भारत 2014 में पोलियो फ्री हो चुका है. भारत में बीते 3 सालों से पोलियो का एक भी केस दर्ज नहीं किया गया. लेकिन पाकिस्तान अब भी पोलियो फ्री नहीं है. ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में पोलियो खत्म करने को लेकर कोशिशें नहीं हो रही हैं. यूनीसेफ और पाकिस्तानी सरकार इस बाबत लगातार अच्छा काम कर रहे हैं. इसके बावजूद पाकिस्तान में पोलियो अभियान अब तक सफल नहीं हो पाया है. जानिए पाकिस्तान में पोलियो अभियान के सफल होने की राह का सबसे बड़ा रोड़ा...
ओसामा बिन लादेन और अमेरिका का अभियान..
2011 में ओसामा को अमेरिका की एजेंसी सीआईए ने ऑपरेशन कर मार गिराया था. लेकिन इस ऑपरेशन से पहले सीआईए ने एबटाबाद में एक फर्जी मेडिकल अभियान चलाया, हेपेटाइटिस बी.
एबटाबाद वाले घर में ओसामा की मौजूदगी कंफर्म करने के लिए इस अभियान की अगुवाई की डॉ शकील अफरीदी ने. घरों में जाकर बच्चों के डीएनए सैंपल लिए गए. ओसामा के घर जाकर भी फर्जी अभियान के तहत सैंपल लिए गए, जिससे ये पक्का हो सके कि वहां ओसामा की रह रहा है. फर्जी अभियान सफल रहा. ओसामा मारा गया. लेकिन मुल्क में मेडिकल अभियान पर भरोसे को लेकर झटका लगा.

इस फर्जीवाड़े से फर्क पोलियो अभियान पर पड़ा. साल 2012 से अब तक करीब 70 पोलियो वर्कर्स को मार दिया गया. इनमें से ज्यादातर हमले तालिबान ने किए. वजह पोलियो वर्कर्स को इंटेलिजेंस एंजेट समझा जाना रहा. एक तथ्य ये भी है कि साल 2011 में पाकिस्तान में पोलियो के सबसे ज्यादा 198 मामले दर्ज किए गए. ये एक विश्व रिकॉर्ड रहा. नेगेटिव विश्व रिकॉर्ड. हालांकि ये रिकॉर्ड आगे टूटा, जब 2014 में पाकिस्तान में पोलियो के 306 मामले दर्ज किए गए. इस साल पूरी दुनिया में पोलियो के मामले करीब 359 रहे. यानी दुनिया के 85.2 फीसदी मामले अकेले पाकिस्तान के थे.
तहरीक-ए-तालिबान पोलियो अभियान के लिए आतंक बना हुआ है. कुछ कट्टर धार्मिक संगठन भी वक्त-वक्त पर फतवा जारी कर पोलियो अभियान का विरोध करते आए हैं. इन संगठनों का कहना है कि पोलियो ड्रॉप से आवाम को बांझ बनाने की कोशिश की जा रही है. ताकि पाकिस्तानी जनसंख्या न बढ़ पाए.
'बेऔलाद हो जाओगे' जैसी अफवाहें पाकिस्तान के कुछ कट्टर संगठन मस्जिदों और लाउड स्पीकर से फैलाते रहते हैं.
इसी वजह से जिन इलाकों में अभियान चलाया जाता है, वहां भारी सुरक्षाबल तैनात किए जाते हैं. अक्टूबर आखिर में लोकल बॉडी एलेक्शन के चलते सुरक्षाबलों की कमी के चलते पोलियो अभियान को कुछ दिन के लिए टाल तक दिया गया था. हालांकि अभियान बाद में चलाया गया. पाकिस्तान में पोलियो की गुडविल अंबेसडर असीफा भुट्टो जरदारी का कहना है कि मुल्क पोलियो खत्म करने से चंद कदम दूर है.