आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लंदन में संगठन के शताब्दी वर्ष के वैश्विक कार्यक्रम के दौरान हिंदू राष्ट्र, हिंदुत्व, राष्ट्र और देश के फर्क, युवाओं और भारतीय प्रवासियों पर बात की. उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का मतलब किसी खास धर्म, पूजा पद्धति या जीवनशैली से नहीं, बल्कि अलग-अलग मान्यताओं और रास्तों को स्वीकार करने से है. युवाओं से उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करें, तरीका बाद में चुनें. भागवत ने ब्रिटेन में रहने वाले हिंदुओं की जिम्मेदारियों और भारत-ब्रिटेन के संबंधों पर भी अपनी बात रखी.
हिंदू राष्ट्र को लेकर मोहन भागवत ने साफ की बात, लंदन में क्या बोले?
मोहन भागवत ने लंदन में हिंदू राष्ट्र, हिंदुत्व और युवाओं को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र किसी एक धर्म या पूजा पद्धति तक सीमित नहीं है.
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