कूपन कोड छोड़िए. यहां ‘जय श्रीराम’ बोलिए और इलाज में 50 परसेंट की छूट मिल जाएगी. बंगाल के एक डॉक्टर साहब ने अपने क्लिनिक पर ये ऑफर निकाला है. वही बंगाल, जहां आजकल चुनावी सरगर्मियां उफान पर हैं. जाहिर है, डॉक्टर साहब बीजेपी के कार्यकर्ता हैं. समर्थक हैं. उसी पार्टी से चुनाव लड़ना चाहते हैं.
'जय श्रीराम बोलो, फीस में 500 की छूट लो', सीनियर डॉक्टर के ऑफर पर यकीन नहीं होगा
कूपन कोड छोड़िए. यहां ‘जय श्रीराम’ बोलिए और इलाज में 50 परसेंट की छूट मिल जाएगी. बंगाल के एक डॉक्टर साहब ने अपनी क्लिनिक पर ये ऑफर निकाला है. वही बंगाल, जहां आजकल चुनावी सरगर्मियां उफान पर हैं.


एक बीजेपी कार्यकर्ता से उन्होंने इस ऑफर के बारे में बताते हुए एक पोस्टर बनवाया. इसमें अपनी बीजेपी वाली टोपी और पटका पहने फोटो भी लगाई. फेसबुक पर शेयर कर दिया. वहां कई डॉक्टरों ने इस पोस्ट को देखा तो उनका दिमाग हिल गया. उनका कहना है कि किसी भी डॉक्टर को अपने मरीजों के साथ ऐसा भेदभाव नहीं करना चाहिए. यह इस पेशे का अपमान है.
इसके जवाब में आरोपी डॉक्टर भी बहुत कुछ बोले हैं. वो भी जानेंगे, लेकिन पहले जान लेते हैं कि ये बवाल कब और कैसे शुरू हुआ. डॉक्टर्स और डॉक्टरों की संस्था इस बवाल पर क्या कह रही है.
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक सीनियर हार्ट स्पेशलिस्ट हैं डॉ. पीके हाजरा. वह कोलकाता के बालीगंज फाड़ी में एक प्राइवेट क्लिनिक चलाते हैं. रविवार, 12 अप्रैल को अपने फेसबुक पर उन्होंने एक पोस्ट डाली थी. इसमें लिखा कि जो मरीज उनके क्लिनिक में ‘जय श्री राम’ बोलेगा, उसे फीस में खास छूट मिलेगी. पोस्ट में एक QR कोड भी था, जिसे उन्होंने ‘जय श्री राम डिस्काउंट कोड’ बताया. मरीज इस कोड को स्कैन करके उनकी क्लिनिक में 500 रुपये की छूट ले सकते हैं.

थोड़ी देर में ही पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. कई डॉक्टरों ने जब इस पोस्ट और इसमें दिए गए ऑफर को देखा तो हैरान रह गए. उन्होंने इसे ‘मरीजों के साथ भेदभाव’ बताया. उनका कहना है कि डॉक्टरों का काम सबको बराबर देखना है. चाहे उनकी सोच या धर्म कुछ भी हो. डॉक्टरों की संस्था आईएमए यानी Indian Medical Association की बंगाल शाखा ने भी डॉक्टर हाजरा की आलोचना की है और उनसे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है.
IMA का कहना है कि ऐसा ऑफर मेडिकल एथिक्स और प्रोफेशनल व्यवहार के खिलाफ है. लोकतंत्र में हर किसी को किसी भी राजनीतिक पार्टी को सपोर्ट करने का अधिकार है, लेकिन मरीज की फीस उसके धर्म या राजनीतिक सोच के आधार पर तय करना पूरी तरह गलत है. IMA ने हाजरा को 3 दिन के अंदर जवाब देने को कहा है. वो ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
इस पूरे विवाद पर डॉ. हाजरा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ये भेदभाव है. TOI को उन्होंने बताया कि एक फुल टाइम बीजेपी कार्यकर्ता ने उनकी मंजूरी के बाद से ये पोस्ट बनाई और सोशल मीडिया पर डाली. उन्होंने कहा,
मैं बीजेपी का पक्का समर्थक हूं. ‘जय श्री राम QR कोड’ उन मरीजों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो बीजेपी को सपोर्ट करते हैं. बीजेपी समर्थकों को छूट देना भेदभाव नहीं माना जाना चाहिए.
हाजरा ने आगे कहा कि जो लोग ये स्कीम नहीं चाहते, वो मेरे फ्री क्लिनिक में आ सकते हैं, जिसे वह पिछले 30 साल से चला रहे हैं. हाजरा ने कहा कि जो लोग उनके इस कदम से सहमत नहीं हैं उन्हें आलोचना करने का पूरा हक है. लेकिन उनके पास भी अपना बचाव करने का अधिकार है. हाजरा ने यह भी बताया कि उनका सपना है कि वह बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ें.
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