उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर में धर्म परिवर्तन की कोशिश का मामला सामने आया है. यहां दो बसों में भरकर 100 से ज़्यादा लोगों को कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए ले जाया जा रहा था. तभी पुलिस ने दोनों बसों को रुकवा लिया. पुलिस ने बताया कि दोनों बसों में लगभग 50-50 लोग सवार थे. इस मामले में एक चर्च के पादरी समेत 2 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
यूपी: दो बसों में भरकर धर्म परिवर्तन कराने ले जा रहे थे आरोपी, शिकायत मिलने पर पहुंची पुलिस, फिर क्या हुआ?
Kanpur में Conversion पर बवाल हो गया. पुलिस ने दो बसों को रोका. समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक इन बसों में आरोपी 100 से ज़्यादा लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए Unnao ले जा रहे थे.


पुलिस की जानकारी के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए लोगों की पहचान साइमन विलियम (एक चर्च के पादरी) और दीपक मॉरिस के रूप में हुई है. ये दोनों कानपुर से हैं. साइमन और दीपक इन लोगों को उन्नाव ले जा रहे थे. इस समय पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया.
मामले में कर्नलगंज ACP महेश कुमार ने बताया कि उन्हें कथित तौर पर ईसाई धर्म में ग़ैरकानूनी तरीक़े से धर्मांतरण में शामिल गिरोह के बारे में पता चला था. इनपुट मिलने के बाद सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गंगा बैराज पहुंची. यहां पुलिस ने 100 से ज़्यादा पुरुषों और महिलाओं को ले जा रही दो बसों को रोका गया. आजतक से जुड़े रंजय सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक़, इसकी जानकारी बजरंग दल को दी गई थी. इसके बाद बजरंग दल ने इसकी शिकायत पुलिस से की. जिस पर पुलिस ने ये एक्शन लिया है.
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न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक़, एक पीड़ित संजय ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि आरोपी उसे जबरन ईसाई धर्म में कन्वर्ट करना चाहते थे. इसीलिए उसे 100 से ज़्यादा लोगों के साथ जबरन उन्नाव ले जा रहे थे. पुलिस ने बताया कि इन लोगों को हर महीने 40 से 50 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद, चिकित्सा सहायता और नौकरी देने का वादा किया गया था. FIR में ये भी बताया गया है कि धर्मांतरण के बाद हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति को अपने घरों से हटाने के लिए भी कहा गया था.
ACP ने बताया कि उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. आगे की जांच जारी है.
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