अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इस हफ्ते ईरान के खिलाफ अमेरिका का यह तीसरा बड़ा मिलिट्री एक्शन है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की गई जब उसने दावा किया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कंटेनर जहाज पर हमला किया. जवाब में ईरान ने भी संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेसों को निशाना बनाया.
अमेरिका ने ईरान के कई शहरों पर हमले किए, IRGC ने भी US बेस उड़ाए, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बंद किया
US Attack on Iran: अमेरिका ने दावा किया कि पहले ईरान ने एक कंटेनर जहाज पर हमला किया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने यह कदम उठाया. ईरान ने भी वेस्ट एशिया में मौजूद यूएस बेसों को निशाना बनाया है.


11 जुलाई को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरते वक्त साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज (M/V GFS गैलेक्सी) पर हमला हुआ. अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने एक बयान में कहा,
“एक सिविलियन क्रू मेंबर लापता है, और जहाज में आग लगने और इंजन रूम को हुए बड़े नुकसान की वजह से जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहा है.”
इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर नए हमले शुरु किए. CENTCOM ने कहा कि ये हमले कमांडर इन चीफ यानी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कहने पर किए गए थे. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ‘X’ पर एक पोस्ट में इन हमलों पर टिप्पणी करते हुए कहा,
“ईरान ने गलत फैसला किया. अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी.”
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के प्रेस टीवी ने दक्षिणी ईरान के बुशहर और असलुयेह में धमाकों की खबर दी है. सरकारी टेलीविन ने बताया कि ईरान के चाबहार के पास भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. ईरान सरकार से जुड़ी मेहर न्यूज एजेंसी ने भी केशम द्वीप पर धमाकों की खबर दी.
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि बंदर अब्बास में तीन और सिरिक में दो धमाके सुने गए. जबकि IRNA न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत के बंदरगाह शहर जास्क में 10 से ज्यादा धमाके सुने गए.
ईरान ने किया पलटवारहमले के कुछ ही समय बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की. ईरान की फार्स न्यूज के मुताबिक, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में धमाकों की आवाज सुनी गई. UAE के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि एयर डिफेंस सिस्टम अभी ईरान से आ रहे मिसाइल हमलों और ड्रोन का मुकाबला कर रहा है.
बहरीन में भी सायरन बज रहे है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंदअमेरिकी हमलों से पहले ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया था. तेहरान ने इस अहम समुद्री रास्ते से गुजर रहे एक जहाज पर चेतावनी के तौर पर गोली चलाई थी. IRGC की नेवी ने एक बयान में कहा,
"एक जहाज जिसने अपने सिस्टम बंद करके समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाला था, उस पर हमला किया गया और उसे रोक दिया गया."
हालांकि, जहाज की पहचान नहीं बताई गई और न ही और जानकारी दी गई. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के मुताबिक, IRGC नेवी किसी भी जहाज को इस अहम जलमार्ग से तब तक गुजरने की इजाजत नहीं देगा, जब तक कि इस इलाके में अमेरिका का दखल खत्म नहीं हो जाता.
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'सीजफायर समझौते का उल्लंघन'ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि उन्होंने ओमान में अपने समकक्ष ओमानी विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल बुसैदी के साथ जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा की. ईरान का कहना है कि यह स्ट्रेट अब उसके कंट्रोल में रहना चाहिए.
अराघची पहले ही चेता चुके हैं कि होर्मुज पर कोई भी फैसला लेने का हक केवल ईरान और ओमान के पास है. उधर अमेरिका ने जहाजों से ओमान के जलक्षेत्र से होकर जाने की अपील की है.
अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने ईरान को खुले बाजार में US डॉलर में कच्चा तेल बेचने की इजाजत देने वाली छूट खत्म कर दी है. इससे वाशिंगटन ने अंतरिम समझौते का उल्लंघन किया है. अमेरिकी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ये छूटें वापस ले ली थीं.
वीडियो: दुनियादारी: क्या ईरान-अमेरिका सीजफायर टूट गया?








