ईरान के बाद अब अमेरिकी सेना ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी की है. राष्ट्रपति ट्रंप के इशारे के बाद इस अहम समुद्री रास्ते पर अमेरिका ने नाकेबंदी की है. लेकिन चीन के तेल टैंकर ने उनकी नाकेबंदी को चुनौती दी है. अमेरिका द्वारा बैन किया गया चीन का एक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर गया है.
अमेरिकी नाकेबंदी की परवाह किए बिना होर्मुज से निकल आया चीन का ये टैंकर
ईरान के साथ बातचीत फेल होने के बाद अमेरिका ने भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की नाकेबंदी की है. लेकिन इस नाकेबंदी को धता बताते हुए चीन का एक तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पार कर गया है. ईरान ने इसको लेकर अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के मजे भी लिए हैं.


ईरान ने इस मौके पर राष्ट्रपति ट्रंप पर तंज किया है. घाना स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,
अमेरिकी नौसेना ने अपने कई बड़े और खूबसूरत जहाजों के साथ बार-बार चेतावनी जारी की. बताया जा रहा, टैंकर के कप्तान ने विज्ञापन से बचने के लिए प्रीमियम प्लान ले लिया.
ईरानी दूतावास ने तंजिया लहजे में ही आगे लिखा,
एडिट: हमें बताया गया है कि यह नाकेबंदी केवल उन देशों पर लागू होती है जिनसे अमेरिका को डर नहीं लगता. यह लिस्ट पहले काफी लंबी हुआ करती थी. अब यह लिस्ट राष्ट्रपति ट्रंप की मैकडॉनल्ड्स की रसीद में आ जाती है, जिसे DoorDash के जरिए डिलीवर किया जाता हो.
शिपिंग डेटा से मिली जानकारी के मुताबिक, इस जहाज का नाम रिच स्टार्री है. इसे 13 अप्रैल को साढ़े 7 बजे नेवल ब्लॉकेड लागू करने के बाद वापस करवाया गया था. जहाज 6 घंटे तक पर्शियन गल्फ में खड़े रहने के बाद ईरान के अप्रूव्ड रूट से होर्मुज पार करके चीन की ओर जा रहा था. इस जहाज पर अफ्रीकी देश मलावी का झंडा लगा था. लेकिन जहाज के ओनर चीनी हैं और इसके क्रू भी चीन से ही थे.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रिच स्टार्री अमेरिकी ब्लॉकेड के बाद होर्मुज पार करने वाला पहला जहाज है. इस टैंकर और इसकी मालिक कंपनी शंघाई शुआनरुन शिपिंग को दो साल पहले ही अमेरिका ब्लैकलिस्ट कर चुका है. कंपनी पर प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से व्यापार करने का आरोप था.
रिच स्टार्री एक मीडियम साइज का टैंकर है. इसमें करीब 2.5 लाख बैरल मेथनॉल भरा हुआ है. यह माल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हमरिया पोर्ट से लोड किया गया था. अमेरिकी ने ब्लॉकेड के बाद घोषणा की थी कि ईरान के बंदरगाह का उपयोग नहीं करने वाले जहाजों को नाकेबंदी का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि होर्मुज से गुजरने से पहले चीनी टैंकर ने ईरानी बंदरगाह का दौरा किया था या नहीं.
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