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टूटे टखने के इलाज में इतने पेनकिलर दिए, 21 साल की युवती की हार्ट अटैक से मौत हो गई

मृतक की टखने की हड्डी खेत में काम करते हुए टूट गई थी. इसलिए उसे पास के अस्पताल ले जाया गया था. मगर परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल ने उनकी बेटी को बहुत ज्यादा दर्द की दवाएं दे दी थीं.

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मृतक ट्रिनिटी यूनिवर्सिटी में इंग्लिश और हिस्ट्री की पढ़ाई कर रही थीं. (Courtesy- इंडिया टुडे)

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  • अमेरिका के कनेक्टिकट में एक लड़की डेल एलिस मार्टिन की टखने की टूटी हड्डी के इलाज के दौरान कई पेनकिलर दिए जाने के बाद कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई।
  • डेल एलिस मार्टिन को वॉटरबरी अस्पताल में 14 घंटे के अंदर अत्यधिक पेनकिलर दवाएं दी गईं, जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत हुई और उसकी कार्डियक अरेस्ट से मृत्यु हुई।
  • मृतक के परिवार ने अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया है, जबकि अस्पताल पर पहले से ही जांच चल रही है और अस्पताल का स्वामित्व एक दिवालिया कंपनी के पास है।

अमेरिका के कनेक्टिकट में टखने की टूटी हड्डी का इलाज करा रही एक लड़की की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने उसे हद से ज्यादा दर्द की दवाएं दे दी थीं. दावा है कि कई पेनकिलर दिए जाने के बाद छात्रा को कार्डियक अरेस्ट आया था. परिवार ने इस मामले में मुकदमा दायर किया है.

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मृतक की पहचान 21 साल की डेल एलिस मार्टिन के रूप में हुई है. वह टेक्सास के सैन एंटोनियो में ट्रिनिटी यूनिवर्सिटी में इंग्लिश और हिस्ट्री की पढ़ाई कर रही थीं. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अप्रैल को खेत में काम करते हुए डेल एलिस के ऐंकल में फ्रैक्चर आ गया था. इलाज के लिए उसे वॉटरबरी अस्पताल ले जाया गया था.

14 घंटे के अंदर कई दवाएं दीं

मृतक छात्रा के परिवार का आरोप है कि मेडिकल स्टाफ ने उन्हें दर्द कम करने वाली कई दवाओं का कॉम्बिनेशन दिया जिससे उनकी मौत हो गई. मुकदमे में कहा गया है,

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"अस्पताल में भर्ती होने के 14 घंटे के अंदर ही मेडिकल स्टाफ ने डेल को काफी ज्यादा दर्द की दवा दी, जिससे उसकी सांसें रुक गईं. और उनकी मौत हो गई."

मुकदमे में आगे कहा गया,

“जिन दवाओं की वजह से डेल को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, उन्हीं दवाओं ने उसे बेहोश भी कर दिया था. दम घुटने के कारण डेल मदद के लिए आवाज नहीं लगा पाईं. 10 अप्रैल की सुबह 7 बजे वॉटरबरी हॉस्पिटल की एक नर्स ने डेल एलिस को देखा. तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उसका दिल धड़कना बंद हो चुका था.”

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अस्पताल की चल रही थी जांच

परिवार के वकील क्रिस्टोफर मैटी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से बताया कि कई पेनकिलर की वजह से डेल को कार्डियक अरेस्ट आया था. मृत महिला के पिता लिंडसे मार्टिन ने बताया कि जिस अस्पताल में उनकी बेटी को एडमिट कराया गया, उसकी पहले से जांच चल रही थी. उन्हें ये बेटी की मौत के बाद पता चला.

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न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, वॉटरबरी अस्पताल लंबे समय से कैलिफोर्निया की कंपनी 'प्रॉस्पेक्ट मेडिकल होल्डिंग्स' के मालिकाना हक में था. इस कंपनी ने जनवरी 2025 में दिवालिया होने के लिए अर्जी दी थी.

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