"चप्पल उतारूं सर? मैं नॉर्मल आदमी हूं, मुझे ठंड लग रही है... " 27 जुलाई को दी लल्लनटॉप के न्यूजरूम में आते ही मोहम्मद इरफान के यही अल्फाज थे. इससे पहले, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी खुद इरफान के घर जाकर उनसे और उनके परिवार से मिले थे. ये वही इरफान हैं, जिनकी मेहनतकश मजदूर, छात्रों की बेबसी, लोकतंत्र, संविधान और मूलभूत अधिकारों पर बेबाक बातें लोगों के दिलों को छू रही हैं. इरफान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में चले प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया था. लल्लनटॉप ने उन्हें रिपोर्ट किया, जिसके वीडियो काफी वायरल हैं.
राहुल गांधी घर पर मिलने गए तो इरफान उनसे बोले- 'अगर आपने वादाखिलाफी की तो... '
Rahul Gandhi ने Delhi के रहने वाले Mohammad Irfan के घर जाकर उनसे मुलाकात की. इस दौरान राहुल ने अपनी बहन Priyanka Gandhi Vadra से उनकी बात कराई. प्रियंका ने इरफान से फोन पर काफी देर बात की. इस दौरान क्या बातें हुईं? इरफान ने लल्लनटॉप को सारी बातें बताईं.

न्यूजरूम पहुंचकर मोहम्मद इरफान ने बताया कि उन्हें बहुत खुशी हुई कि राहुल गांधी उनके घर आए. उनके मुताबिक, लोकतंत्र में विपक्ष की बड़ी जिम्मेदारी है. इरफान ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के सामने मजदूर वर्ग की समस्याओं को उठाने की कोशिश की. उन्होंने तय किया कि जरूरी मुद्दे देश के विपक्ष के सामने रखे जाएं.
राहुल के लिए क्या कहा?मोहम्मद इरफान ने राहुल गांधी पर बात करते हुए कहा,
"राहुल बड़े नेता हैं, आज नहीं तो कल वो सत्ता में आएंगे. तो मैंने उनसे बोला कि सर, अगर आपने हमारी वादाखिलाफी की, तो हम आपकी खिलाफत भी करेंगे और रोड पर उतर जाएंगे. मैंने उनसे कहा कि अगर देश अच्छा कर रहा है, तो उसका लाभ तमाम लोगों तक पहुंचना चाहिए."
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें बोलने का पूरा मौका दिया. उनके मुताबिक, राहुल सुनते रहे, बहुत कम बोले. उनके सामने मजदूरों की पीड़ा का जिक्र किया. बच्चों के स्कूल डॉप आउट की बात की. इस बीच राहुल गांधी ने उनकी अपनी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से फोन पर बात कराई.
प्रियंका गांधी से क्या बात हुई?प्रियंका गांधी ने इरफान से कहा कि वे राहुल गांधी को शादी करने के लिए कहें. प्रियंका ने कहा कि शादी को लेकर राहुल उनकी बात नहीं मानते. जवाब में इरफान ने मजाकिया अंदाज में प्रियंका से कहा कि वे चाहते हैं कि राहुल शादी ना करें. जैसे उनकी शादी अब तक नहीं हुई है वैसे ही राहुल भी कुंवारे ही रहें.
इरफान ने शादी ना करने की भी वजह बताई,
"मैं पिछले 15 सालों से अलग-अलग समय पर धरने में था. मैंने शादी भी नहीं की. मेरी सोच बिल्कुल अलग थी. मैंने छोटे भाई की शादी करा दी और मैंने आगे भी अविवाहित रहने का फैसला किया. मुझे इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता. ये सख्त गुनाह है इस्लाम के नजरिए से. बहुत बड़ा गुनाह है. लेकिन मैं भारत में जन्मा हूं. यहां त्याग और करुणा और प्रेम दया भी है. तो मैं उधर झुक गया. मैंने अपने जीवन को उस तरफ, मतलब अकेले रहने का फैसला किया."
इरफान ने स्कूल में पढ़ाई नहीं की. उन्होंने कहा,
"मैं सब बोलकर (वॉइस सर्च) करता हूं. YouTube पर बोलकर सर्च करता हूं. मुझे इंग्लिश नहीं आती और मैं लिख भी नहीं पाता, बस हल्का-हल्का हिंदी पढ़ लेता हूं."
राहुल ने भी उनसे पूछा कि बिना पढ़े-लिखे उन्होंने ज्ञान का भंडार कैसे हासिल किया. जवाब में इरफान ने बताया,
"सर, जब आप किसी चीज को चाहते हैं तो सारी कायनात उसे मिलाने में लग जाती है. मैंने चाहा कि मैं अपनी बड़ी आबादी का दर्द दुनिया के सामने रखूं."
इरफान दिल्ली के सावदा के जेजे कॉलोनी में रहते हैं. उन्होंने कहा कि उनके इलाके में नशाखोरी की बड़ी समस्या है. बच्चे और युवा स्मैक आदि के लत के शिकार हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि लल्लनटॉप के उनके घर जाने से उनके इलाके में नशाखोरी पर लगाम लगी है.
मोहम्मद इरफान ने कहा कि विंग कमांडर अल्पना जोशी उन्हें उनकी बहन की शादी के लिए सोने के कंगन देना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने बस इतना कहा कि हमें सोना नहीं, आपका प्यार चाहिए. उन्होंने मदद लेने में हिचकिचाहट के पीछे डर बताया. उन्हें डर है कि मदद लेने से उन पर विदेशी फंडिंग के आरोप लग सकते हैं. उन्होंने बताया कि उनका कोई बैंक अकाउंट भी नहीं है.
इरफान ने कौन सी कविताएं सुनाईं?इस बीच इरफान ने गोपालदास 'नीरज' एक कविता सुनाई,
"स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल से,
लुट गए सिंगार सभी बाग के बबूल से,
और हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे,
कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे.नींद भी खुली न थी कि हाय धूप ढल गई,
पांव जब तलक उठे कि जिन्दगी फिसल गई,
पात-पात झर गए कि शाख-शाख जल गई,
चाह तो निकल सकी न, पर उमर निकल गई."
इरफान ने राहुल गांधी के सामने सुनाई अहमद फराज की शायरी को दोहराया,
"काफिर हूं, सरफिरा हूं, मुझे मार दीजिए. मैं सोचने लगा हूं, मुझे मार दीजिए. एहतिराम-ए-हजरत-ए-इंसान मेरा दीन बेदीन हो गया हूं. मैं सभी दीनों को मानने लगा हूं धर्म मैं सभी दीनों को मानने लगा हूं, मुझे मार दीजिए. मैं पूछने लगा हूं सबब अपने कत्ल का. अब हद से बढ़ रहा हूं, मुझे मार दीजिए.
मैं ठीक सोचता हूं, कोई हद है मेरे लिए. मैं साफ देखता हूं, मुझे मार दीजिए. यह जुल्म है कि जुल्म को कहता साफ जुल्म. क्या जुल्म कर रहा हूं, मुझे मार दीजिए. जिंदा रहा तो करता रहूंगा प्यार. मैं साफ कह रहा हूं, मुझे मार दीजिए."
इरफान ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि शासन लापरवाह है और वह मीडिया से डरता है, क्योंकि वह करप्ट है. उन्होंने कहा कि मीडिया सब गरीबों की आवाज बने, क्योंकि करोड़ों इरफान गलियों में हैं. मीडिया को कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका पर नकेल कसने के लिए रखा गया है.
कम मजदूरी पर बात करते हुए इरफान ने कहा कि मेहनतकश मजदूरों को उनकी वाजिब मजदूरी मिलने का हक है. तंज कसने के लिए इरफान ने तनवीर सिप्रा की लेखनी का सहारा लिया,
"मिल मालिक के कुत्ते भी चर्बीले हैं,
लेकिन मजदूरों के चेहरे पीले हैं."
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इरफान ने बताया कि उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जैसे अलग-अलग वैचारिक छात्र संगठनों के प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है.
वीडियो: CJP के विरोध प्रदर्शन में आए रेड़ी लगाने वाले इरफान ने क्या बोल दिया?













