केरल के उत्तर-पूर्व में एक ज़िला है, वायनाड. बहुतेरे उत्तर भारतीयों ने 2019 के लोकसभा चुनाव के वक़्त इस ज़िले का नाम सुना. अभी आलम ये है कि पूरा ज़िला हाथी से दहशतग्रस्त है. और, दहशत ऐसी कि दो राज्य सरकारें मुआवज़े के लिए सूंड भिड़ाए हुए हैं, सैकड़ों लोग सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं और ज़िले के सांसद राहुल गांधी को अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ छोड़ कर आना पड़ गया.
एक हाथी का हमला, जिसने दो राज्यों की राजनीति उलझाए रखी है!
इस हाथी की वजह से ऐसा हमला हुआ कि राहुल गांधी को 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' छोड़ कर आना पड़ गया.


महीने भर में हाथी के हमलों में तीन लोगों की जान चली गई.
पहली घटना 30 जनवरी की है. वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के एक कर्मचारी एन लक्ष्मणन को हाथी ने दौड़ा कर कुचल दिया. फिर 10 फ़रवरी को मानन्तवाडि गांव में पनाचीयिल अजी नाम के किसान पर हमला किया. हाथी ने उसका पीछा किया और एक घर के गेट-परिसर में घुस कर उसे कुचल दिया.
दूसरे हमले के बाद वन विभाग भी हरक़त में आया. केरल के वन मंत्री एके ससींद्रन ने वायनाड ज़िला कलेक्टर और पुलिस प्रमुख को स्थानीय प्रतिनिधियों से बात करने और हाथी पर क़ाबू पाने का निर्देश दिया. 200 लोगों की टीम हाथी की तलाश में लगाई गई. ताकि जल्द से जल्द ढूंढ कर पकड़ा जाए.
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इसके बाद 17 फ़रवरी को तीसरा हमला हुआ. वन संरक्षण समिति के सदस्य वेल्लाचलिल पॉल कुरुवद्वीप के पास ड्यूटी पर थे. ये शहर का एक प्रमुख इको-टूरिज़्म स्थल है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पिछले हमले के बाद से पर्यटन स्थल को बंद कर दिया गया था. पॉल की ड्यूटी लगी थी कि वो पर्यटकों को ये बताएं कि जगह बंद है. सुबह लगभग 9:30 बजे उन्होंने पास के जंगल में हाथियों का झुंड देखा. उन्होंने भागने की कोशिश भी की, लेकिन भागते वक़्त वो ज़मीन पर गिर गए और एक हाथी उनकी छाती को कुचलता हुआ चला गया. पॉल को फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
जंगली हाथियों के हमले की वजह से तीन लोग मारे गए, तो शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. सैकड़ों लोग पुलपल्ली क़स्बे में इकट्ठा हुए और वीपी पॉल का शव उनके घर से ले आए. नारेबाज़ी की. वन विभाग की गाड़ी रोक दी और उनकी जीप के बोनट पर गाय का शव रख दिया. हटने से इनकार किया, तो पुलिस के साथ झड़प भी हुई. पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
आंदोलनकारियों की मांग थी कि पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपया मुआवज़ा दिया जाए और उनकी विधवा को स्थायी नौकरी दें. सरकारी अधिकारियों से ये भी कहा कि उनकी बेटी की पढ़ाई का ख़र्च उठाए और परिवार का क़र्ज़ माफ़ करे. साथ ही प्रदर्शनकारियों ने जंगली जानवरों को बस्तियों में घुसने से रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की. जैसे, बाड़ लगाया जाए.
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फिर ज़िला प्रशासन ने परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें मुआवज़े के तौर पर 10 लाख रुपये दिए जाएंगे. वन विभाग भी मृत पॉल की विधवा को अस्थायी नौकरी देने के लिए और बेटी की पढ़ाई का ख़र्च उठाने के लिए सहमत हुआ. तब शव को वापस घर ले जाया गया. 40 लाख रुपये की मांग पर प्रशासन विचार कर रहा है.
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने स्थिति को देखते हुए शनिवार, 17 फ़रवरी को एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई. वन, राजस्व और स्थानीय स्व-सरकारी विभागों के मंत्रियों को इस मसले को निपटाने के निर्देश दिए.
मुआवज़े के लिए राज्य सरकारों ने भिड़ाई सूंडतनाव बढ़ा, तो वायनाड के सांसद राहुल गांधी अपने निर्वाचन क्षेत्र में पहुंचे. उस वक़्त उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा वाराणसी में थी. भागे-भागे आए.
इससे पहले भी हमलों के वक़्त राहुल गांधी सक्रिय थे. सोशल मीडिया पर. 10 फ़रवरी को हुए दूसरे हमले के वक़्त उन्होंने परिवार को सांत्वना भी दी थी और दो दिन बाद केरल के मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखी थी, कि रक्षा तंत्र को मज़बूत करने के लिए तत्काल क़दम उठाए जाएं और हमलों में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए मुआवज़ा बढ़ाया जाए.
इन सब के बीच केरल वन विभाग ने पुष्टि कर दी कि ये हाथी कर्नाटक से आया है, क्योंकि कर्नाटक के हासन ज़िले में उसका रेडियो कॉलर लगाया गया था. पिछले साल नवंबर में कर्नाटक-तमिलनाडु-केरल सीमा पर बांदीपुर जंगल में ट्रांसफ़र कर दिया गया था.
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है. यात्रा छोड़ कर आए राहुल ने पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की और सोमवार, 19 फ़रवरी को ख़बर आई कि कर्नाटक सरकार पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये मुआवज़ा देगी. बताया गया कि राहुल ने ही मानवीय आधार पर कांग्रेस सरकार को मुआवज़ा देने के लिए कहा.

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कर्नाटक सरकार ने ये दांव लोकसभा चुनाव से ठीक पहले चला है. इससे केरल में उनके लोकसभा गठबंधन पर असर पड़ सकता है. हालांकि, क्षेत्रीय स्तर पर दोनों पार्टियां आमने-सामने ही हैं.
अब दोनों तरफ़ से बयानबाज़ी चल रही है. कांग्रेस के मंत्री प्रियांक खरगे का कहना है कि बीजेपी चाहे जो आरोप लगाए, हाथी कर्नाटक का है और अगर उसने कहीं जाकर किसी को कुचल दिया है, तो मानवीय आधार पर कर्नाटक सरकार मुआवज़ा दे रही है. अगर भाजपा को कोई समस्या है, तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है.












