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उदयपुर हत्याकांड पर जामा मस्जिद के शाही इमाम बोले, 'कुरान पढ़ी होती तो ऐसा ना करते'

शामी इमाम सैयद अहमद बुखारी ने एक लेटर जारी कर उदयपुर हत्याकांड के आरोपियों के लिए काफी कुछ कहा है.

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मृतक कन्हैयालाल और दोनों आरोपी.

उदयपुर के कन्हैया लाल हत्याकांड के बाद मुस्लिम समुदाय और नेताओं की तरफ से लगातार बयान आ रहे हैं. हर किसी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी इस मामले में बयान जारी किया है. बुधवार 29 जून को उन्होंने कहा कि ये हत्या ना सिर्फ कायरतापूर्ण है, बल्कि इस्लाम के भी खिलाफ है.

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शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने एक लेटर जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा है, 

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इस हृदयविदारक और बेरहमी से की गई हत्या ने पूरी मानवता को हिला कर रख दिया है. पैगंबर के नाम पर जिस अमानवीय तरीके से रियाज़ और गौस ने कन्हैया लाल की हत्या की है, वो ना सिर्फ कायरतापूर्ण है बल्कि इस्लाम के भी खिलाफ है. मैं भारत के सभी मुसलमानों की तरफ से इस हत्या की निंदा करता हूं. इस्लाम शांति का धर्म है. अल्लाह के पैंगबर का जीवन करुणा, सहिष्णुता, उदारता और मानवता के उदाहरणों से भरा हुआ है. जिन्होंने ये घिनौना अपराध किया है, अगर उन्होंने पैगंबर के जीवन के बारे में और कुरान और शरिया के बारे में ठीक से पढ़ा होता तो वो ऐसा कभी नहीं करते.

ये पूरा बवाल मंगलवार 28 जून की शाम से शुरु हुआ. राजस्थान के उदयपुर से खबर आई कि शहर में टेलरिंग की दुकान चलाने वाले कन्हैया लाल की दो लोगों ने हत्या कर दी है. वारदात को किसने अंजाम दिया, इसकी जांच से पहले ही आरोपियों ने खुद ही अपना वीडियो वायरल कर बताया कि उन्होंने ही कन्हैया लाल को मारा है. इन दोनों ने खुद ही बताया कि उनके नाम मोहम्मद रियाज़ अख्तारी और गौस मोहम्मद हैं. इसके साथ ही उन्होंने कन्हैया की हत्या का वीडियो भी जारी कर दिया.

दोनों वीडियो वायरल होते ही इस मामले ने बहुत तेजी से बड़ा बवाल खड़ा कर दिया. राजस्थान सरकार के साथ केंद्र सरकार भी सक्रिय नजर आई. गृह मंत्रालय ने एनआईए के चार अधिकारियों की टीम उदयपुर रवाना कर दी. वहीं राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया. इस बीच ही दोनों आरोपियों को राजसमंद में पकड़ लिया गया. बुधवार को कन्फर्म हो गया कि इस मामले की जांच एनआईए करेगी. राजस्थान के डीजीपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों के ऊपर UAPA यानी अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.

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