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PoK-अक्साई चिन भारत में... अमेरिका से आया ये नक्शा देख लोग आसिम मुनीर को क्यों चिढ़ाने लगे?

Donald Trump प्रशासन ने भारत का एक नक्शा जारी किया है, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है. यह रुख इशारा करता है कि अब अमेरिका की रणनीति और विदेश नीति भारतीय नक्शे के मुताबिक होगी.

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व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क को जारी करते वक्त अमेरिका द्वारा साझा किया गया नक्शा. (फोटो X/@USTradeRep)

अमेरिका और भारत ने शुक्रवार, 6 फरवरी को एक अंतरिम व्यापार समझौते के खाके (फ्रेमवर्क) का ऐलान किया. इस दौरान ट्रंप प्रशासन ने भारत का एक नक्शा जारी किया, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है. इसके अलावा, नक्शे में अक्साई चिन भी शामिल है, जिस पर चीन अपना दावा करता है.

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ऐसा नहीं है कि भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता के वैलिडेशन के लिए अमेरिका के अप्रूवल की जरूरत थी. भारत ने हमेशा यह बात खुले मंच से कही है कि कश्मीर उसका एक अखंड हिस्सा है और रहेगा. लेकिन, फिर भी अमेरिका का यह रुख इस तरफ इशारा करता है कि अब अमेरिका की रणनीति और विदेश नीति भारतीय नक्शे के मुताबिक होगी. 

US released map of India with PoK and Aksai Chin
(फोटो X/@USTradeRep)

अब तक कहानी कुछ और ही थी. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत करने की भरपूर कोशिश की. पिछले 6 महीनों में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर तीन बार अमेरिका का दौरा कर चुके हैं. उन्होंने ट्रंप के साथ दो मीटिंग भी कीं, जिनमें जून में आयोजित एक लंच भी शामिल है. लेकिन अब पाकिस्तान की सारी कोशिशें धरी की धरी नजर आ रही हैं.

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भारत का अमेरिकी नक्शा क्यों महत्वपूर्ण है?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका द्वारा पहले जारी किए गए नक्शों में पाकिस्तान की चिंताओं को ध्यान में रखा जाता था. इनमें पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) को अलग तरह से दिखाया जाता था. लेकिन ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए नक्शे में यह रुख बदलता नजर आ रहा है. इस नक्शे में पाकिस्तान के दावों को साफ तौर पर खारिज किया गया है.

भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) काफी समय से अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी नक्शों में भारत की सीमाओं के गलत चित्रण पर आपत्ति जताता रहा है. खासकर जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत की चिंता रही है.

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US released map of India with PoK and Aksai Chin
(फोटो: विदेश मंत्रालय)

नए अमेरिकी नक्शे की एक और अहम बात यह है कि इसमें लद्दाख के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. यह क्षेत्र लंबे समय से विवादित रहा है और चीन लगातार भारत की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए इस पर अपना दावा करता रहा है.

यह बदलाव ऐसे समय पर आया है, जब भारत और अमेरिका अपने रिश्तों को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पहले दोनों देशों के बीच कुछ समय तक अस्थिरता रही थी. व्यापार समझौते को लेकर भी मतभेद थे. इस दौरान ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था, जो अमेरिका के सहयोगी देशों में सबसे ज्यादा था. अब नए व्यापार समझौते के तहत इसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो एशियाई देशों में सबसे कम बताया जा रहा है.

आसिम मुनीर और पाकिस्तान को चिढ़ाने लगे लोग

अमेरिका द्वारा जारी नए नक्शे को लेकर लोग खुलकर तारीफ कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह कदम भारत के हित में है और पाकिस्तान के दावों को कमजोर करता है. अमेरिकी सरकार द्वारा किए गए ट्वीट (भारत के नक्शे वाले ट्वीट) पर कॉमेंट करते हुए लोगों ने पाकिस्तान पर तंज भी कसे हैं. एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि यह नक्शा पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है. आगे कहा कि इससे साबित होता है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की वाशिंगटन यात्राओं और ट्रंप की चापलूसी का अमेरिकी प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ.

एक पत्रकार ने लिखा,

व्यापार और बाकी बातें बाद में आती हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि यह नक्शा पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं दिखाता.

फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह नक्शा अमेरिकी नीति में बदलाव का संकेत है या सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला. लेकिन इतना तय है कि इस नक्शे ने भारत को कूटनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में खड़ा कर दिया है. यह भारत के संवेदनशील सीमा मुद्दों पर उसके दावों को और मजबूती देता है.

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आपको ये भी बताते चलें कि नए अंतरिम समझौते के तहत, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा. घटा हुआ टैरिफ 7 फरवरी सुबह साढ़े दस बजे से लागू हो गया. इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. एक संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि वे इस अंतरिम समझौते को तुरंत लागू करेंगे. साथ ही, दोनों पक्ष एक पूरे और स्थायी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को पूरा करने के लिए काम करेंगे. 

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