अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप चुनाव जीतने के लिए लोगों को ‘घूस’ देने पर उतर आए हैं. उन्होंने ऐलान किया है कि उनकी सरकार सभी बालिग नागरिकों को 5 हजार डॉलर (4 लाख 77 हजार रुपये) देगी, अगर मिड टर्म इलेक्शन में उनकी जीत हुई तो. इसका नाम ‘ट्रंप डिविडेंड’ रखा गया है.
अमेरिका में भी 'रेवड़ी कल्चर' शुरू, ट्रंप मिड टर्म इलेक्शन जीते तो हर वयस्क को 5000 डॉलर देंगे
US Midterm Election: Donald Trump ने अपने एक बयान में अमेरिकी वयस्कों को 5 हजार डॉलर देने का वादा किया है. उन्होंने कहा कि अगर US के Midterm Election में उनकी पार्टी का वर्चस्व बना रहेगा, तो वो अपने इस वादे को पूरा करेंगे.

ट्रंप ये ‘डॉलर की रेवड़ी’ चुनाव जीतने के बाद बांटेंगे. हालांकि, ट्रंप की राह इतनी भी आसान नहीं है. वेस्ट एशिया में ईरान के साथ चल रही जंग की वजह से उनकी पहले से ही ‘फजीहत’ हो रही है. जंग के चलते अमेरिका में भी महंगाई बढ़ी है. इसके अलावा ट्रंप को ये वादा पूरा करने के लिए अमेरिकी संसद से परमिशन लेनी पड़ेगी. गरारी यहां भी फंस रही है कि अमेरिकी कानून ऐसे भुगतान करने की इजाजत नहीं देता है. वहीं ट्रंप ने भी ये नहीं बताया कि ये पैसे कैसे, कब और किस तरह से नागरिकों को मिलेंगे.
दरअसल, अमेरिका में नवंबर 2026 में मिड टर्म चुनाव होने वाले है. इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसी के मद्देनजर राष्ट्रपति ट्रंप 9 सितंबर को डालस के RNC मिड टर्म कन्वेंशन में पहुंचे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने वोटर्स से उनकी रिपब्लिकन पार्टी को वोट करने की अपील की. उन्होंने अपनी स्पीच में कहा कि अगर उनकी पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट में अपना वर्चस्व बनाए रखने में सफल होती है, तो देश के सभी बालिग अमेरिकी नागरिकों को 5 हजार डॉलर दिए जाएंगे.
अमेरिका में करीब 27 करोड़ वयस्क हैं. अगर इस ऐलान को पूरा करने के बजट पर ध्यान दिया जाए, तो ट्रंप को अपना वादा पूरा करने में करीब 1.35 ट्रिलियन डॉलर (129 लाख करोड़) का खर्च आएगा. लेकिन ट्रंप ने अपने भाषण में ये बात साफ नहीं कि ये पैसे लोगों को कैसे मिलेंगे.
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने लोगों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि वे इन पैसों को खर्च करने के लिए विदेशों में न जाएं बल्कि अमेरिका में ही इसे खर्च करें. वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस ‘ट्रंप डिविडेंड’ को उन टैरिफ के पैसों से जोड़ा है, जिसे अमेरिका ने अलग-अलग देशों पर टैरिफ लगाकर कमाया है.
ईरान से जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद है. इस वजह से दुनियाभर में तेल और एनर्जी की कमी है. इस पंगे की वजह से ट्रंप पर विरोधियों के साथ खुद की पार्टी भी दबाव बना रही है कि वो इस जंग को जल्द से जल्द खत्म करें. लेकिन ट्रंप ने बुधवार को बताया कि मिड टर्म चुनाव के बाद भी जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. तेल की कीमतों में भी कमी नहीं आएगी.
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