अमेरिका ने उस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो जारी किया है, जिसमें अमेरिकी सेना ने ईरान की जमीन पर फंसे अपने एक सैनिक को सुरक्षित बाहर निकल लिया था. ये ऑपरेशन करीब 50 घंटे तक चला जहां सैनिक ईरान में छिपा हुआ था. अब इस पूरे ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है.
एक को बचाने के लिए 90 सैनिक दांव पर लगाए, ईरान में 50 घंटे चले ऑपरेशन का वीडियो
अमेरिका ने इससे पहले इस ऑपरेशन के बारे में बहुत जानकारी नहीं दी थी. कई महीनों बाद अब सार्वजनिक किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि अप्रैल में ईरान में उनका F-15E लड़ाकू फाइटर जेट गिराए जाने के बाद अमेरिकी सैनिकों ने वहां फंसे सैनिकों को बचाने के लिए कैसे ऑपरेशन चलाया था.

ये बात अमेरिका-इज़रायल और ईरान जंग के शुरुआती महीनों की है. अप्रैल महीने में एक अमेरिकी फाइटर प्लेन ईरान की सरहद में जा गिरता है. उसमें सवार दो अमेरिकी सैनिक अलग-अलग जगहों पर गिरते हैं. एक को कुछ घंटे में रेस्क्यू कर लिया जाता है. लेकिन दूसरा सैनिक बुरी तरह ज़ख्मी हालत में ईरान के पहाड़ों में फंस जाता है. फिर शुरू होती है उसे बाहर निकालने की कवायद.
अमेरिका का रेस्क्यू ऑपरेशनअमेरिका ने इससे पहले इस ऑपरेशन के बारे में बहुत जानकारी नहीं दी थी. कई महीनों बाद अब सार्वजनिक किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि अप्रैल में ईरान में उनका F-15E लड़ाकू फाइटर जेट गिराए जाने के बाद अमेरिकी सैनिकों ने वहां फंसे सैनिकों को बचाने के लिए कैसे ऑपरेशन चलाया था. CBS News को 60 Minutes का ये फुटेज पहली बार मिला.
वीडियो में अमेरिकी सैनिकों को इस मिशन की तैयारी करते और फिर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते देखा जा सकता है.
रेस्क्यू टीम दो बड़े सर्च और रेस्क्यू एयरक्राफ्ट और एक अस्थायी डेज़र्ट एयरस्ट्रिप के जरिए इलाके में पहुंची. फिर वहां से छोटे MH-6 Little Bird helicopters ब्रावो (अमेरिकी सैनिक) की तरफ भेजे गए. और आखिरकार दो दिन के इंतज़ार के बाद उन्हें अपने बचाने वाले सैनिक दिखाई दिए. और जब रेस्क्यू टीम उनके पास पहुंची, तो ब्रावो ने बस इतना कहा. ‘चलो.’ लेकिन इसके बाद जब रेस्क्यू टीम अस्थायी एयरस्ट्रिप पर पहुंची तो वहां एक एयरक्राफ्ट रेत में फंस गया था. फिर एयरक्राफ्ट को वहीं तबाह कर अमेरिकी सेना बाहर निकल आई.
2 अप्रैल को अमेरिकी एयरफोर्स का F-15E फाइटर जेट ईरान के इस्फहान के दक्षिण में मौजूद एक पहाड़ी इलाके के पास उड़ रहा था. तभी एक ईरानी मिसाइल ने उसपर निशाना साधा. विमान में दो लोग थे. आगे बैठे थे पायलट, जिन्हें अल्फा कहा गया है. और पीछे बैठे थे वेपन सिस्टम ऑफिसर, यानी हथियारों और फायरिंग सिस्टम की जिम्मेदारी संभालने वाले अफसर. इन्हें ब्रावो कहा गया है. मिसाइल लगने के बाद दोनों ने जेट से इजेक्ट किया. दोनों अलग-अलग जगह उतरे.
ब्रावो का पैराशूट मिसाइल के हमले में खराब हो गया था. ब्रावो ने ऊपर देखा तो पैराशूट दिखाई ही नहीं दिया. उन्होंने बाद में CBS न्यूज़ को बताया कि ये उनकी जिंदगी का सबसे डरावना पल था.
किसी तरह वो जमीन पर पहुंचे. लेकिन इतनी जोर से गिरे कि उनकी पीठ, एक हाथ और कंधे में चोट लग गई. और यहां से असली मुसीबत शुरू हुई. ब्रावो घायल थे, लेकिन उन्हें पता था कि अगर उसी जगह पड़े रहे तो पकड़े जा सकते हैं. अल्फ़ा को छह घंटे के अंदर बाहर निकाल लिया गया मगर ब्रावो ईरानी पहाड़ियों में फंसे रहे.
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ब्रावो के साथ आगे क्या हुआ?उन्हें ढूंढने की खातिर ईरानी सुरक्षाबल भी इलाके में तलाश कर रहे थे. यहां तक ईरानी सरकार ने तो आम लोगों के लिए इनाम का ऐलान कर दिया था. मसलन जो भी ब्रावो की जानकारी देगा, सरकार उसे इनाम देगी.
कुछ वक्त बाद ब्रावो का किसी तरह अमेरिकी सेना से संपर्क हुआ. उन्होंने बताया कि वो घायल हैं, और हिल-डुल सकते हैं. इसके बाद भी उन्होंने करीब एक और दिन पहाड़ों में बिताया. खाने-पीने का सामान बहुत कम था. इसी बीच इस रेस्क्यू में CIA भी शामिल हो गई. इंडिया टुडे की रिपोर्ट में CBS न्यूज़ के हवाले से बताया गया है कि CIA ने एक डिसेप्शन कैंपेन चलाया. मतलब ऐसा प्लान बनाया गया, जिससे ईरानी सुरक्षाबल ब्रावो को ढूंढने में गुमराह हों.
वीडियो में अमेरिकी बॉम्बर्स और ड्रोन ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की फोर्सेज के पास हमला करते दिखते हैं.
इन हमलों से रेस्क्यू टीम को ब्रावो तक पहुंचने के लिए एक मौका बनाने की कोशिश की गई. 90 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर पहुंचे. सैकड़ों लोग हवा से इस ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहे थे. और कई लोग पीछे से इस पूरे मिशन को चला रहे थे.
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