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'ये मांगें पूरी नहीं हुईं तो IIT-B के डायरेक्टर दे देंगे इस्तीफा', छात्रों के चार्टर पर खुद किया साइन

IIT Bombay Sahil Wakode case: चार्टर में छात्रों ने साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े हालात की स्वतंत्र जांच की मांग की है, जिसमें 30 सितंबर तक अंतरिम रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक अंतिम रिपोर्ट मांगी गई है. ये भी कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो डायरेक्टर को भी इस्तीफा देना होगा. डायरेक्टर ने इन मांगों पर साइन करके अपनी सहमति दे दी है.

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IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे (बाएं) की मौत के बाद डायरेक्टर शिरीष केदारे (दाएं) ने छात्रों की सारी मांगे मान ली हैं. (फाइल)

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  • IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे ने 20 साल के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों की 18 मांगों पर 20 सितंबर को हस्ताक्षर कर ellas मांगे मान लीं।
  • साहिल वाकोडे ने 18 सितंबर को परीक्षा दौरान चैटजीपीटी का उपयोग करते पाए जाने के बाद आत्महत्या की, और प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ जातीय टिप्पणी के आरोप लगने पर FIR दर्ज हुई।
  • छात्रों की मांगे पूरी न होने की स्थिति में उन्होंने बुधवार तक इस्तीफा की धमकी दी है, साथ ही स्वतंत्र जांच और मентल हेल्थ टास्क फोर्स बनाने के लिए भी डेडलाइन तय की गई है।

IIT बॉम्बे के एक 20 साल के स्टूडेंट की मौत के बाद अब डायरेक्टर ने प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों की सारी मांगे मान ली हैं. 20 सितंबर को घंटों तक चली बातचीत के बाद डायरेक्टर शिरीष केदारे ने छात्रों द्वारा पेश किए गए 18 पॉइंट वाले चार्टर पर साइन कर दिया है. छात्रों की सबसे बड़ी मांग ये है कि अगर इन 18 मुद्दों पर एक्शन नहीं हुआ तो डायरेक्टर भी अपने पद से इस्तीफा दें. पूरा मामला 18 सितंबर को शुरू हुआ था.

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क्या है वो 18 मांगे?

इंडिया टुडे के मुताबिक, साहिल वाकोडे एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स का सेकंड ईयर स्टूडेंट था. शुक्रवार, 18 सितंबर को एग्जाम के दौरान मोबाइल पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था. इसके बाद उसी शाम साहिल वाकोडे ने अपने हॉस्टल के कमरे में जान दे दी. उनके घरवालों का आरोप लगाया कि जिस प्रोफ़ेसर ने साहिल वाकोडे को फोन के साथ पकड़ा था उसने जातीय टिप्पणी की थी. प्रोफ़ेसर का नाम सूर्यनारायण दूल्ला है और उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई है. फ़िलहाल उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. 

चार्टर में छात्रों ने साहिल वाकोडे  की मौत से जुड़े हालात की स्वतंत्र जांच की मांग की है, जिसमें 30 सितंबर तक अंतरिम रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक अंतिम रिपोर्ट मांगी गई है. उन्होंने डायरेक्टर, डीन ऑफ़ स्टूडेंट अफेयर्स और दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ एक 'ओपन हाउस' मीटिंग की भी मांग की है. साथ ही, उन्होंने वाकोडे की सार्वजनिक "बदनामी" के लिए माफ़ी की भी मांग की है. 

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प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों का 18 पॉइंट वाला चार्टर. 

छात्रों ने सिस्टम में बदलाव की भी मांग की. इनमें प्रोफ़ेसरों के लिए आचार संहिता, फैकल्टी और स्टाफ़ को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करना, काउंसलिंग में सुधार, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की प्रक्रिया में बदलाव और संस्थान के फ़ैसले लेने की प्रक्रिया में छात्रों की ज़्यादा भागीदारी शामिल है. मेन्टल हेल्थ असिस्टेंस के लिए एक टास्क फोर्स बनाने की बात भी है. और इसकी डेडलाइन 26 सितंबर तय की गई है.  

छात्रों ने साफ किया कि अगर ये मांगे पूरी नहीं हुईं तो डायरेक्टर को भी अपने पद से इस्तीफा देना होगा. 

ये भी पढ़ें: IIT बॉम्बे में छात्र की मौत ने तूल पकड़ा, प्रोफेसर पर जान देने के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट में FIR

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FIR में दर्ज प्रोफ़ेसर का नाम

साहिल वाकोडे के माता-पिता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने FIR में प्रोफ़ेसर सूर्यनारायण का नाम शामिल किया है. परिवार के जाति-आधारित उत्पीड़न के आरोपों के बाद पुलिस ने अपनी जान देने के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है और SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट की धाराएं लगाई हैं. इसके बाद जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई. 

इससे पहले IIT बॉम्बे ने बताया था कि उनके संस्थान के SC/ST सेल में इस घटना की कोई शिकायत नहीं मिली है. इस मामले में संस्थान के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की भी बैठक होने की उम्मीद है.

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