
भारत में करोड़ों लोग व्हॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं.
अमेरिका के एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं. पीटर क्रुमिंस. उन्होंने एक ऐसा प्लेटफार्म बनाया है जिसको यूज़ करके बेसिक फोन पर भी व्हॉट्सऐप चलाया जा सकता है. अभी मामला टेस्ट मोड़ में ही है. इस वेब सर्विस का नाम ब्राउज़रलिंग है. उसे इन्होने अलग-अलग ब्राउज़र्स पर टेस्ट के लिए डाला था. अचानक से उनकी वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ गया. एकदम से भारी मात्रा में लोग उनकी वेबसाइट पर नज़र आने लगे. पहले तो वो डर गए कि इंडिया से कोई साइबर अटैक हुआ है. बाद में जांच करने पर राज़ खुला कि इंडिया से भारी संख्या में लोग ब्राउज़रलिंग को व्हॉट्सऐप चलाने के लिए यूज़ कर रहे हैं. जियो फोन पर. इन लोगों में ज़्यादातर लोग बिहार से थे.

पीटर क्रुमिंस का ब्राउज़रलिंग.
पिछले साल नवंबर में ऐसे वीडियोज की बाद आई थी जिनमें जियो फोन पर व्हॉट्सऐप चलाने के तरीके बताए गए थे. ज़्यादातर फ़र्ज़ी थे. इन्हीं में से एक वीडियो में क्रुमिंस की वेबसाइट का ज़िक्र था. इस वीडियो में बताया गया था कि कैसे 'ब्राउज़रलिंग' जियो फोन में खोलकर मिलने वाले QR कोड को स्मार्ट फोन से स्कैन करके जियो फोन में व्हॉट्सऐप चलाया जा सकता है. ये व्हॉट्सऐप वेब का ही जियो संस्करण था.
ये वीडियो बहुत वायरल हुआ. 20 लाख से ज़्यादा लोगों ने देखा इसे. इसी के बाद क्रुमिंस की वेबसाइट पर ट्रैफिक की बाढ़ आ गई. साइबर अटैक की आशंका से डरे क्रुमिंस ने इंडिया के आईपी एड्रेस से आने वाले हर यूज़र को ब्लॉक करना शुरु किया.

जियो फोन के ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है.
अब क्रुमिंस ने अपनी वेबसाइट की सेवाओं के लिए फीस रख दी है. लेकिन बहुत कम लोग पैसे देकर सेवाएं ले रहे हैं. यूज़र्स का बड़ा हिस्सा फ्री में ही इस्तेमाल कर रहा है ब्राउज़रलिंग. क्रुमिंस की वेबसाइट पर आने वाले ट्रैफिक में 60% ट्रैफिक भारत से है. और ये लगभग सारा बिहार से है. एक बार फिर से साबित हो गया कि जुगाड़ वाली हर चीज़ भारतीयों को आकर्षित करती ही है.
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