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भारत सहित 60 देशों से टैरिफ हटाने की मांग, यूएस के 25 राज्यों ने ट्रंप को कोर्ट में घसीट लिया

US Tariff on India: अमेरिका के 25 राज्य डॉनल्ड ट्रंप के लगाए टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंच गए हैं. अगर इनके पक्ष में फैसला आता है तो भारत को भी बड़ा फायदा होगा.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 'जबरन मजदूरी' के खिलाफ टैरिफ बढ़ाया. (White House)

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  • डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत 'जबरन मजदूरी' को कारण बताकर 60 देशों पर नए टैरिफ लगाए हैं, जिनमें भारत और यूरोपियन यूनियन के देश शामिल हैं।
  • पूर्व में कई बार अमेरिकी कोर्ट ने डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ आदेशों को पलट दिया था, जिससे ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ लगाने की रणनीति बदली है और इसे नए आधार पर लागू किया है।
  • डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले 25 राज्यों ने ट्रंप के टैरिफ आदेश को अदालत में चुनौती दी है, जिससे इस मामले की कानूनी प्रक्रिया और बहस आगे बढ़ेगी।

अमेरिकी प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप को अपने देश की ज्यूडिशियरी से कई बार झटके लगे हैं. उनके टैरिफ से जुड़े कई ऑर्डर अमेरिकी कोर्ट ने पलट दिए. लेकिन ट्रंप हार मानने को तैयार नहीं हैं. वे टैरिफ को लेकर कोई ना कोई तिकड़म भिड़ा ही लेते हैं. जब कुछ हत्थे नहीं चढ़ा, तो ट्रंप ने 'जबरन मजदूरी' को वजह बताकर 60 देशों या ट्रेडिंग पार्टनर पर नए टैरिफ लगा दिए. इससे विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी जबरदस्त नाराज है. डेमोक्रेट्स के राज वाले 25 राज्य ट्रंप के खिलाफ कोर्ट पहुंच गए हैं.

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अमेरिका में कुल 50 राज्य हैं. न्यूयॉर्क और ओरेगन समेत डेमोक्रेट्स की अगुवाई वाले 25 राज्यों ने न्यूयॉर्क के यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में केस फाइल किया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों ने टैरिफ को बढ़ाकर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी तक करने वाले डॉनल्ड ट्रंप के आदेश को अदालत में चुनौती दी है.

क्यों लगाया नया टैरिफ?

जुलाई 2026 में डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत यह नया टैरिफ लगाया था. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये टैरिफ उन देशों पर लगाए गए, जो 'जबरन मजदूरी' करवाकर बनाए गए सामान को अमेरिका में एक्सपोर्ट होने से रोक नहीं पाए हैं. इनमें भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के देश भी शामिल हैं.

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यह अपनी तरह का खास टैरिफ सिस्टम है. डॉनल्ड ट्रंप पहले कार्यकाल में कोर्ट के अंदर इस टैरिफ को बचाने में कामयाब रहे थे. तब उन्होंने चीन के खिलाफ इस टैरिफ का इस्तेमाल किया था. लेकिन इस बार मामला अलग है.

डेमोक्रेट्स ने क्या कहा?

डेमोक्रेट्स गवर्नर या अटॉर्नी जनरल की अगुवाई वाले राज्यों का तर्क है कि 'जबरन मजदूरी' के लिए टैरिफ 'अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस' करने वाले चुनिंदा देशों या खास इंडस्ट्रीज पर लगाया जा सकता है. डेमोक्रेट्स शासित राज्यों का आरोप है कि डॉनल्ड ट्रंप के आदेश ने बड़े पैमाने पर इस टैरिफ का इस्तेमाल किया, जिससे अमेरिका का करीब-करीब पूरा इंपोर्ट प्रभावित हो रहा है.

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डेमोक्रेट्स राज्यों ने कहा कि अमेरिकी कोर्ट डॉनल्ड ट्रंप के कई टैरिफ को पहले ही रद्द कर चुके हैं. कार्ट में दी गई शिकायत के मुताबिक, ट्रंप सरकार 'जबरन मजदूरी' के बहाने उन्हीं टैरिफ को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रही है.

'अराजकता फैला रहे ट्रंप'

ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड ने डॉनल्ड ट्रंप पर निशाना साधा. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डैन रेफील्ड ने कहा कि हर कदम पर हारने के बावजूद ट्रंप एक बार फिर कामकाजी परिवारों और घरेलू ओरेगन बिजनेस पर और ज्यादा अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

वीडियो: डॉनल्ड ट्रंप ने किस पर लगाया 100 फीसदी टैरिफ, भारत पर क्या असर पड़ेगा?

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