोरी का कारण बनी है।
  • रहाणे ने चेतावनी दी कि टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को खतरा है और टीम में 7-8 सीनियर तथा 2-3 युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण बनाए रखना आवश्यक होगा ताकि प्रदर्शन में सुधार हो सके।

भारतीय टीम पिछले कुछ समय से टेस्ट फॉर्मेट में काफी संघर्ष कर रही है. विदेश के साथ-साथ टीम अपने घर पर भी टेस्ट सीरीज न सिर्फ हारी बल्कि उसे क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा. पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने टीम के गिरते प्रदर्शन की वजह बताई है. उन्हें लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में जिस तरह के कैरेक्टर की जरूरत होती है वह टीम में मिसिंग है.

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अजिंक्य रहाणे ने उठाए सवाल

अजिंक्य रहाणे ने एक पॉडकास्ट में कहा कि संन्यास से पहले भी वह टीम से बाहर थे. इस दौरान वह भारतीय टीम को खेलते हुए देखते रहे. टीम को घर पर भी हारते हुए देखा है. रहाणे को लगता है कि खिलाड़ियों को टेस्ट के लिए ‘कैरेक्टर की जरूरत’ है. यह जरूरी है. उन्हें सेशन के हिसाब से खेलना चाहिए. बाकी टीमों के खिलाड़ी मुश्किल सेशन खेलकर मैच जिता ले जाते हैं.

महज छह महीने के अंदर विराट कोहली, रोहित शर्मा और अश्विन ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. टीम में भी कम ही सीनियर खिलाड़ी बचे हैं. टीम की कमान भी युवा शुभमन गिल के हाथों में है. रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट के फैंस असली क्रिकेट लवर्स हैं. पिछले एक दो साल में जो कुछ भी हुआ उसके बाद भी उन्हें लगता है कि टेस्ट टीम में सीनियर खिलाड़ियों का होना जरूरी है. टीम में 7-8 सीनियर और साथ ही 2-3 युवा खिलाड़ियों का होना सही ‘मिक्स’ है. लेकिन इस समय टीम में बहुत कम सीनियर खिलाड़ी है. सभी खिलाड़ी नए हैं. 

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टीम इंडिया में सीनियर खिलाड़ियों की कमी

रहाणे ने कहा कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए डर लगता है. उन्होंने कहा,

सच कहूं तो, हां, मुझे टेस्ट क्रिकेट के भविष्य की चिंता है. क्योंकि जिस तरह से चीज़ें चल रही हैं, हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट बना रहे. क्योंकि पिछले 2-3 सालों में मैंने जो देखा है, उसके हिसाब से सीनियर खिलाड़ियों को बनाए रखना और उनका सम्मान करना ज़रूरी है. खासकर भारतीय टीम के मामले में, जहां सभी सीनियर खिलाड़ी एक साथ टीम से बाहर हो गए. ये एक समस्या रही है.

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आपको बता दें कि अजिंक्य रहाणे टेस्ट टीम का अहम हिस्सा रहे थे. उन्होंने 84 मैच खेले और 38.46 के औसत से 5,077 रन बनाए. उन्होंने भारत को ऐतिहासिक जीत भी दिलाई है. 2020-21 में उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया था. वह भी ऐसे समय में जब टीम इंडिया के ज्यादातर खिलाड़ी चोटिल थे. वहीं टीम के नियमित कप्तान विराट कोहली पहले ही मैच के बाद देश लौट गए थे.

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