इंटरनेट पर एक वीडियो कई लोग री-शेयर कर रहे हैं. वीडियो में एक भारतीय मूल की महिला हैं जो फिलहाल रूस में रह रही हैं. उनका दावा है कि उनके पति को मॉस्को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. दूसरा दावा है कि उनके पति पर रूसी आर्मी ज्वाइन करने का दबाव बनाया जा रहा है. अब महिला ने वीडियो के ज़रिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
मॉस्को में भारतीय इंजीनियर अरेस्ट, पत्नी का दावा, 'रूसी सेना में शामिल होने का बना रहे दबाव'
UP engineer detained: मॉस्को में रहने वाली स्नेहा गुप्ता का आरोप है कि उनके पति चन्दन की कोई गलती नहीं थी फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि चन्दन पर रूसी आर्मी ज्वाइन करने का दबाव बनाया जा रहा है.

वीडियो के मुताबिक, महिला का नाम स्नेहा गुप्ता है. वह उत्तर प्रदेश के कानपुर की मूल निवासी हैं. उनके पति का नाम चन्दन गुप्ता है. पेशे से इंजीनियर हैं और वो भी कानपुर के रहने वाले हैं. स्नेहा का कहना है कि चन्दन नोएडा सेक्टर 62 की एक कंपनी में इंजीनियर थे. मगर एक असाइनमेंट के लिए कंपनी ने उन्हें रूस भेज दिया. अब उनकी पत्नी ने रूसी प्रशासन पर इल्जाम लगाया है.
वीडियो में क्या दावा किया?वीडियो में स्नेहा ने बताया कि वो और उनके पति वर्क वीजा पर मॉस्को आए थे. लेकिन 6 सितंबर की दोपहर 12:30 बजे पुलिस चन्दन को गिरफ्तार कर थाने ले गई. उनका कहना है कि चन्दन की कोई गलती नहीं थी फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. वीडियो एडवोकेट स्नेहा गुप्ता नाम के अकाउंट से इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया है.
स्नेहा का कहना है कि रूसी मिलिट्री में सैनिकों की कमी हो रही है इसलिए विदेशी नागरिकों को फ़ौज में भर्ती किया जा रहा है. इनमें भारतीय भी शामिल हैं. उनका आरोप है कि डिटेंशन के दौरान चन्दन को रूसी आर्मी ज्वाइन करने का दबाव बनाया गया. आरोप ये भी है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले उन्हें परेशान किया गया था. लेकिन ये सब कुछ अभी तक बस दावा है. चन्दन गुप्ता की गिरफ्तारी, प्रशासन और मिलिट्री पर लगाए गए आरोप इनमें से किसी की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
PM मोदी से लगाई गुहारस्नेहा गुप्ता ने वीडियो में PM नरेंद्र मोदी और यूपी के CM योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने अपील की है कि जल्द से जल्द इसपर एक्शन लिया जाए. ताकि उनका परिवार भारत वापस लौट पाए. स्नेहा और चन्दन का एक 10 साल का बेटा भी है. स्नेहा का कहना है कि भारतीय एम्बेसी से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है. उन्होंने बताया कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती इसलिए मामला समझने में और परेशानी हो रही है.
ये भी पढ़ें: यूक्रेन के 'पुरुष सैनिकों का रेप' करवा रहा रूस, रिपोर्ट में पीड़ितों ने वजह बताई
सवाल क्यों उठ रहे?इस मामले में भारतीय कंपनी, इंडियन एम्बेसी और रूसी अधिकारियों से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है. लेकिन ये चिंता का विषय है. पहले भी भारतीय नागरिकों को नौकरी के सिलसिले में रूस आने के बाद रूसी आर्मी में भर्ती कराने की बात सामने आई थी.
रिपोर्ट्स बताती हैं कि दिसंबर 2025 तक 202 भारतीय रूसी आर्मी में भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 26 की मौत हो गई है. फिर जुलाई 2026 में, विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को विदेश में फर्जी नौकरी के ऑफ़र के बारे में चेतावनी दी. ऐसे मामले सामने आए थे जिनमें नागरिकों को गुमराह करके रूसी सेना में शामिल किया गया था.
वीडियो: रूस और यूक्रेन के बीच कानूनी विवाद में अब भारत के पूर्व सीजेआई की एंट्री












