दुनिया के सबसे दिग्गज कारोबारियों में शुमार एलन मस्क लगातार मुकेश अंबानी पर हमला बोल रहे हैं. स्टारलिंक को स्पेक्ट्रम मंजूरी के मुद्दे पर वह भारतीय कारोबारी पर तंज कस रहे हैं. टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क के दावों पर देश की राजनीति में भी बवाल शुरू हो गया है. मस्क ने भारत के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल मुकेश अंबानी को प्रधानमंत्री कहकर संबोधित किया. उन्होंने एक्स पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?
एलन मस्क ने फिर कसा मुकेश अंबानी पर तंज, कहा- ‘प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी! मुझे माफ कर दें...’
Elon Musk On Mukesh Ambani: एलन मस्क पिछले कुछ दिनों से लगातार मुकेश अंबानी पर हमलावर हैं. अब उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखे पोस्ट में भारतीय कारोबारी मुकेश अंबानी को सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कहकर बुलाया है.

9 अक्टूबर को रात 10:30 बजे एलन मस्क ने ट्वीट किया. उसमें उन्होंने लिखा, 'प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी, मुझे माफ कीजिए कि मुझे यह समझने में इतनी देर लगी कि भारत के असली बॉस आप ही हैं. बेशक, आप भारत के लोगों के शोषण पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहेंगे. लेकिन क्या आप फिर भी Starlink को आपके साथ प्रतिस्पर्धा करने की इजाजत देने पर विचार करेंगे?'
उन्होंने आगे लिखा कि भारत के कई इलाकों में, दूसरे देशों की तरह, आज भी इंटरनेट की सुविधा नहीं है. इसकी वजह से बच्चों को पढ़ाई का मौका नहीं मिल पाता और छोटे कारोबारियों के लिए अपना सामान दुनिया भर के बाजार तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है. Starlink इन लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. धन्यवाद.
इसके अलावा 10 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे मस्क ने एक और ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने कुछ आर्टिकल्स के स्क्रीनशॉट शेयर किए. असल में एलन मस्क भारत में स्टारलिंक के तहत सैटलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करना चाहते हैं. लेकिन मस्क का आरोप है कि कुछ बड़े कारोबारी अपने कारोबार को बचाने के लिए स्टारलिंक को भारत में काम नहीं करने देना चाहते. शुरुआत में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था. उन्होंने ऐसे कारोबारियों को ‘ओलिगार्क’ कहा. मतलब ऐसे बेहद ताकतवर अमीर लोग, जिनका कारोबार के साथ-साथ फैसलों पर भी असर हो सकता है.
मुकेश अंबानी पर मस्क ने साधा निशानाइसके बाद मस्क ने सीधे मुकेश अंबानी का नाम लिया और पूछा कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं. मस्क का दावा है कि उनकी कंपनी पांच साल से भारत के कानून और नियमों का पालन कर रही है. इसके बावजूद उसे कारोबार शुरू करने की पूरी मंजूरी नहीं मिली है. लेकिन, यहां एक जरूरी बात समझिए. स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने का लाइसेंस मिल चुका है. यानी कंपनी को शुरुआती मंजूरी मिल गई है. लेकिन सिर्फ लाइसेंस मिलने से सर्विस शुरू नहीं हो जाती. उसे सुरक्षा से जुड़ी मंजूरी और इंटरनेट सर्विस के लिए जरूरी स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल की इजाज़त भी चाहिए होती है.
स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल की मंजूरी जरूरी- स्पेक्ट्रम को ऐसे समझिए, मोबाइल और सैटेलाइट के जरिए जानकारी सेंड और रिसीव करने के लिए रेडियो वेव का इस्तेमाल होता है. सरकार तय करती है कि कौन-सी कंपनी इन तरंगों का इस्तेमाल किस तरह कर सकती है.
- भारत सरकार का कहना है कि स्टारलिंक को सिर्फ उसके नियमों के मुताबिक जरूरी शर्तें पूरी करनी हैं. सरकार ने ये आरोप खारिज किया है कि किसी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए स्टारलिंक को रोका जा रहा है.
- टेलिकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कहा है कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने के लिए लाइसेंस पाने वाली तीनों कंपनियों को सुरक्षा से जुड़ी शर्तें पूरी करनी हैं. इस मामले में अंतिम सुरक्षा मंजूरी गृह मंत्रालय के दायरे में आती है.
ये तीन कंपनियां हैं स्टारलिंक, मुकेश अंबानी की जियो और एयरटेल से जुड़ी वनवेब. सरकार के मुताबिक, तीनों कंपनियां मंजूरी की प्रक्रिया में लगभग एक ही स्तर पर हैं. इसलिए सरकार ने मस्क के भेदभाव वाले आरोपों को गलत बताया है.
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सरकार ने आरोपों से किया इनकारसरकार ने भेदभाव के दावों को खारिज किया है. दूसरी ओर टेस्ला सीईओ का दावा है कि भारत में भी ऐसे कई इलाके हैं, जहां इंटरनेट सुविधा नहीं नहीं हैं. इंटरनेट नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई और छोटे कारोबारियों को नुकसान होता है. अगर इन इलाकों में स्टारलिंक की सेवा शुरू होती है, तो लोगों को इंटरनेट मिल सकता है. मस्क ने ये भी कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, जब बाकी संचार सेवाएं काम करना बंद कर देती हैं, तब स्टारलिंक ने लोगों की जान बचाने में मदद की है.
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