अंपायर्स कॉल.
एडिलेड टेस्ट का तीसरा दिन खत्म होने तक इंडिया की स्थिति मजबूत हो चुकी है. यानी ये पूरी तरह से इंडिया के कंट्रोल में है. दिन खत्म होने तक इंडिया ने तीन विकेट के नुकसान पर 151 रन बना लिए हैं और पहली पारी से 15 रनों की लीड को भी जोड़ लें तो इंडिया इस वक्त ऑस्ट्रेलिया से 166 रनों की लीड ले चुकी है. एडिलेड की पिच पूरी तरह से थीमी पड़ चुकी है और यहां रन बनाना बहुत मुश्किल टास्क है. वहीं अगर ये काम चौथी पारी में करना हो तो और भी ज्यादा मुश्किल. इंडिया ने दिन की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के तीन विकेट निकाल करके की. 191/7 के आगे खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ने अपना आठवां विकेट 204 के स्कोर पर खो दिया. फिर थोड़ी देर बारिश से मैच रुका और जब वापस चालू हुआ तो मोहम्मद शमी ने दो गेंदों पर दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को 235 पर रोक दिया. शमी ने ट्रेविस हेड और जोश हेजलवुड को निपटाया और अब चौथी पारी में जब शमी के हाथ में गेंद आएगी तो वो हैट्रिक पर होंगे. यहां फिर वारिश हुई और इस चक्कर में लंच जल्दी हो गया. साथ ही दिन के ओवर भी कम होकर 61 हो गए. पहली पारी में 15 रनों की लीड लेने के बाद जब इंडियन ओपनिंग जोड़ी मैदान पर उतरी तो कमाल हो गया. कमाल ये कि दोनों ने पहली दफा किसी विदेशी दौरे पर 50 रनों की पार्टनरशिप की. जी हां, पहली बार. केएल राहुल और मुरली विजय ने जो गलती पहली पारी में की थी, वो यहां दोबारा नहीं दोहराई. दोनों ये कसम खाकर उतरे थे कि क्रीज पर टाइम बिताना है. हुआ भी यही, पहले 10 ओवरों में सिर्फ 19 रन बनाए. 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर पारी का पहला चौका मारा. मगर दोनों का यूं टिकना ऑस्ट्रेलिया को खलने लगा था. इसलिए यहां 11वें ओवर में एक मजेदार चीज देखने को मिली. ओवर पैट कमिन्स का था. सामने केएल राहुल थे. कमिन्स ने शॉर्ट और बाहर निकलती हुई गेंद फेंकी. राहुल ने उसे जोर से खेलने के लिए बल्ला तलवार की तरह चलाया मगर वो बीट हो गए. राहुल ने तुरंत ग्लव्स चेंज करने का इशारा किया. कमिन्स ने राहुल के पास आकर कुछ कहा. ऐसा लगा जैसे इस तेज गेंदबाज ने केएल राहुल को कहा कि रन बल्ले से बनेंगे, ग्लव्स से नहीं.

फिर ग्लव्स चेंज करके अगली गेंद पर राहुल ने कट शॉट खेलकर चौका मार दिया. पैट कमिन्स ने फिर हाथ का इशारा करने ग्लव्स के बारे में कुछ कहा. मानों कह रहे हों कि ह्यूमिडिटी बहुत है, हाथ में पसीना आ रहा है. उसके बाद राहुल ने कवर्स के ऊपर से छक्का मार दिया. इंडिया की पहले विकेट ले लिए 63 रनों की पार्टनरशिप हुई. मुरली विजय ने 18 रन बनाए और फिर 44 रन बनाकर राहुल भी आउट हो गए. मगर तब तक इंडिया को एक सॉलिड स्टार्ट मिल चुका था जिसे पुजारा और कोहली ने आगे बढ़ाया. दोनों ने 71 रनों की पार्टनरशिप की. जब 34 रन बनाकर आउट हुए तो स्कोर 147 हो चुका था. नैथन ने कोहली को फिर सबसे ज्यादा 6 बार आउट किया है. साथ ही कोहली ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1000 रन अपनी 18वीं टेस्ट पारी में पूरे कर लिए हैं. दिन खत्म होने तक इंडिया स्कोरबोर्ड पर 166 रनों की लीड ले चुकी थी.

मगर यहां जिक्र एक बात का करना बेहद जरूरी है. वो ये कि 40 रनों की अपनी नाबाद पारी में चेतेश्वर पुजारा को अंपायर ने दो बार आउट दे दिया. दोनों बार पुजारा ने कॉन्फिडेंस से रिव्यू लिया और दोनों बार वो नॉट आउट पाए गए. दोनों बार बॉलर भी नैथन लायन थे और अंपायर भी निगेल लॉन्ग. पहले 24वें ओवर की आखिरी गेंद पर पुजारा ने बल्ले छुआने की कोशिश की और कीपर ने कैच कर लिया. अंपायर ने उंगली उठा दी. मगर पुजारा ने रिव्यू ले लिया जिसमें वो बच गए. फिर दोबारा 40वें ओवर की दूसरी गेंद पर फिर नैथन लायन ने एलबीडब्ल्यू की अपील की और अंपायर ने फिर उंगली उठा दी. पुजारा ने फिर रिव्यू ले लिया और फिर साफ हो गया कि गेंद स्टंप मिस कर रही थी. पुजारा फिर बच गए और नैथन लायन पूरी तरह फ्रस्ट्रेट. पुजारा ने दोनों रिव्यू बचाए.
तो इस तरह पुजारा ने पहली पारी में 123 बनाने के बाद दूसरी पारी में नॉट आउट 40 बनाकर ऑस्ट्रेलिया की नाक में दम कर दिया है. अब बारिश की संभावनाओं के बीच इंडिया को चौथे दिन अपने इस स्कोर में कम से कम 150 रन और जोड़ ऑस्ट्रेलिया के सामने 300 पार का टारगेट रखना होगा. वैसे 2010 से ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर चौथी पारी में 200 पार का टारगेट चेज नहीं किया है. उम्मीद कीजिए कि इंडिया ये मैच जीतकर सीरीज में बढ़त बना ले और यहां सीरीज जीतने के सपने के एक कदम करीब पहुंच जाए.