36 दिनों तक चले CJP आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने पहले धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में बनाए रखने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन CJP ने इसे स्वीकार नहीं किया और उनके पूर्ण इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा. आखिरकार सरकार ने यह मांग मान ली. वहीं, संसद में पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की भी तैयारी है. जानिए पूरा घटनाक्रम, देखिए पूरी रिपोर्ट.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले CJP को क्या प्रस्ताव दिया गया था? सरकार पर बड़ा खुलासा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP ने धर्मेंद्र प्रधान को सिर्फ शिक्षा मंत्रालय से हटाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. आखिर बातचीत कैसे आगे बढ़ी और पेपर लीक कानून पर क्या तैयारी है, देखिए पूरी रिपोर्ट.
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