भारतीय मर्चेंट नेवी कैडेट सार्थक मोहापात्रा लापता हो गए हैं. वह एंग्लो-ईस्टर्न शिप मैनेजमेंट कंपनी में कैडेट थे और ‘ईए जर्सी’ नाम के जहाज पर तैनात थे. उनका जहाज वेस्ट अफ्रीका से सिंगापुर लौट रहा था. इसी दौरान मॉरिशस के पास वह गायब हो गए. अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है.
मर्चेंट नेवी कैडेट सार्थक रहस्यमय तरीके से लापता, जहाज के कमरे में गए, फिर किसी को नहीं मिले
3 फरवरी की सुबह उन्हें आखिरी बार अपने केबिन में जाते देखा गया था. सुबह करीब 8:30 बजे चीफ ऑफिसर उनसे मिलने गए तो केबिन खाली मिला. तुरंत पूरे जहाज में तलाशी ली गई, अलार्म बजाया गया और सभी क्रू मेंबर की गिनती की गई. तब पुष्टि हुई कि सार्थक जहाज पर मौजूद नहीं हैं. इसके बाद जहाज की रफ्तार कम की गई और आसपास के समुद्री क्षेत्र में तलाश तेज कर दी गई.


इंडिया टुडे से जुड़े अजय कुमार नाथ की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार ने बताया है कि सार्थक ने 14 जुलाई 2025 को कंपनी जॉइन की थी. 2 फरवरी को उन्होंने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी. उसी दिन परिवार के सदस्यों और दोस्तों से भी उनकी बात हुई. लेकिन 3 फरवरी को जब उनकी मां ने फोन किया तो कॉल का जवाब नहीं मिला. बाद में कंपनी ने एक आधिकारिक पत्र लिखकर परिवार को बताया कि सार्थक लापता हैं और उनकी खोज की जा रही है.
कंपनी के मुताबिक, 3 फरवरी की सुबह उन्हें आखिरी बार अपने केबिन में जाते देखा गया था. सुबह करीब 8:30 बजे चीफ ऑफिसर उनसे मिलने गए तो केबिन खाली मिला. तुरंत पूरे जहाज में तलाशी ली गई, अलार्म बजाया गया और सभी क्रू मेंबर की गिनती की गई. तब पुष्टि हुई कि सार्थक जहाज पर मौजूद नहीं हैं. इसके बाद जहाज की रफ्तार कम की गई और आसपास के समुद्री क्षेत्र में तलाश तेज कर दी गई.
मॉरिशस के मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को भी सार्थक के बारे में सूचना दी गई. एक संयुक्त खोज अभियान चलाया गया. रिपोर्ट लिखे जाने तक उनका कोई पता नहीं चला था.
सार्थक की मां ने बताया कि उनका बेटा पिछले 16 महीनों से कंपनी में इंटर्नशिप कर रहा था और सिर्फ दो महीने बचे थे. यह उनकी आखिरी जहाज यात्रा थी. इंटर्नशिप पूरी होने के बाद उन्हें थर्ड ऑफिसर के पद पर तैनाती मिलनी थी. वह मानते थे कि जहाज पर रहते हुए ही अपनी बाकी ऑफिस इंटर्नशिप पूरी कर लेंगे. मां ने बताया कि सार्थक रोज फोन पर उनसे बात करते थे. उन्हें अपनी नौकरी पसंद थी और काम में कोई परेशानी नहीं थी.
मां ने बताया कि 3 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे भुवनेश्वर से कैप्टन देबाशीष पटनायक नाम के व्यक्ति का फोन आया. उन्होंने कहा कि वे एंग्लो-ईस्टर्न कंपनी से हैं और पता पूछा. अगले दिन सुबह उन्हें बताया गया कि सार्थक सुबह 6:20 बजे से लापता हैं. कैप्टन उनके घर आए और लापता होने का पत्र सौंपा.
सार्थक की मां ने सवाल उठाया कि समुद्र के बीच एक व्यक्ति अपने कमरे से कैसे गायब हो सकता है. उनका मानना है कि किसी ने उसे छिपाया है और यह एक सुनियोजित घटना लगती है. उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच की मांग की है.
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