पश्चिम एशिया में जंग रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. अमेरिका का लगातार छठे दिन ईरान पर हमला जारी है. इस हमले में दक्षिण ईरान के बंदर अब्बास शहर को निशाना बनाया गया. ये शहर ईरान के सबसे ज़रूरी मिलिट्री और कमर्शियल हब में से एक है. रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि ईरान ने बदले में यमन में हूती विद्रोहियों को ‘रेड सी’ पर हमले की तैयारी करने को कहा है. अगर ऐसा हुआ तो पश्चिम एशिया में दो ज़रूरी तेल मार्ग इस जंग की भेंट चढ़ जाएंगे.
अमेरिका अगर बम बरसाएगा तो ये दूसरा रास्ता भी बंद होगा, ईरान सब ब्लॉक कर देगा?
US fresh strikes on Iran: अमेरिका का ईरान पर छठे दिन हमला जारी है. दक्षिण ईरान के बंदर अब्बास शहर को निशाना बनाया गया है. दूसरी तरफ ईरान ने हूतियों को एक दूसरा रास्ता बंद करने के लिए अलर्ट भेजा है. इससे सबकी टेंशन बढ़ जाएगी.


अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने X पर पोस्ट कर बताया कि अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर हमला किया है. बताया है कि करीब 50 हज़ार अमेरिकी सैनिक पूरे मिडिल ईस्ट में एक्टिव हैं और ईरान के खिलाफ ऑपरेशन में हिस्सा ले रहे हैं.
ईरान ने भी बताया कि उसके बंदर अब्बास शहर पर हमला हुआ है. बंदर अब्बास में ईरान का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट है. यहां कई ज़रूरी नेवल और IRGC की फैसिलिटी भी है जो होर्मुज से गुज़र रहे जहाजों पर नज़र रखते हैं. ईरानी न्यूज़ एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक, केश्म आइलैंड पर भी बमबारी की गई है.
ईरान ‘जवाब’ देने की तैयारी कर रहारॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यमन में हूती विद्रोहियों को ‘रेड सी’ पर हमले की तैयारी करने को कहा है. बताया गया कि तीन सूत्रों ने नाम न लेने की शर्त पर कहा है कि तेहरान की गुज़ारिश हूतियों तक पहुंचा दी गई है. मैसेज में कहा गया है कि अगर अमेरिका ईरान के पावर स्ट्रक्चर पर हमला करता है तो तुरंत इस प्लान को एक्शन में लाया जाए. प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर होर्मुज में जहाजों पर हमला नहीं रुका तो पावर स्ट्रक्चर पर ज़ोरदार हमला होगा.
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि हूतियों ने बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट पर हमले की पूरी तैयारी कर ली है. ये स्ट्रेट ‘रेड सी’ को ‘अदन की खाड़ी’ से जोड़ता है. सूत्रों के मुताबिक, ड्रोन और मिसाइल हमले के लिए तैयार हैं, बस हरी झंडी का इंतज़ार है. सूत्रों ने ये भी बताया है कि यमन में IRGC के कुछ प्रतिनिधि हैं जो ये तय करेंगे कि एक्शन कब लेना है.
मिडिल ईस्ट में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पहले से ही बंद है. ऐसे में अगर बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट पर हमला हुआ तो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और बाधित हो जाएगी. अमेरिका-ईरान के जंग में दोनों ज़रूरी तेल मार्ग जंग का मैदान बन जाएंगे.
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वाइट हाउस में क्या पक रहा?एक तरफ जहां अमेरिकी मिलिट्री का ईरान पर हमला जारी है और ईरान भी इन हमलों का जवाब दे रहा है. दूसरी तरफ वाइट हाउस में प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट अलग कहानी सुना रही हैं. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि तेहरान अब भी वॉशिंगटन के साथ एग्रीमेंट करना चाहता है. उन्होंने कहा कि ईरान इसलिए अमेरिका के साथ डील करना चाहता है क्योंकि वो बुरी तरह संघर्ष कर रहा है.
उन्होंने ईरान पर अमेरिकी हमले को डिफेंड करते हुए कहा कि प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप केवल बैठकर होर्मुज में ईरान का आतंक नहीं देख सकते. इसपर एक्शन लेना ज़रूरी है. आखिर में कहा कि बातचीत का रास्ता अब भी खुला है.
वीडियो: आखिर क्या होगा अमेरिका-ईरान के बीच टकराव का नतीजा?








