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अमेरिका ने ईरान को बर्बाद करने का बनाया प्लान, सहयोगियों को धमकाया- 'अगर मदद की तो...'

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक जंग शुरू की है. तेहरान पर प्रतिबंधों की बौछार के साथ ही बाकी दुनिया को भी धमकाया है. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि ईरान से व्यापार करने वाले देश और कंपनियां तय समय में कारोबार बंद करें.

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अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट. (फोटो: रॉयटर्स)

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  • अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ नए सेकेंडरी प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनमें उन देशों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई शामिल है जो तेहरान के साथ व्यापार जारी रखेंगे।
  • यह कदम डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान की आर्थिक लाइफलाइन को काटना और उसकी तस्करी एवं प्रतिबंधों से बचने की नेटवर्क को खत्म करना है।
  • अमेरिका ने विश्वसनीय देशों को ईरान के साथ कारोबार बंद करने के लिए एक निर्धारित समय-सीमा दी है, और ऐसा न करने पर इन देशों या उनके कंपनियों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से प्रतिबंधित करने की चेतावनी दी गई है।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक जंग शुरू कर दी है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने उन देशों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने का ऐलान किया जो तेहरान के साथ कारोबार कर रहे हैं. उन्होंने दुनिया भर के नेताओं और कंपनियों को चेतावनी दी है कि उनके पास ईरान के साथ कारोबार खत्म करने के लिए एक तय समय-सीमा है. इसका पालन नहीं करने पर गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को अलग-थलग करने के लिए ‘इकोनॉमिक डी-डे’ कैंपेन शुरू किया है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों के खिलाफ सेकेंडरी प्रतिबंध बढ़ाने का ऐलान किया है. ऐसे देशों की कंपनियां अमेरिका में अपना सामान या सेवाएं नहीं बेच पाएंगी. उन्हें डॉलर-आधारित फाइनेंशियल सिस्टम से भी बाहर कर दिया जाएगा.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेसेंट ने कहा, 

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"हमारा मकसद इस जालिम सरकार को बनाए रखने में सहयोग करने वाली आर्थिक लाइफलाइन को खत्म करना है, ताकि तेहरान अकेला पड़ जाए."

तेहरान पर प्रतिबंधों की बौछार

अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरान से जुड़ी लगभग 60 संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों पर नए बैन लगा दिए हैं. ये बैन तेल, परमाणु, मिसाइल और साइबर नेटवर्क जैसे कई सेक्टर से जुड़े हैं. 

बेसेंट ने बताया कि अमेरिका के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ प्लान के तहत, ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को डिकोड किया है. इस नेटवर्क का इस्तेमाल ईरान ने तेल की तस्करी और प्रतिबंधों से बचने के लिए किया है. उन्होंने आगे कहा कि अब दुनिया भर की सरकारों से कहा जा रहा है कि वे वॉशिंगटन ने जिन गतिविधियों को चिह्नित किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई करें. 

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डॉनल्ड ट्रंप पहले भी दे चुके हैं कई बार चेतावनी

बेसेन्ट ने कहा कि हर देश के पास इन एक्टिविटीज को बंद करने के लिए एक ‘तय टाइमलाइन’ होती है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि देशों के पास पालन करने के लिए कितना समय है या ऐसा नहीं करने पर उन्हें किस तरह की सजा का सामना करना पड़ सकता है.

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इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जो देश ईरान की आर्थिक या लॉजिस्टिकल मदद करेगा, उसे ‘भारी आर्थिक नतीजों’ का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, ट्रंप ने किसी देश का नाम नहीं लिया. ट्रंप ने यह भी नहीं बताया कि ईरान के साथ लेन-देन जारी रखने वाले देशों पर वॉशिंगटन क्या प्रतिबंध लगाएगा. 

वीडियो: अमेरिका ईरान युद्ध डॉनल्ड ट्रंप के जाने तक चलेगी? आखिर क्या है IRGC का प्लान?

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