ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने देश की महिला सैनिकों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की है. मंत्रालय ने अपनी नई गाइडलाइंस में कहा कि महिला सैनिकों को कठिन मिलिट्री ड्यूटी को पूरा करने के लिए दोगुना भोजन खाना होगा. साथ ही कम से कम 7 घंटे की नींद लेनी पड़ेगी. कई दशकों तक इस बात पर बहस होती रही कि क्या महिला सैनिक फ्रंटलाइन पर अपनी सेवाएं देने के लिए मजबूत हैं या नहीं.
'दोगुना खाना खाएं, 7 घंटे सोएं', महिला सोल्जर्स को ब्रिटेन सरकार ने ये निर्देश क्यों दिया?
British रक्षा मंत्रालय ने अपनी देश की महिला सैनिकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. गाइडलाइंस में महिला सैनिकों के खाने और उनकी नींद को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं.


हालांकि, अब इस बहस का ‘अंत’ हो गया है. अब महिलाएं भी पुरुषों की यूनिट्स का हिस्सा बन रही हैं. Daily Mail की रिपोर्ट के मुताबिक, मिलिट्री की खास रेजिमेंट्स में महिला सैनिकों को भर्ती बढ़ाने के लिए ब्रिटिश रक्षा प्रमुखों ने नई गाइडलाइंस जारी की है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि फिजिकल परफॉर्मेंस से जुड़ी लेटेस्ट साइंस के आधार पर महिला सैनिकों की फिटनेस, न्यूट्रिशन और रिकवरी में ‘बड़ा बदलाव’ लाया जाएगा. नई गाइडलाइंस के मुताबिक, महिलाओं को रोजाना करीब 3500 कैलोरी को अपने खाने में शामिल करना होगा.
30 ग्राम हाई क्वालिटी प्रोटीन भी लेंयह उन्हें पहले बताए गए नियमों का लगभग दोगुना है. साथ ही मांसपेशियों के तेजी से विकास के लिए रोजाना उन्हें करीब 30 ग्राम हाई क्वालिटी का प्रोटीन लेने की भी सलाह दी गई है. इसके अलावा ज्यादा नींद लेने की बात कही गई. एक्सपर्ट्स ने बताया कि जो महिला सैनिक 6 घंटे से कम नींद लेती हैं, उन्हें चोट लगने या पीरियड्स में गड़बड़ी की समस्या होने की ज्यादा संभावना होती है. यहां तक की बीमारी का जोखिम चार गुना और चोट लगने का जोखिम दोगुना से ज्यादा होता है.
सर्विस के दौरान सेना में काम करने वाली महिलाएं, जो प्रेग्नेंट नहीं होती हैं, उनको पीरियड्स में समस्या होती हैं. वहीं, दो में से एक को पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होती है. दोनों ही समस्याएं हार्मोनल है, लेकिन इसकी वजह से उनकी परफॉर्मेंस पर बुरा असर पड़ता है. नई गाइडलाइंस के मुताबिक, महिलाओं को अपनी डाइट में आयरन और विटामिन D की मात्रा भी बढ़ाने की सलाह दी गई है.
UK डिफेंस की नई 'शुरुआत'ब्रिटेन के मंत्री कैल्विन बेली ने कहा कि जंग के लिए तैयार रहने की क्षमता हमारे सभी लोगों की मजबूती, मुश्किल हालात में डटे रहने की ताकत और तैयारी पर निर्भर करती है. उन्होंने आगे कहा कि मुझे अपनी सर्विस के अनुभव से पता है कि महिलाओं ने हमेशा सबसे कड़े मानकों को पूरा किया है, लेकिन अक्सर उन्हें वो खास मदद नहीं मिल पाती है, जिसकी उन्हें जरूरत होती है.
मंत्री ने इस नई गाइडलाइंस को UK डिफेंस के लिए एक नई शुरुआत बताया. साथ ही कहा कि हमारी महिला सैनिकों को वह खास और सबूतों पर आधारित मदद मिले, जिसकी उन्हें अपने परफॉर्मेंस को सही करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत है.
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