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कोलकाता की विश्वभारती यूनिवर्सिटी के गेस्ट प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, 3 छात्राओं ने कराई FIR

छात्राओं ने शिकायत में कहा है कि उन्हें परीक्षा में फेल होने का डर दिखाकर प्रताड़ित किया गया.

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विश्व भारती यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पर FIR दर्ज. (प्रतीकात्मक तस्वीर - आजतक)

कोलकाता की विश्वभारती यूनिवर्सिटी (Visva Bharati University) की तीन छात्राओं ने एक गेस्ट प्रोफेसर के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराई है. छात्राओं का आरोप है कि प्रोफेसर ने सेमेस्टर एग्जाम में पास कराने के लिए उनसे शारीरिक संबंध बनाने की बात कही. ये आरोप यूनिवर्सिटी के फारसी, उर्दू और इस्लामिक स्टडी डिपार्टमेंट में पढ़ने वाली तीन छात्राओं ने लगाया है. उनका कहना है कि प्रोफेसर ने उन्हें वॉट्सऐप पर अश्लील मैसेज भेजे और कई बार ग़लत तरीके से छुआ भी.

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छात्राओं ने ये शिकायत 28 मार्च को शांति निकेतन पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई. इसमें उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें परीक्षा में फेल होने का डर दिखाकर प्रताड़ित किया गया. छात्राओं का ये भी कहना है कि आरोपी प्रोफेसर ने उन्हें अपनी बात मानने पर सेमेस्टर एग्जाम्स में मदद करने का भी वादा किया था. एक पुलिस अफसर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.

समाचार एजेंसी PTI के साथ बातचीत में विश्वभारती यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि अगर पीड़ित छात्राएं यूनिवर्सिटी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) से संपर्क करती हैं, तो आरोपों पर गौर किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी. हालांकि आरोपी प्रोफेसर ने आरोपों से इंकार किया है. उसका कहना है कि उसे फंसाया जा रहा है. उन्होंने बताया,

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“मैं यहां इतने लंबे समय से पढ़ा रहा हूं. पहले कभी भी मेरे ख़िलाफ़ इस तरह के आरोप नहीं लगाए गए."

विश्वभारती यूनिवर्सिटी फैकल्टी एसोसिएशन के प्रवक्ता सुदीप्त भट्टाचार्य ने कहा कि आरोपों पर जल्द से जल्द उचित जांच की जानी चाहिए.

 ये भी पढ़ें - टैगोर की बनाई विश्व भारती यूनिवर्सिटी में नया विवाद!

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इससे पहले भी हो चुका है विवाद

सितंबर, 2023 में यूनेस्को ने शांतिनिकेतन को वर्ल्ड हेरिटेज साइट (विश्व धरोहर सूची) में शामिल किया. शांतिनिकेतन इस सूची में जगह बनाने वाली भारत की 41वीं धरोहर बन गई. इसे लेकर विश्वविद्यालय में तीन नए स्मारक लगाए गए. इनमें विश्वविद्यालय के चांसलर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वाइस-चांसलर विद्युत चक्रवर्ती का नाम लिखा गया. स्मारक में कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर का नाम नहीं था. इसको लेकर जमकर विवाद हुआ. शांतिनिकेतन को रवींद्रनाथ टैगोर की वजह से ही जाना जाता है.

वीडियो: विश्व भारती यूनिवर्सिटी में क्या बवाल हुआ कि हाईकोर्ट को दखल देना पड़ा?

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