सुप्रीम कोर्ट ने 30 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal ED Arrest) की गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर सवाल पूछा. कोर्ट ने पूछा कि आखिर अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ही क्यों गिरफ्तार किया गया? कोर्ट में दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और उनकी ED रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई चल रही थी.
CM केजरीवाल की गिरफ्तारी पर SC ने पूछ लिया, 'लोकसभा चुनाव से ठीक पहले क्यों?'
Arvind Kejriwal की तरफ से कहा गया है कि इस मामले में उनकी सीधी संलिप्तता के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

इंडिया टुडे से जुड़ीं कनु सारदा की रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई कर रही बेंच में शामिल जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा,
"आजादी निहायत ही जरूरी है. आप इससे इनकार नहीं कर सकते हैं. आखिरी सवाल गिरफ्तारी के समय से संबंध रखता है. जिसका जिक्र उन्होंने किया है कि गिरफ्तारी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई है."
कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी से यह भी पूछा कि वो कार्यवाही के शुरू होने और कुछ समय बाद बार-बार नई शिकायतों के दायर होने के बीच लग रहे समय को लेकर भी जवाब दे. इधर, सीएम केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि अभी तक इस मामले में केजरीवाल के सीधे तौर पर शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है, ना ही उनके यहां से किसी तरह कोई बरामदगी हुई है.
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इस मामले में अगली सुनवाई 3 मई को होगी. इसी दिन ED को अपने जवाब दाखिल करने हैं.
इससे पहले, अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. वो एक अप्रैल से तिहाड़ जेल में बंद हैं. फिलहाल उनकी न्यायिक हिरासत 7 मई तक है. इधर, 9 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी अवैध नहीं है.













