उत्तर प्रेदश के सुल्तानपुर में एक सरकारी डॉक्टर की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. आरोपी का नाम अजय नारायण सिंह है, जो BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीश नारायण सिंह उर्फ बब्बन सिंह का भतीजा है. मामला जमीनी विवाद और पैसों की लेनदेन से जुड़ा है. जानकारी के मुताबिक, मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है लेकिन कोई केस दर्ज नहीं करवाया.
यूपी में सरकारी डॉक्टर की पीट-पीटकर हत्या, BJP नेता के भतीजे पर आरोप लगा
डॉक्टर को पीटकर ऑटो से घर भेज दिया लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो गई. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अपराधी को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है.

इंडिया टुडे से जुड़े महेश शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान डॉ. घनश्याम तिवारी के तौर पर हुई है. वो लंभुआ इलाके के शास्त्री नगर मोहल्ले में पत्नी के साथ रहते थे. जयसिंहपुर के जासपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदाकर्मी के तौर पर तैनात थे. 23 सितंबर की शाम डॉ घनश्याम घर से निकले थे. इसी दौरान उन पर हमला हुआ.
मृतक की पत्नी निशा तिवारी ने बताया कि देर शाम को एक ऑटो वाला उनके घर के बाहर आया और घायल हालत में डॉ घनश्याम को घर के बाहर छोड़कर भाग गया. हमलावरों ने डॉक्टर का हाथ तक तोड़ डाला. उन्हें तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शव को पोस्टमॉर्टम में लिए भेजा गया है.
मृतक की पत्नी का आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते अजय नारायण सिंह ने डॉक्टर को बुरी तरह पीटा. बताया कि उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर के पीछे जमीन खरीदी थी, जिसको लेकर आए दिन बवाल हो रहा था.
इस घटना पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाया है. पार्टी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर डॉक्टर की पत्नी का वीडियो शेयर कर लिखा,
"यूपी में जंगलराज व्याप्त! भाजपा नेता के भतीजे ने डाक्टर को पीट पीटकर मार डाला! सुल्तानपुर में भाजपा नेता के भतीजे के द्वारा डॉक्टर घनश्याम तिवारी की पीट-पीट कर निर्मम हत्या, अत्यंत दुखद!मुख्यमंत्री जी आरोपी की संपत्तियों पर कब चलेगा आपका बुलडोजर? पीड़ित परिवार को कब मिलेगा न्याय?"
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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अपराधी को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है. यूपी कांग्रेस ने लिखा है,
"सुल्तानपुर के एक CHC में तैनात डॉक्टर घनश्याम तिवारी को अपराधियों ने पीट-पीटकर मार डाला. फिर शव को रिक्शे पर लादकर मृतक के घर भेज दिया. यह हत्या करने वाले हत्यारों में प्रमुख रूप से जो अजय नारायण सिंह शामिल है, वो जिले के शीर्ष भाजपा नेता का भतीजा और भाई बताया जा रहा है. जाहिर है! ये अपराधी सत्ता संरक्षित ही होगा. सत्ता संरक्षित अपराधियों ने इस प्रदेश में ब्राह्मणों से लेकर दलितों तक का जीना मुहाल कर दिया है. लेकिन, पुलिस इनके चरणचुम्बन के अतिरिक्त कुछ नहीं कर सकती. क्योंकि, उसे केवल गरीबों को प्रताड़ित करने का निर्देश प्राप्त है. इन गुंडों पर कार्रवाई का नहीं."
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी और जिलाध्यक्ष डॉ RA वर्मा जिला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है. कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि मृतक के परिवार की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि पोस्टमोर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, SP ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई गई है.













