चीन के कई हिस्से बारिश की वजह से आई भारी बाढ़ की चपेट में हैं. लोग पहले से ही बाढ़ से परेशान हैं. लेकिन सबसे बुरी आपदा गुआंग्शी इलाके में आई है. यहां के निवासियों को एक ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए कोई तैयार नहीं था. हुआ ये है कि उनके इलाके में सैकड़ों सांपों ने कब्जा कर लिया है.
चीन में अचानक सड़कों-तालाबों में तैरने लगे जहरीले सांप, जहर की दहशत से लोगों में हड़कंप!
China Floods: चीन में आए बाढ़ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. घुटनों से ऊपर गहरे पानी में बड़ी संख्या में सांप भी तैरते नजर आ रहे हैं. पानी में उतर कर लोग उन फुर्तीले सांपों को पकड़ने की कोशिश भी कर रहे हैं. उनमें कोबरा जैसे जहरीले सांप भी शामिल हैं.


चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV का हवाला देते हुए ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट छापी है. रिपोर्ट के मुताबिक गुआंग्शी में भारी बाढ़ के कारण एक ब्रीडिंग फार्म से सैकड़ों सांप भाग निकले हैं. इसकी वजह से अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल कम से कम 900 सांप खुले में घूम रहे हैं. गुआंग्शी के शहर हेंगझोउ में एक महिला की सांप के काटने के बाद हालत बिगड़ गई. बाढ़ की वजह से रास्ते बंद होने के कारण वो अस्पताल देर से पहुंची और उसकी मौत हो गई.
सोशल मीडिया पर बाढ़ के पानी में तैरते सांपों के वीडियो वायरल हो रहे हैं. घुटनों से ऊपर गहरे पानी में उतर कर लोग उन फुर्तीले सांपों को पकड़ने की कोशिश भी कर रहे हैं. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जो सांप फार्म से भाग निकले हैं, उनमें कोबरा जैसे जहरीले सांप भी शामिल हैं. भागे हुए सांपों को पकड़ने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं. अधिकारियों ने सांप के काटने से पीड़ित लोगों के तुरंत इलाज के लिए टेंपरोरी मेडिकल क्लिनिक भी बनाए हैं.
सबसे बड़ा सांप पालन का सेंटरचीन का गुआंग्शी, कमर्शियल सांप पालने का सबसे बड़ा सेंटर है. यहां पारंपरिक दवाओं, चमड़े के सामान और मांस के लिए लगभग 3 करोड़ रेप्टाइल्स माने रेंगने वाले जीवों को पाला जाता है. गुआंग्शी के क्षेत्रीय कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि हेंगझोउ इलाके के कई गांवों के पानी में डूबने के बाद कुछ इलाकों में सांप देखे गए हैं. इस इलाके में खतरनाक तूफान आए हैं, जिससे तालाब, बांध आदि टूट गए हैं.
नतीजा ये हुआ कि पानी का तेज बहाव कस्बों और शहरों में घुस गया है. इस कारण अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है. 1 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. गुआंग्शी के रीजनल प्रोपगैंडा ऑफिस के मुताबिक, बचाव अभियान में 8 हजार से अधिक लोगों और लगभग 5,700 नावों को तैनात किया गया है. तूफान की वजह से वहां मौजूद सुअर पालन केंद्रों में भी पानी भर गया है. साथ ही लकड़ी के उत्पादन पर असर पड़ा है और चमेली (जैस्मीन) के बागानों को नुकसान पहुंचा है. बाड़े टूटने के बाद गुआंग्शी इलाके के एक चिड़ियाघर से अल्पाका, छोटे आकार के सुअर और जेबरा समेत कम से कम 100 जानवर भाग निकले हैं.
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