एचडीएफसी बैंक के शेयर मंगलवार 15 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 2% से ज्यादा चढ़ गए. एचडीएफसी बैंक ने एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का उत्तराधिकारी चुनने के लिए नए सीईओ के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को दो नाम भेजे हैं. इस घटनाक्रम से भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक में नेतृत्व को लेकर चल रहे बदलाव को लेकर और अधिक स्पष्टता आई है. इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
HDFC के शेयरों में आई तेजी, क्यों आई यह बढ़त और खरीदने के लिए है राइट टाइम?
HDFC Share Price: एचडीएफसी बैंक के शेयरों में मंगलवार (15 सितंबर) को 2% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. बैंक के शेयर्स में आई इस तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को भी सहारा दिया. फिलहाल शेयर खरीदने के लिए सही समय है या नहीं?

आज (15 सितंबर) शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी बैंक के शेयर 2.32% की बढ़त के साथ 724.40 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. यह शेयर सेंसेक्स में सबसे अधिक ज्यादा फायदा कमाने वाले शेयरों में से एक था. एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आई तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा दिया.
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इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में इकोनॉमिक टाइम्स के हवाले से बताया गया है कि बैंक के बोर्ड ने अगले एमडी और सीईओ के पद के लिए आरबीआई को दो नाम सौंपे हैं. बैंक के मौजूदा डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा सबसे मजबूत आंतरिक उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं.
इसके अलावा सीईओ के नाम पर एक बाहरी उम्मीदवार भी दौड़ में शामिल है. आरबीआई को प्रस्तुत किए गए बाहरी उम्मीदवार की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है. वहीं, कैजाद भरूचा आंतरिक दावेदारों में सबसे आगे हैं.
कैजाद भरूचा ने साल 1995 में एचडीएफसी बैंक को ज्वाइन किया था. बाद में साल 2014 में एक कार्यकारी निदेशक के रूप में इसके बोर्ड में शामिल हुए. वह फिलहाल बैंक के कई प्रमुख बिजनेस की देखरेख करते हैं. इनमें रिटेल एसेट्स, मॉर्गेज, कॉर्पोरेट बैंकिंग, उभरती हुई कंपनियां, बैंकिंग और ग्रामीण कर्ज शामिल हैं.
हालांकि, कैजाद भरूचा की उम्मीदवारी को लेकर एक नियम आड़े आ रहा है. आरबीआई के नियमों के मुताबिक, किसी निजी बैंक में प्रबंध निदेशक, सीईओ या पूर्णकालिक निदेशक का लगातार कार्यकाल अधिकतम 15 साल तक सीमित है.
भरूचा जून 2029 में उस सीमा तक पहुंच जाएंगे. लेकिन एचडीएफसी बैंक ने आरबीआई से लगभग छह महीने की छूट मांगी है. यदि छूट मिल जाती है, तो इससे उन्हें एमडी और सीईओ के रूप में चुने जाने पर तीन साल का पूरा कार्यकाल पूरा करने की अनुमति मिल जाएगी.
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इस दौड़ में बाहरी उम्मीदवार भी शामिलखबरों के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक को शीर्ष पद के लिए 150 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से लगभग 50 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया और अंततः 10 से भी कम उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया.
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, बाहरी दावेदारों में सबसे मजबूत दावेदारों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के सीईओ अनुप बागची और सिटी इंडिया के सीईओ के. बालासुब्रमण्यम शामिल थे. बागची को आईसीआईसीआई समूह में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है. वहीं, के. बालासुब्रमण्यम के पास कॉर्पोरेट और संस्थागत बैंकिंग का मजबूत अनुभव है. उन्होंने साल 2016-17 में एचडीएफसी बैंक में भी कुछ समय बिताया था. इसलिए अब विकल्प सीमित होता दिख रहा है.
ऐसे में या तो एचडीएफसी बैंक के किसी अनुभवी अधिकारी को ही इस पद पर बनाए रखा जाए या फिर किसी बाहरी व्यक्ति को नियुक्त किया जाए. अंतिम फैसला बैंक के बोर्ड की प्रक्रिया और आरबीआई की मंजूरी पर निर्भर करेगा. जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होने पर वे पद छोड़ देंगे.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, “शेयर बाजार के लिए एक सकारात्मक बात यह है कि एचडीएफसी बैंक के एमडी और सीईओ के चयन को लेकर स्पष्टता उभर रही है. आरबीआई की तरफ से बैंक के नए उत्तराधिकारी के नाम को शीघ्र स्वीकृति मिलने से बेंचमार्क इंडेक्स पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है. आईपीओ बाजार में लगातार तेजी और व्यापक बाजार के बेहतर प्रदर्शन भी सकारात्मक संकेत हैं.”
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