पहले ये घटना देखिए-
बुधवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच मैच चल रहा था. अफ्रीकी टीम 77 के स्कोर पर 2 विकेट खोकर खेल रही थी. जिवेशन पिल्लै 47 के स्कोर पर खेल रहे थे. गेंद स्टंप्स के पास गिर कर वहीं घूमने लगी. फिर बल्ले से अपनी स्टंप्स बचाईं और गेंद उठाकर विकेटकीपर को दे दी. कीपर ने मामूली से अपील की. किसी को नहीं पता चला नहीं चला कि अंपायर्स एकदम क्या डिस्कस करने लगे. और फिर थर्ड अंपायर ने आउट दे दिया.

साउथ अफ्रीका ने इस मैच में वेस्टइंडीज को हरा दिया है.
पता चला कि जिवेशन को फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के कानून के तहत आउट दिया गया. इससे न सिर्फ खुद ये बल्लेबाज, बल्कि खुद अफ्रीकी टीम के कई प्लेयर्स, कमेंटेर्स भी हैरान थे. ये कानून है- लॉ 37.4 (फील्डर को गेंद वापिस देना). खेल के दौरान यदि बैट्समेन बिना फील्डर से पूछे गेंद उठाकर पकड़ाता है तो ये इस कानून के तहत आउट दिया जा सकता है. इस घटना में भी अंपायर्स ने विकेटकीपर्स से पूछा कि क्या उसने बल्लेबाज से बॉल फेंकने को कहा था, जिसके जवाब में कीपर ने न बोला.
अब इस पर कई क्रिकेटर्स नाराजगी जता रहे हैं. कह रहे हैं कि एेसा तो वो सैंकड़ों बार कर चुके हैं. कभी उन्हें तो आउट नहीं दिया गया. साथ ही इस पर भी चर्चा होनी शुरू हो गई है कि इस तरह के क्रिकेट लॉ को खत्म कर देना चाहिए.


Also Read-
टीम इंडिया जितने रन बनाकर जीती, उसमें 85% तो अकेले पृथ्वी शॉ ने बनाए हैं










